9 जुलाई 2026
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मध्य प्रदेश में शिशु व मातृ मृत्यु दर घटाने को UNICEF से मिला समर्थन, डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने बनाई बहु-विभागीय कार्ययोजना

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मध्य प्रदेश में शिशु व मातृ मृत्यु दर घटाने को UNICEF से मिला समर्थन, डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने बनाई बहु-विभागीय कार्ययोजना

सारांश

मध्य प्रदेश के डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने UNICEF इंडिया के साथ मिलकर शिशु व मातृ मृत्यु दर, एनीमिया और कुपोषण से निपटने की बहु-विभागीय रणनीति पर चर्चा की। 'सुमन रोडमैप' की तर्ज पर जिला स्तर पर विशेषज्ञ भर्ती और मास्टर ट्रेनर क्षमता निर्माण की योजना बनाई गई।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 9 जुलाई को वल्लभ भवन, भोपाल में यूनीसेफ इंडिया प्रतिनिधिमंडल से भेंट की।
शिशु व मातृ मृत्यु दर, एनीमिया , कुपोषण, बाल विवाह और उच्च जोखिम गर्भावस्था पर बहु-विभागीय कार्ययोजना बनाने का निर्णय।
राज्य सरकार जिला स्तर पर विशेषज्ञों की भर्ती और हीमोग्लोबिन जांच उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यरत।
यूनीसेफ से मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण में सहयोग का आग्रह; उच्च जोखिम गर्भावस्था पहचान और नवजात देखभाल को प्राथमिकता।
यूनीसेफ के उप प्रतिनिधि मिलर ने MP के 'सुमन रोडमैप' की सराहना की।
पंचायतों के माध्यम से राज्य स्तरीय जन-जागरूकता अभियान चलाने की योजना।

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 9 जुलाई 2026 को भोपाल स्थित वल्लभ भवन में यूनीसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल से भेंट के दौरान स्पष्ट किया कि शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और एनीमिया की चुनौती से निपटने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास अनिवार्य हैं। इस बैठक में कुपोषण, बाल विवाह की रोकथाम और उच्च जोखिम गर्भावस्था के प्रभावी प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्य घटनाक्रम

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने बताया कि राज्य सरकार जिला स्तर पर विशेषज्ञों की भर्ती कर मानव संसाधन की कमी दूर करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इसके साथ ही हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश एनीमिया और मातृ स्वास्थ्य के मोर्चे पर राष्ट्रीय औसत से पीछे बना हुआ है।

बहु-विभागीय कार्ययोजना

शुक्ल ने कहा कि चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। गौरतलब है कि अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल की कमी को विशेषज्ञ लंबे समय से मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बड़ी बाधा मानते रहे हैं।

UNICEF की भूमिका और 'सुमन रोडमैप'

उपमुख्यमंत्री ने यूनीसेफ से राज्य के मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण में सहयोग का आग्रह किया, ताकि वे जिलों में प्रशिक्षण देकर उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु देखभाल को मजबूत कर सकें। यूनीसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि (कार्यक्रम) मिलर ने मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की और राज्य द्वारा लागू किए जा रहे 'सुमन रोडमैप' की विशेष प्रशंसा की।

जन-जागरूकता अभियान की योजना

शुक्ल ने पंचायतों के सहयोग से राज्य स्तरीय जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने यूनीसेफ से ऐसे सरल एवं प्रभावी संदेश उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिन्हें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेतृत्व के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सके। आगामी चरण में इस अभियान का विस्तार ग्राम पंचायत स्तर तक किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बहु-विभागीय समन्वय की बात हर सरकार करती आई है। असली कसौटी यह है कि 'सुमन रोडमैप' और UNICEF की साझेदारी केवल बैठकों तक सीमित रहती है या जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर मापने योग्य परिणाम देती है। जिला स्तर पर विशेषज्ञ भर्ती की घोषणा सकारात्मक है, लेकिन बिना पारदर्शी समयसीमा और जवाबदेही ढाँचे के ये संकल्प कागज़ी रह जाने का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के नेतृत्व में राज्य सरकार जिला स्तर पर विशेषज्ञों की भर्ती, हीमोग्लोबिन जांच उपकरणों की आपूर्ति और 'सुमन रोडमैप' के तहत बहु-विभागीय कार्ययोजना लागू कर रही है। UNICEF इंडिया मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण में सहयोग करेगा।
'सुमन रोडमैप' क्या है और यह MP में कैसे काम करता है?
'सुमन रोडमैप' मध्य प्रदेश सरकार की एक स्वास्थ्य पहल है जो सुरक्षित मातृत्व और नवजात शिशु देखभाल को केंद्र में रखती है। UNICEF इंडिया के उप प्रतिनिधि मिलर ने इस रोडमैप की सराहना करते हुए इसे मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
UNICEF इंडिया मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में क्या भूमिका निभाएगा?
UNICEF इंडिया राज्य के मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण में सहयोग करेगा ताकि वे जिलों में प्रशिक्षण दे सकें। इसके अलावा, संस्था पंचायत स्तर पर जन-जागरूकता के लिए सरल और प्रभावी संदेश भी उपलब्ध कराएगी।
एनीमिया और कुपोषण से निपटने के लिए MP सरकार की क्या योजना है?
राज्य सरकार हीमोग्लोबिन जांच उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाने और स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा पंचायत विभागों के समन्वय से एकीकृत कार्ययोजना तैयार करने पर काम कर रही है। पंचायतों के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
इस बैठक में और कौन-से विषयों पर चर्चा हुई?
9 जुलाई को वल्लभ भवन में हुई बैठक में शिशु व मातृ मृत्यु दर के अलावा बाल विवाह की रोकथाम, उच्च जोखिम गर्भावस्था का प्रभावी प्रबंधन और सुरक्षित प्रसव जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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