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लखनऊ हादसे पर गहलोत की राजस्थान सरकार को चेतावनी: 'कोचिंग हब बंद, बच्चों की जान खतरे में'

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लखनऊ हादसे पर गहलोत की राजस्थान सरकार को चेतावनी: 'कोचिंग हब बंद, बच्चों की जान खतरे में'

सारांश

लखनऊ में 15 छात्रों की मौत के बाद कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार पर निशाना साधा — जयपुर का ₹400-500 करोड़ का कोचिंग हब बंद, IIT शाखा की योजना ठप, विभागों में भुगतान रुके और किसान गेहूँ खरीद के इंतजार में।

मुख्य बातें

लखनऊ हादसे में 15 बच्चों की मौत के बाद अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार को सबक लेने की चेतावनी दी।
गहलोत के अनुसार जयपुर में 240 संस्थानों के लिए बना कोचिंग हब — जिस पर ₹400-500 करोड़ खर्च हुए — बंद पड़ा है।
गोपालपुरा में गैस रिसाव से 25-30 बच्चे घायल हो चुके हैं; IIT शाखा खोलने की योजना भी अटकी।
जोधपुर में अस्पताल की 4 इमारतें , सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट बिना उपयोग के बंद।
राजस्थान में सभी विभागों के भुगतान रुके; ₹2 करोड़ तक के चेक जारी नहीं।
गंगानगर और हनुमानगढ़ में गेहूँ खरीद ठप; खरीद की अंतिम तिथि 31 मई से बढ़ाकर 30 जून की गई।

कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार, 23 जून को पत्रकारों से बातचीत में लखनऊ हादसे का हवाला देते हुए राजस्थान की वर्तमान सरकार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई दुखद घटना में 15 बच्चों की जान गई, और राजस्थान सरकार को इससे सबक लेना चाहिए — इससे पहले कि कोई इसी तरह की त्रासदी वहाँ भी घटे।

लखनऊ हादसे का संदर्भ और गहलोत की चिंता

गहलोत ने कहा, 'लखनऊ में जो घटना हुई, उसमें 15 बच्चों की मौत हो गई। यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। क्या हमारी सरकार भी ऐसी ही किसी घटना का इंतजार कर रही है?' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दिल्ली में पहले ही एक भूमिगत स्थान पर पानी भरने से छात्रों की मौत हो चुकी है, और गोपालपुरा में गैस रिसाव के कारण 25 से 30 बच्चे घायल हो गए थे।

जयपुर कोचिंग हब पर सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने जयपुर में 240 संस्थानों के लिए एक कोचिंग हब बनाने पर लगभग ₹400 से 500 करोड़ खर्च किए थे। उन्होंने कहा कि 140 लोगों ने इसके लिए पैसे जमा भी कर दिए थे, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण 100 लोगों ने अपनी राशि वापस ले ली। गहलोत ने कहा कि गोपालपुरा बाईपास पर बने इस हब में लगभग 1 लाख बच्चों के अध्ययन की व्यवस्था की गई थी, जिसमें लाइब्रेरी, फूड कोर्ट और अन्य सुविधाएँ मौजूद हैं — लेकिन इमारत बिना उपयोग के खाली पड़ी है।

आईआईटी शाखा और बंद पड़ी सरकारी इमारतें

गहलोत के अनुसार, उनकी सरकार उस कोचिंग हब परिसर में आईआईटी (IIT) की एक शाखा खोलने की योजना बना रही थी। उन्होंने कहा, 'अगर आप वहाँ IIT की यूनिट खोलना चाहते हैं, तो बस एक नई बिल्डिंग बना दें — लेकिन उन्होंने इसे मज़ाक बना दिया है।' इसके अलावा उन्होंने जोधपुर का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ अस्पताल की चार इमारतें बेकार पड़ी हैं, सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी की बिल्डिंग तैयार होने के बावजूद बंद है, और स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट भी अनुपयोगी पड़ा है। गहलोत ने बताया कि उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री से फोन पर इस विषय पर अनुरोध किया था।

राजस्थान की आर्थिक स्थिति पर सवाल

गहलोत ने राजस्थान सरकार की वित्तीय स्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में भुगतान रुके हुए हैं और ₹2 करोड़ तक के चेक भी जारी नहीं हो पा रहे। उनके अनुसार, पेंशन समय पर नहीं मिल रही और विभिन्न विभागों के ठेकेदार व कर्मचारी परेशान हैं। उन्होंने कहा, 'यह डबल-इंजन सरकार है — दिल्ली में भी इनकी सरकार है, वे अतिरिक्त मदद ले सकते हैं — लेकिन हालात इतने खराब हो गए हैं कि किसी भी विभाग के पास भुगतान के लिए पैसे नहीं हैं।'

किसानों की समस्या और गेहूँ खरीद का संकट

पूर्व मुख्यमंत्री ने गंगानगर और हनुमानगढ़ सहित कई जिलों से गेहूँ खरीद न होने की खबरों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि खरीद की अंतिम तिथि पहले 30 जून से घटाकर 31 मई कर दी गई थी, जिसे अब बार-बार बढ़ाया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि बोरे नहीं पहुँच रहे, हड़तालें हो रही हैं और राजस्थान के किसान बर्बाद हो रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में रबी फसल के समर्थन मूल्य पर खरीद का मुद्दा पहले से ही विवादास्पद रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक वास्तविक सुरक्षा प्रश्न भी है — क्या राज्य सरकारें तब तक कार्रवाई नहीं करतीं जब तक कोई बड़ी त्रासदी न हो? जयपुर कोचिंग हब का मामला उस व्यापक प्रवृत्ति को उजागर करता है जहाँ सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बन जाता है। विभागीय भुगतान संकट और गेहूँ खरीद की विफलता अलग-अलग मुद्दे नहीं हैं — ये एक ही राजकोषीय दबाव के लक्षण हैं, जिस पर सरकार की चुप्पी खुद एक जवाब है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ हादसे में क्या हुआ था जिसका गहलोत ने जिक्र किया?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई एक घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र थे। इस हादसे के बाद देशभर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई।
जयपुर कोचिंग हब क्या है और यह बंद क्यों है?
गहलोत सरकार ने जयपुर के गोपालपुरा बाईपास पर 240 संस्थानों के लिए एक कोचिंग हब बनाया था, जिस पर लगभग ₹400-500 करोड़ खर्च हुए। वर्तमान सरकार ने इसे अभी तक चालू नहीं किया है, जिसके कारण 100 आवेदकों ने अपनी जमा राशि वापस ले ली।
गहलोत ने राजस्थान में भुगतान संकट पर क्या कहा?
गहलोत के अनुसार राजस्थान के सभी विभागों में भुगतान रुके हुए हैं और ₹2 करोड़ तक के चेक भी जारी नहीं हो रहे। उन्होंने सरकार से माँग की कि वह अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में पारदर्शी रहे।
राजस्थान में गेहूँ खरीद का संकट क्यों है?
गंगानगर और हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में गेहूँ खरीद ठप है — बोरे नहीं पहुँच रहे और हड़तालें हो रही हैं। खरीद की अंतिम तिथि पहले 31 मई की गई, फिर उसे बढ़ाकर 30 जून किया गया, लेकिन खरीद के लक्ष्य अभी भी पूरे नहीं हुए।
गहलोत ने जोधपुर की किन बंद इमारतों का जिक्र किया?
गहलोत ने कहा कि जोधपुर में अस्पताल की चार इमारतें, सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट बिना उपयोग के बंद पड़े हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री से फोन पर भी अनुरोध किया था।
राष्ट्र प्रेस
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