लखनऊ में अग्नि नियंत्रण सेल ने जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए की पूरी तैयारी
सारांश
Key Takeaways
- वन विभाग ने आग से बचाव की तैयारी पूरी कर ली है।
- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
- 116 अग्नि नियंत्रण सेल स्थापित किए गए हैं।
- आम नागरिक भी आग की घटनाओं की सूचना दे सकते हैं।
- वन अग्निकाल 15 जून तक है।
लखनऊ, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मौसम में बदलाव के साथ, वन विभाग ने आग से बचाव की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली हैं। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि गर्मी में जंगलों में आग लगने की घटनाएँ न हों, इसके लिए अभी से सतर्क रहें। वन विभाग ने ऐसी घटनाओं की निगरानी और रोकथाम हेतु मुख्यालय से लेकर प्रभागीय स्तर और जोनल-मंडलीय मुख्य वन संरक्षक स्तर तक नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। प्रदेश मुख्यालय पर स्थापित अग्नि नियंत्रण सेल सक्रिय हैं।
प्रदेश में कुल 116 अग्नि नियंत्रण सेल विभिन्न प्रभागों, वृत्तों, और मुख्यालय स्तर पर बनाए गए हैं। ये सेल 24 घंटे कार्य करेंगे। कर्मचारियों की तैनाती तीन शिफ्ट में की जाएगी (सुबह छह से दोपहर दो बजे, दोपहर दो बजे से रात 10 बजे, और रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक)। सभी रेंजों में सूचनाओं को रजिस्टर में दर्ज कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आग से संबंधित घटनाओं की सूचना आम नागरिक भी दे सकेंगे।
प्राप्त सूचनाएँ जनपदीय अधिकारी तुरंत मुख्यालय के नियंत्रण सेल को भेजेंगे। आम जनता की सुविधा के लिए लखनऊ में हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है: 0522-2977310, 0522-2204676, 9651368060, 7017112077। अन्य जनपदों में भी स्थानीय हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए जाएंगे। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की वेबसाइट एफएसआईडॉटएनआईसीडॉटइन पर वन अग्नि अलर्ट सूचना के लिए प्रदेश के 3792 अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता ने पंजीकरण कराया है।
प्रदेश में वन अग्निकाल 15 जून तक माना गया है। पिछले वर्षों में हुई अग्नि घटनाओं के आधार पर अतिसंवेदनशील और मध्य संवेदनशील क्षेत्रों (जैसे चित्रकूट, सोनभद्र, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग, बहराइच, महराजगंज, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, उत्तर खीरी-दक्षिण खीरी, बलरामपुर, सहारनपुर, बिजनौर, गोंडा, गोरखपुर, मीरजापुर, चंदौली, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, वाराणसी और कैमूर वन्य जीव प्रभाग) को घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में फॉरेस्ट फायर मॉक ड्रिल भी आयोजित की जा चुकी है। संवेदनशील जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
मुख्य वन संरक्षक प्रचार प्रसार उत्तर प्रदेश अदिति शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार वन अग्नि नियंत्रण के लिए सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। प्रभागीय स्तर पर आग लगने की किसी भी सूचना को तुरंत मुख्यालय तक पहुँचाने का निर्देश दिया गया है। आम जनता के लिए मुख्यालय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। वन्य जीवों को पीने के पानी की सुविधा हेतु पक्के होल का निर्माण और पुराने वाटर होल की मरम्मत कर नियमित जल भरा जा रहा है। साथ ही, वन क्षेत्र में वाच टावर का निर्माण और पुराने वाच टावर का रखरखाव भी किया जा रहा है।