29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे का संजय राउत को जवाब: भ्रष्टाचार के सबूत ACB को दें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे का संजय राउत को जवाब: भ्रष्टाचार के सबूत ACB को दें

सारांश

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने संजय राउत के उगाही आरोपों को अस्पष्ट बताते हुए ACB को सबूत सौंपने की चुनौती दी। यह टकराव ऐसे समय में है जब मुंढे के प्रवर्तन अभियान से कथित तौर पर ₹75,000–₹2,00,000 की नई 'दरें' उभरी हैं।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 29 सितंबर 2026 को शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के उगाही आरोपों को अस्पष्ट और बिना ठोस जानकारी का बताया।
मुंढे ने राउत से आग्रह किया कि वे विशिष्ट विवरण सीधे FDA या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को सौंपें।
राउत के अनुसार, कथित वसूली दर ₹10,000–₹12,000 से बढ़कर ₹75,000–₹2,00,000 हो गई है।
राउत ने ठाणे में दो अधिकारियों पर एक क्विक-कॉमर्स कंपनी से ₹17–18 लाख माँगने का आरोप लगाया।
मुंढे ने शिकायतकर्ताओं को आश्वासन दिया कि FDA पोर्टल पर शिकायत गोपनीय रहती है और प्रतिशोध का डर निराधार है।

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के उगाही के आरोपों पर सार्वजनिक जवाब देते हुए कहा कि ये दावे अस्पष्ट हैं, इनमें ठोस जानकारी का अभाव है और उनके कार्यालय को अब तक राउत का कोई औपचारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। मुंढे ने राउत से आग्रह किया कि यदि उनके पास विशिष्ट विवरण हैं, तो वे उन्हें सीधे FDA या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के समक्ष प्रस्तुत करें।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब सामने आया जब संजय राउत ने तुकाराम मुंढे को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया कि FDA के फील्ड अधिकारी — नामित अधिकारी (DO), सहायक कमिश्नर और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) — कमिश्नर के सख्त प्रवर्तन अभियान का फायदा उठाकर स्थानीय होटल मालिकों, रेस्तरां संचालकों और क्विक-कॉमर्स कंपनियों से बड़ी रकम वसूल रहे हैं।

राउत ने अपने पत्र में कमिश्नर की 25 मई को पदभार ग्रहण करने के बाद से खाद्य मिलावट और अस्वच्छ रेस्तरां के विरुद्ध चलाए गए व्यापक अभियान की सराहना भी की थी। हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि इन प्रवर्तन कार्रवाइयों का एक नकारात्मक दुष्प्रभाव भी उभरा है।

उगाही के आरोपों का ब्यौरा

राउत के अनुसार, कथित तौर पर निरीक्षण नोटिस को 'निपटाने' की दर मुंढे के कार्यकाल से पहले ₹10,000–₹12,000 से बढ़कर हालिया प्रवर्तन छापों के बाद ₹75,000–₹2,00,000 तक पहुँच गई है। उन्होंने बांद्रा (मुंबई) स्थित FDA मुख्यालय और ठाणे के क्षेत्रीय FDA कार्यालय को इस कथित अवैध वसूली के प्रमुख केंद्रों के रूप में चिह्नित किया।

राउत ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि ठाणे में दो नामित अधिकारियों ने एक क्विक-कॉमर्स कंपनी के निलंबित लाइसेंस को बहाल करने के लिए ₹17–18 लाख की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी बिना जाँच-पड़ताल वाली शिकायतों पर भी तत्काल लाइसेंस निलंबन कर रहे हैं और सुधार नोटिस, नियमपालन के लिए समय तथा औपचारिक सुनवाई जैसी कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर रहे हैं।

