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यूसीसी विधेयक पर जीतू पटवारी का हमला: 'भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से ध्यान भटकाने की चाल'

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यूसीसी विधेयक पर जीतू पटवारी का हमला: 'भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से ध्यान भटकाने की चाल'

सारांश

मध्य प्रदेश में यूसीसी विधेयक पेश होते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से ध्यान भटकाने की चाल बताया। 24 जुलाई को हरदा, होशंगाबाद और नरसिंहपुर में किसान आंदोलन का ऐलान और सरकार से श्वेत पत्र की माँग — यह टकराव अब सड़क तक आ गया है।

मुख्य बातें

मोहन यादव सरकार ने मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यूसीसी को भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोज़गारी से ध्यान भटकाने का राजनीतिक हथकंडा बताया।
पटवारी ने आरोप लगाया कि किसानों को गेहूँ ₹2,700 , धान ₹3,100 , सोयाबीन ₹6,000 और मूँगफली ₹6,200 प्रति क्विंटल के वादे पूरे नहीं हुए।
कांग्रेस ने 24 जुलाई को हरदा, होशंगाबाद और नरसिंहपुर में किसान आंदोलन की घोषणा की।
सरकार से आर्थिक स्थिति, कृषि, शिक्षा, इन्वेस्टर मीट के परिणाम और भ्रष्टाचार पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग की गई।

मध्य प्रदेश विधानसभा में मोहन यादव सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किए जाने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 21 जुलाई को इस कदम की कड़ी आलोचना की। पटवारी ने इस विधेयक को भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोज़गारी जैसे ज़मीनी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की राजनीतिक चाल करार दिया।

मुख्य आरोप: मुद्दों से पलायन

संवाददाताओं से बातचीत में पटवारी ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अपनी सारी सीमाएँ पार कर चुका है। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश की जनता एक साथ महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की दुर्दशा और प्रशासनिक भ्रष्टाचार की मार झेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार इन्हीं असुविधाजनक सवालों से बचने के लिए यूसीसी को राजनीतिक प्रोपेगेंडा के रूप में पेश कर रही है।

माफिया राज का आरोप

पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश में कोई भी मंत्री ईमानदारी से काम करने का दावा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि शराब माफिया, रेत माफिया, शिक्षा माफिया और खनिज माफिया का बोलबाला है, और इनका प्रभाव सत्ता के सर्वोच्च स्तर तक दिखाई देता है। उनके अनुसार पूरी व्यवस्था इन्हीं माफिया के हित में संचालित होती नज़र आती है।

किसानों से वादाखिलाफी का आरोप

पटवारी ने BJP को उसकी 'मोदी गारंटी' की याद दिलाते हुए कहा कि चुनाव से पहले किसानों से गेहूँ ₹2,700 प्रति क्विंटल, धान ₹3,100 प्रति क्विंटल, सोयाबीन ₹6,000 प्रति क्विंटल और मूँगफली ₹6,200 प्रति क्विंटल पर खरीद का वादा किया गया था। उनका आरोप है कि आज तक किसानों को इन वादों के अनुरूप मूल्य नहीं मिला और सरकार ने उनसे मुँह मोड़ लिया है।

24 जुलाई को किसान आंदोलन का ऐलान

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने घोषणा की कि किसानों के अधिकारों और वादाखिलाफी के विरोध में 24 जुलाई को हरदा, होशंगाबाद और नरसिंहपुर में कांग्रेस व्यापक किसान आंदोलन चलाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज़ सड़क से सदन तक बुलंद की जाएगी।

श्वेत पत्र की माँग

पटवारी ने राज्य सरकार से माँग की कि वह मध्य प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, कृषि और किसानों की वास्तविक दशा, शिक्षा और रोज़गार की स्थिति, करोड़ों रुपये खर्च कर आयोजित इन्वेस्टर मीट के वास्तविक परिणामों तथा प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर एक श्वेत पत्र जारी करे। यह माँग ऐसे समय में आई है जब राज्य में यूसीसी को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पटवारी के आरोपों की असली धार किसान वादाखिलाफी के ठोस आँकड़ों में है — गेहूँ, धान, सोयाबीन और मूँगफली के समर्थन मूल्य के वे वादे जो चुनावी घोषणापत्र में दर्ज हैं, पर खरीद रिकॉर्ड में नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू करने वाले राज्यों की कतार में उत्तराखंड के बाद दूसरे स्थान पर आने की होड़ है। असली सवाल यह है कि विपक्ष की यह आक्रामकता 24 जुलाई के किसान आंदोलन को ज़मीनी आंदोलन में बदल पाती है या महज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सिमट जाती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में यूसीसी विधेयक क्या है?
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए राज्य विधानसभा में विधेयक पेश किया है। यह विधेयक सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत कानूनों को एक समान ढाँचे में लाने का प्रयास करता है।
जीतू पटवारी ने यूसीसी पर क्या कहा?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यूसीसी विधेयक को भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, महंगाई और किसानों की बदहाली जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का राजनीतिक हथकंडा बताया। उन्होंने कहा कि BJP सरकार इन विषयों को प्रोपेगेंडा के रूप में पेश कर रही है।
कांग्रेस का 24 जुलाई का किसान आंदोलन किन जिलों में होगा?
कांग्रेस ने 24 जुलाई को हरदा, होशंगाबाद और नरसिंहपुर में व्यापक किसान आंदोलन का ऐलान किया है। यह आंदोलन किसानों से किए गए फसल समर्थन मूल्य के वादे पूरे न होने के विरोध में आयोजित किया जाएगा।
पटवारी ने किसानों के लिए किन वादों का उल्लेख किया?
पटवारी के अनुसार BJP ने चुनाव से पहले गेहूँ ₹2,700 प्रति क्विंटल, धान ₹3,100 प्रति क्विंटल, सोयाबीन ₹6,000 प्रति क्विंटल और मूँगफली ₹6,200 प्रति क्विंटल पर खरीद का वादा किया था, जो उनके अनुसार अभी तक पूरा नहीं हुआ।
कांग्रेस ने सरकार से श्वेत पत्र की माँग क्यों की?
पटवारी ने माँग की कि सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति, कृषि, शिक्षा, रोज़गार, इन्वेस्टर मीट के वास्तविक परिणामों और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर श्वेत पत्र जारी करे। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर पारदर्शिता के बजाय यूसीसी जैसे विषयों को आगे किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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