हैंडलूम अपनाने की नसीहत देने वाले पहले खुद पहनें: राजद विधायक भाई वीरेंद्र का PM मोदी पर निशाना
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी वीडियो संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो नेता दूसरों को हैंडलूम अपनाने की सलाह देते हैं, उन्हें पहले स्वयं इसका उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
मुख्य आरोप: 'पहले खुद करें, फिर कहें'
भाई वीरेंद्र ने सीधे प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, 'आप प्रधानमंत्री हैं, तो पहले आपको हैंडलूम का कपड़ा पहनकर रहना चाहिए, तब आपका अनुसरण जनता करेगी। आप दस सूट रोज बदलते हैं, जब आप खुद करेंगे, तभी जनता उसका अनुसरण करेगी।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री दिनभर में जो दस सूट बदलते हैं, वे किस हैंडलूम के बने हैं।
बांकीपुर हार के बाद राजद का संगठन पुनर्गठन
बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद राजद ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है — पार्टी की सभी इकाइयाँ भंग कर दी गई हैं। इस पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि नेतृत्व का इरादा एक मजबूत और विश्वसनीय संगठन खड़ा करने का है। उन्होंने बताया, 'बहुत जल्द नए सिरे से कार्यकर्ताओं से राय करके नया संगठन बनाया जाएगा।'
बिहार में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
भाई वीरेंद्र ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई। उनका कहना था कि राज्य में विधायक, आम नागरिक, किसान, मजदूर, कर्मचारी, अधिकारी और छात्र — हर वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा, 'आए दिन किसी की हत्या हो जा रही है, किसी पदाधिकारी की, किसी पत्रकार की — निश्चित रूप से इस पर लगाम लगाने की जरूरत है।'
पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप
राजद विधायक ने पुलिस तंत्र पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार, 'अधिकांश पुलिसकर्मी शराब बेचने और बिकवाने में लगे हुए हैं। कोई बालू माफियाओं से मिला हुआ है, कोई शराब माफियाओं से।' उन्होंने माँग की कि बिहार में कानून का राज कायम करने के लिए पुलिस पर सख्त नकेल कसी जाए।
झारखंड पेपर लीक आंदोलन पर समर्थन
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि राजद हर उस आंदोलन के साथ है जहाँ युवा और छात्र अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, 'जो भी राज्य हो और कहीं भी प्रदर्शन हो रहे हों, हम उनके आंदोलन के साथ हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल छात्र राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं।