मध्य प्रदेश में परीक्षा घोटाले, OBC आरक्षण और छात्रसंघ चुनाव पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार, 11 अगस्त को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अपनी पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक बुलाई, जिसमें राज्य सरकार पर परीक्षा घोटाले, 27 प्रतिशत OBC आरक्षण की अनदेखी और छात्रसंघ चुनावों को टालने के आरोप लगाए गए। लगभग पाँच घंटे चली इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यव्यापी जन-आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
PAC की इस बैठक में राज्य प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा तथा कई पूर्व मंत्री और विधायक मौजूद रहे। बैठक में किसानों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति तय की गई।
सरकार पर कांग्रेस के प्रमुख आरोप
बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरीश चौधरी ने कहा कि पार्टी खाद की कमी, उज्जैन में भ्रष्टाचार के आरोपों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों का मुद्दा आक्रामक तरीके से उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रही है। चौधरी ने स्पष्ट किया, 'कांग्रेस युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और OBC के अधिकारों के लिए मज़बूती से लड़ेगी।'
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में व्यापमं-जैसे परीक्षा घोटालों की विरासत अभी भी राजनीतिक विमर्श में जीवित है और छात्र संगठन सीधे चुनाव की माँग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं।
दतिया उपचुनाव की जीत से बढ़ा हौसला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में हुए दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नतीजे ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊँचा किया है और बदलाव की राजनीति के प्रति जनता का समर्थन साफ़ दिखाता है। पटवारी ने कहा कि पार्टी बेरोज़गारी, शिक्षा, किसानों की खाद समस्या, महिलाओं और OBC के लिए आरक्षण, अपराध और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कथित राजनीतिक उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर निरंतर आवाज़ उठाती रहेगी।
OBC आरक्षण और छात्रसंघ चुनाव पर माँग
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने 27 प्रतिशत OBC आरक्षण को लागू करने, आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा और छात्रसंघों के लिए प्रत्यक्ष चुनाव कराने की माँग दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत इन मुद्दों पर सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण का मुद्दा न्यायालयी अड़चनों और राजनीतिक खींचतान के बीच वर्षों से अटका हुआ है।
आगे क्या होगा
PAC की बैठक में तय हुई रणनीति के अनुसार, कांग्रेस ज़रूरत पड़ने पर छात्रों, किसानों और आम जनता के मुद्दों पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रमों और जन-अभियानों की दिशा इन्हीं मुद्दों पर केंद्रित रहेगी। आने वाले हफ्तों में कांग्रेस के जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन-निर्माण अभियान तेज़ होने की उम्मीद है।