30 जुलाई 2026
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गिरनार की सीढ़ियों पर तीन शेर: वन विभाग का सुरक्षा अभियान जारी, तीर्थयात्रियों से समूह में चलने की अपील

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गिरनार की सीढ़ियों पर तीन शेर: वन विभाग का सुरक्षा अभियान जारी, तीर्थयात्रियों से समूह में चलने की अपील

सारांश

गुजरात के गिरनार की पवित्र सीढ़ियों पर तीन शेर देखे गए — और वन विभाग का जवाब तत्काल था। 11 जुलाई की घटना के बाद से जारी पेट्रोलिंग अभियान के बीच यह नई चुनौती मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की नाज़ुक कड़ी को एक बार फिर उजागर करती है।

मुख्य बातें

गिरनार की सीढ़ियों पर तीन शेर देखे गए; वन विभाग का स्टाफ तुरंत मौके पर पहुँचा।
11 जुलाई की पिछली घटना के बाद से वन विभाग के अधिकारी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
तीर्थयात्रियों को समूह में चलने और शाम के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
वन्य प्राणी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।
11 जुलाई की घटना में मौजूद सभी लोगों का रेस्क्यू सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

गुजरात के जूनागढ़ स्थित गिरनार की पवित्र सीढ़ियों पर तीन एशियाई शेर देखे गए, जिसके बाद वन विभाग ने तत्काल सुरक्षा अभियान शुरू किया। 30 जुलाई को विभाग के प्रतिनिधि ने पत्रकारों को बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और अधिकारी मौके पर मौजूद थे। तीर्थयात्रियों एवं आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे समूह में यात्रा करें और किसी भी वन्य प्राणी के दिखने पर तुरंत विभाग को सूचित करें।

मुख्य घटनाक्रम

वन विभाग के अनुसार, गिरनार की सीढ़ियों पर तीन शेर विचरण करते हुए देखे गए। विभाग के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि जैसे ही शेर दिखे, विभाग का स्टाफ तुरंत उनके पीछे पहुँच गया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। यह क्षेत्र वन्य प्राणियों के स्वाभाविक आवागमन का इलाका माना जाता है।

11 जुलाई की घटना और उसके बाद

वन विभाग ने बताया कि 11 जुलाई को भी इसी क्षेत्र में एक घटना हुई थी, जिसमें मौजूद सभी लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया था। विभाग के अनुसार, उस घटना के बाद से ही अधिकारी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। वर्तमान में दिखाई देने वाला शेरों का समूह उस पिछले समूह से पूरी तरह अलग है।

सुरक्षा के लिए वन विभाग की अपील

विभाग ने आम नागरिकों और तीर्थयात्रियों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी है। विभाग के प्रतिनिधि ने कहा कि शाम का समय वन्य प्राणियों के आवागमन का प्रमुख समय होता है, इसलिए इस दौरान विशेष सतर्कता ज़रूरी है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे सीढ़ियों पर समूह में चलें, क्योंकि इससे वे सुरक्षित रहते हैं।

आम जनता के लिए दिशा-निर्देश

यदि कोई व्यक्ति सीढ़ियों पर शेर या किसी अन्य वन्य प्राणी को देखे, तो फौरन वन विभाग को सूचित करें ताकि अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँच सकें। विभाग ने भरोसा दिलाया कि पूरी कार्ययोजना तैयार है और उसी के अनुसार काम किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि किसी भी तीर्थयात्री या नागरिक को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

क्या होगा आगे

वन विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिया कि गिरनार क्षेत्र में पेट्रोलिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि गिरनार गुजरात का एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहाँ बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। ऐसे में मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिना स्पष्ट 'बफर ज़ोन' नीति और तीर्थयात्रियों के लिए संस्थागत जागरूकता कार्यक्रम के, यह प्रबंधन प्रतिक्रियात्मक ही रहेगा। मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए नीतिगत स्तर पर ठोस कदम ज़रूरी हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरनार की सीढ़ियों पर शेर क्यों दिखे?
गिरनार और उसके आसपास का क्षेत्र एशियाई शेरों का स्वाभाविक आवागमन क्षेत्र है। वन विभाग के अनुसार, शाम का समय विशेष रूप से वन्य प्राणियों की आवाजाही का होता है, जिसके कारण शेर सीढ़ियों तक पहुँच जाते हैं।
क्या गिरनार की सीढ़ियों पर जाना अभी सुरक्षित है?
वन विभाग ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और कहा है कि अधिकारी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे समूह में यात्रा करें और शाम के समय विशेष सावधानी बरतें।
11 जुलाई की घटना में क्या हुआ था?
वन विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को गिरनार क्षेत्र में एक घटना हुई थी जिसमें मौजूद सभी लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया। उस घटना के बाद से ही विभाग के अधिकारी निरंतर पेट्रोलिंग में लगे हैं।
शेर दिखने पर क्या करना चाहिए?
वन विभाग ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सीढ़ियों पर शेर या कोई अन्य वन्य प्राणी देखे तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। घबराएँ नहीं, समूह में रहें और जानवर को उकसाने की कोशिश न करें।
वन विभाग ने तीर्थयात्रियों के लिए क्या निर्देश जारी किए हैं?
विभाग ने तीर्थयात्रियों से कहा है कि वे हमेशा समूह में चलें, शाम के समय विशेष सतर्कता बरतें, और किसी भी वन्य प्राणी के दिखने पर फौरन वन विभाग को सूचित करें। विभाग ने आश्वासन दिया है कि पूरी कार्ययोजना तैयार है।
राष्ट्र प्रेस
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