मदन लाल ढींगरा बलिदान दिवस: राजनाथ सिंह, ओम बिड़ला समेत भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
17 अगस्त 1909 को लंदन की पेंटनविल जेल में फाँसी के फंदे को हँसते-हँसते चूमने वाले महान क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा के बलिदान दिवस पर 17 अगस्त 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और कई केंद्रीय मंत्रियों सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने एकमत से कहा कि ढींगरा की वीर गाथा आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है।
क्रांतिकारी ढींगरा का ऐतिहासिक बलिदान
1 जुलाई 1909 को ढींगरा ने लंदन में ब्रिटिश अधिकारी सर विलियम हट कर्जन वायली की हत्या कर दी थी। कर्जन वायली भारत सचिव के राजनीतिक सहायक और गुप्त पुलिस के प्रमुख थे, जो इंडिया हाउस की स्वतंत्रता-समर्थक गतिविधियों पर निगरानी रखते थे। 23 जुलाई 1909 को ओल्ड बेली कोर्ट में मुकदमा शुरू हुआ, जहाँ ढींगरा ने स्वयं अपनी पैरवी की और ब्रिटिश अदालत की वैधता को सिरे से नकार दिया। अंततः 17 अगस्त 1909 को उन्हें पेंटनविल जेल में फाँसी दे दी गई।
राजनाथ सिंह और ओम बिड़ला के संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी मदनलाल ढींगरा ने अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष के कारण जब उन पर मुकदमा चला, तब उन्होंने निडर होकर अपने लिए फाँसी की सजा की माँग की। मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए वे हँसते-हँसते शहीद हो गए। उनका साहस और देश के प्रति समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।'
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा, 'अमर क्रांतिकारी, महान देशभक्त मदन लाल ढींगरा के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। एक समृद्ध परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने सुख-सुविधाओं का जीवन छोड़कर देश की स्वतंत्रता को अपना सर्वोच्च ध्येय बनाया। लंदन में रहते हुए उन्होंने भारत की गुलामी के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद की और ब्रिटिश शासन को खुली चुनौती दी।'
केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'माँ भारती के वीर सपूत, महान स्वतंत्रता सेनानी मदनलाल ढींगरा के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि ढींगरा की निडरता एवं क्रांतिकारी विचार सदैव राष्ट्रजागृति का कार्य करते रहेंगे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि ढींगरा का अप्रतिम साहस और सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें 'महान क्रांतिकारी एवं राष्ट्रभक्त' बताते हुए कोटि-कोटि नमन किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ढींगरा की जीवनगाथा सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि ढींगरा का अदम्य साहस और अटूट राष्ट्रभक्ति देश की युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणापुंज रहेगी। बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी एक्स पर पोस्ट कर उन्हें नमन किया।
ढींगरा की विरासत और आज की प्रासंगिकता
गौरतलब है कि ढींगरा एक समृद्ध परिवार से थे, फिर भी उन्होंने ऐशो-आराम की जिंदगी छोड़कर स्वाधीनता संग्राम को अपना जीवन-लक्ष्य बनाया। लंदन में पढ़ाई के दौरान वे वीर सावरकर के संपर्क में आए और इंडिया हाउस से जुड़े। उनकी शहादत ने उस दौर के युवाओं में स्वतंत्रता, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रखर किया। यह 116वाँ बलिदान दिवस है, और राष्ट्रीय नेताओं की श्रद्धांजलि इस बात का प्रमाण है कि ढींगरा की स्मृति राष्ट्रीय चेतना में अब भी जीवंत है।