मध्य प्रदेश: त्योहारों पर पंडालों और संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन वाहन तैनात करने के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने 27 अक्टूबर 2026 को राज्यभर के समस्त कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत धार्मिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक आयोजन स्थलों, पूजा पंडालों और संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन वाहनों एवं प्रशिक्षित कर्मियों की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित करनी होगी। यह कदम भीड़भाड़ वाले आयोजनों में जन-धन की हानि की आशंका को शून्य करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्या हैं मुख्य निर्देश
जारी आदेशों के अनुसार, जिला प्रशासन को नगरीय निकायों, पुलिस विभाग, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं तथा अन्य संबद्ध विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। प्रमुख धार्मिक स्थलों, मेला प्रांगणों एवं भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार अग्निशमन वाहन तथा प्रशिक्षित दल उपस्थित रहेंगे।
अस्थायी पंडालों, मंचों एवं संरचनाओं में ज्वलनशील सामग्रियों के उपयोग पर सख्त नियंत्रण रखने के साथ विद्युत व्यवस्था की गहन जाँच अनिवार्य की गई है। खुले तार और ओवरलोडिंग की स्थिति पाए जाने पर तत्काल सुधार का आदेश दिया गया है।
आपातकालीन मार्ग और निरीक्षण व्यवस्था
आयुक्त भोंडवे ने स्पष्ट किया कि सभी आयोजन स्थलों पर आपातकालीन वाहनों के लिए मार्ग एवं निकास द्वार हर समय अवरोधमुक्त रखे जाएंगे। आतिशबाजी विक्रय स्थलों, अस्थायी दुकानों एवं व्यस्त बाजारों का प्रशासनिक दलों द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में त्योहारी भीड़ के दौरान दुर्घटनाओं की पूर्व घटनाओं ने राज्य प्रशासनों को पहले से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हर वर्ष दशहरा-दीपावली के बीच लाखों श्रद्धालु सार्वजनिक आयोजनों में शामिल होते हैं।
आयोजकों की जिम्मेदारी
निर्देशों के तहत आयोजकों को अग्निशामक यंत्र, रेत एवं पर्याप्त जल की उपलब्धता बनाए रखने के साथ-साथ आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि किसी भी अनहोनी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो सके।
निगरानी और जवाबदेही
नगरीय प्रशासन संचालनालय ने समस्त संभागीय संयुक्त संचालकों, नगर निगम आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में सतत् निगरानी एवं नियमित निरीक्षण का निर्देश दिया है। नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही की जाएगी।
राज्य प्रशासन का लक्ष्य है कि त्योहारी मौसम में अग्नि, भगदड़ या विद्युत दुर्घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जाए और जनता सुरक्षित माहौल में उत्सव मना सके।