कमिश्नर मुंढे की प्रतिक्रिया

मुंढे ने स्पष्ट किया कि उन्हें राउत के पत्र की जानकारी केवल मीडिया रिपोर्टों से मिली, क्योंकि उनके कार्यालय को कोई आधिकारिक प्रति नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'मैं वास्तव में उनका आभारी हूँ। उनसे मेरा केवल यही अनुरोध है कि यदि उनके पास विशिष्ट विवरण हैं, तो वे उन्हें मेरे साथ या ACB के साथ साझा करें। यदि मेरा कोई अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल है, तो कृपया पूरी जानकारी के साथ इसे मेरे संज्ञान में लाएँ।'

मुंढे ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सामान्य बयानों की बजाय सत्यापन योग्य तथ्य प्रस्तुत किए जाएँ — चाहे वे किसी विधायक की ओर से आएँ या किसी प्रभावित व्यवसाय मालिक की ओर से।

शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा का आश्वासन

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि छोटे और मध्यम स्तर के होटल एवं रेस्तरां मालिक प्रतिशोध के भय से भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत करने से बचते हैं। इस चिंता को दूर करते हुए मुंढे ने आश्वासन दिया कि FDA का आधिकारिक शिकायत पोर्टल स्वचालित रूप से शिकायतकर्ता की पहचान छिपा देता है और उन्हें सीधे दी गई कोई भी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि तुकाराम मुंढे पहले भी कई विभागों में कड़े प्रशासनिक रुख के लिए जाने जाते रहे हैं, और उनका यह FDA कार्यकाल भी विवादों से अछूता नहीं रहा। अब देखना यह होगा कि राउत औपचारिक रूप से ACB या FDA के पास साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो महाराष्ट्र सरकार के प्रवर्तन तंत्र की विश्वसनीयता एक नई परीक्षा में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि प्रणालीगत प्रोत्साहन संरचना का संकेत है। महाराष्ट्र में ऐसा यह पहला मामला नहीं है जहाँ कठोर नियामक अभियान ने अनजाने में उगाही का अवसर पैदा किया हो। असली सवाल यह है कि क्या FDA के पास ऐसी आंतरिक जवाबदेही प्रणाली है जो शिकायतकर्ता की प्रतीक्षा किए बिना अपने अधिकारियों की संपत्ति और कार्यशैली की जाँच कर सके।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र FDA उगाही विवाद क्या है?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि FDA के फील्ड अधिकारी कमिश्नर तुकाराम मुंढे के प्रवर्तन अभियान का फायदा उठाकर होटल, रेस्तरां और क्विक-कॉमर्स कंपनियों से ₹75,000–₹2,00,000 तक की रकम वसूल रहे हैं। मुंढे ने इन आरोपों को अस्पष्ट बताते हुए सबूत माँगे हैं।
तुकाराम मुंढे ने संजय राउत को क्या जवाब दिया?
मुंढे ने कहा कि उनके कार्यालय को राउत का कोई औपचारिक पत्र नहीं मिला और उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया से हुई। उन्होंने राउत से आग्रह किया कि वे विशिष्ट विवरण FDA या ACB को सौंपें, और आश्वासन दिया कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
ठाणे FDA कार्यालय पर क्या आरोप हैं?
राउत के अनुसार, ठाणे के दो नामित अधिकारियों ने एक क्विक-कॉमर्स कंपनी का निलंबित लाइसेंस बहाल करने के लिए ₹17–18 लाख की माँग की। ठाणे और मुंबई के बांद्रा स्थित FDA मुख्यालय को कथित वसूली के मुख्य केंद्र बताया गया है।
FDA में शिकायत कैसे दर्ज करें और क्या पहचान गुप्त रहती है?
FDA कमिश्नर मुंढे के अनुसार, FDA का आधिकारिक शिकायत पोर्टल स्वचालित रूप से शिकायतकर्ता की पहचान छिपा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सीधे दी गई कोई भी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
क्या FDA के खिलाफ ACB जाँच हो सकती है?
अभी तक कोई औपचारिक ACB जाँच शुरू नहीं हुई है। मुंढे ने खुद ACB को एक विकल्प के रूप में सुझाया है, जिससे संकेत मिलता है कि यदि राउत ठोस सबूत पेश करते हैं, तो जाँच की राह खुल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले