माधवी लता का ओवैसी को चैलेंज: 'हैदराबाद से अयोध्या पैदल चलूंगी, अगर आप आधा रास्ता तय करें'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता माधवी लता ने 1 जुलाई को हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने के लिए अन्य दलों के साथ गठबंधन हेतु 'आधे रास्ते पैदल चलकर आने' की बात कही थी। माधवी लता ने ओवैसी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में हैदराबाद से उत्तर प्रदेश तक आधी दूरी पैदल तय करते हैं, तो वे स्वयं हैदराबाद से अयोध्या तक पैदल चलेंगी।
माधवी लता की चुनौती
माधवी लता ने कहा, 'मैं उन्हें चुनौती देते हुए कहना चाहती हूं कि अगर आप सिर्फ मुसलमानों के लिए आधा रास्ता पैदल चलना चाहते हैं तो पहले पूरे एक दिन पैदल चलकर देखें और पता करें कि आप कितने किलोमीटर चल पाते हैं। पता नहीं रास्ते में वह कौन सी गाड़ी ले लें और फिर दावा करें कि उन्होंने आधी यात्रा पूरी कर ली है।' उन्होंने अपनी बात में और पैनापन लाते हुए कहा कि यह महज़ एक राजनीतिक बयानबाज़ी है, जिसे ज़मीन पर उतारने की इच्छाशक्ति नहीं है।
माधवी लता का सार्वजनिक वादा
माधवी लता ने देशवासियों के सामने एक सार्वजनिक प्रतिज्ञा लेते हुए कहा, 'आज पूरे देश के सामने मैं वादा करती हूं कि अगर वह सच में मुसलमानों के लिए हैदराबाद से उत्तर प्रदेश तक आधी दूरी पैदल तय करते हैं, तो मैं उत्तर प्रदेश की तरक्की व विकास के लिए, यहां के सभी समुदायों — हिंदुओं, मुसलमानों, ईसाइयों और अन्य सभी — के लिए हैदराबाद से अयोध्या तक पैदल चलूंगी।' उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि वे ओवैसी की राजनीति को केवल एक वर्ग-विशेष तक सीमित मानती हैं।
ओवैसी पर धर्म आधारित राजनीति का आरोप
BJP नेता ने ओवैसी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे और कितने साल मज़हब के नाम पर राजनीति करेंगे। उन्होंने कहा कि ओवैसी की उम्र ढल रही है, लेकिन उनकी सोच में बदलाव नहीं आया है। माधवी लता ने अपनी चुनौती दोहराते हुए कहा कि यदि ओवैसी ने 'सही तरीके से' आधा रास्ता भी पूरा किया, तो वे मुस्लिमों समेत सभी धर्मों के लोगों के लिए हैदराबाद से अयोध्या तक पैदल मार्च करेंगी।
ओवैसी का मूल बयान क्या था
इससे पहले, असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए विपक्षी दलों से गठबंधन की अपील की थी। उन्होंने कहा था, 'हम नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में दोबारा भाजपा की सरकार बने। मैंने पहले भी कहा और आज भी कह रहा हूं, अगर कोई हमसे गठबंधन करने के लिए तैयार है तो असदुद्दीन ओवैसी आधे रास्ते तक पैदल चलकर आने के लिए भी तैयार है।' यह बयान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में AIMIM की भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में AIMIM की उपस्थिति हमेशा विवादास्पद रही है, और विपक्षी दल अक्सर आरोप लगाते हैं कि ओवैसी की पार्टी का वोट विभाजन भाजपा को लाभ पहुँचाता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में गठबंधन की राजनीति नई करवटें ले रही है और विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं। माधवी लता की यह प्रतिक्रिया BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें ओवैसी के बयानों को सांप्रदायिक राजनीति के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।