गिरनार की सीढ़ियों पर तीन शेर: वन विभाग का सुरक्षा अभियान जारी, तीर्थयात्रियों से समूह में चलने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के जूनागढ़ स्थित गिरनार की पवित्र सीढ़ियों पर तीन एशियाई शेर देखे गए, जिसके बाद वन विभाग ने तत्काल सुरक्षा अभियान शुरू किया। 30 जुलाई को विभाग के प्रतिनिधि ने पत्रकारों को बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और अधिकारी मौके पर मौजूद थे। तीर्थयात्रियों एवं आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे समूह में यात्रा करें और किसी भी वन्य प्राणी के दिखने पर तुरंत विभाग को सूचित करें।
मुख्य घटनाक्रम
वन विभाग के अनुसार, गिरनार की सीढ़ियों पर तीन शेर विचरण करते हुए देखे गए। विभाग के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि जैसे ही शेर दिखे, विभाग का स्टाफ तुरंत उनके पीछे पहुँच गया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। यह क्षेत्र वन्य प्राणियों के स्वाभाविक आवागमन का इलाका माना जाता है।
11 जुलाई की घटना और उसके बाद
वन विभाग ने बताया कि 11 जुलाई को भी इसी क्षेत्र में एक घटना हुई थी, जिसमें मौजूद सभी लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया था। विभाग के अनुसार, उस घटना के बाद से ही अधिकारी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। वर्तमान में दिखाई देने वाला शेरों का समूह उस पिछले समूह से पूरी तरह अलग है।
सुरक्षा के लिए वन विभाग की अपील
विभाग ने आम नागरिकों और तीर्थयात्रियों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी है। विभाग के प्रतिनिधि ने कहा कि शाम का समय वन्य प्राणियों के आवागमन का प्रमुख समय होता है, इसलिए इस दौरान विशेष सतर्कता ज़रूरी है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे सीढ़ियों पर समूह में चलें, क्योंकि इससे वे सुरक्षित रहते हैं।
आम जनता के लिए दिशा-निर्देश
यदि कोई व्यक्ति सीढ़ियों पर शेर या किसी अन्य वन्य प्राणी को देखे, तो फौरन वन विभाग को सूचित करें ताकि अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँच सकें। विभाग ने भरोसा दिलाया कि पूरी कार्ययोजना तैयार है और उसी के अनुसार काम किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि किसी भी तीर्थयात्री या नागरिक को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
क्या होगा आगे
वन विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिया कि गिरनार क्षेत्र में पेट्रोलिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि गिरनार गुजरात का एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहाँ बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। ऐसे में मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता बनी हुई है।