महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे का संजय राउत को जवाब: भ्रष्टाचार के सबूत ACB को दें
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के उगाही के आरोपों पर सार्वजनिक जवाब देते हुए कहा कि ये दावे अस्पष्ट हैं, इनमें ठोस जानकारी का अभाव है और उनके कार्यालय को अब तक राउत का कोई औपचारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। मुंढे ने राउत से आग्रह किया कि यदि उनके पास विशिष्ट विवरण हैं, तो वे उन्हें सीधे FDA या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के समक्ष प्रस्तुत करें।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब सामने आया जब संजय राउत ने तुकाराम मुंढे को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया कि FDA के फील्ड अधिकारी — नामित अधिकारी (DO), सहायक कमिश्नर और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) — कमिश्नर के सख्त प्रवर्तन अभियान का फायदा उठाकर स्थानीय होटल मालिकों, रेस्तरां संचालकों और क्विक-कॉमर्स कंपनियों से बड़ी रकम वसूल रहे हैं।
राउत ने अपने पत्र में कमिश्नर की 25 मई को पदभार ग्रहण करने के बाद से खाद्य मिलावट और अस्वच्छ रेस्तरां के विरुद्ध चलाए गए व्यापक अभियान की सराहना भी की थी। हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि इन प्रवर्तन कार्रवाइयों का एक नकारात्मक दुष्प्रभाव भी उभरा है।
उगाही के आरोपों का ब्यौरा
राउत के अनुसार, कथित तौर पर निरीक्षण नोटिस को 'निपटाने' की दर मुंढे के कार्यकाल से पहले ₹10,000–₹12,000 से बढ़कर हालिया प्रवर्तन छापों के बाद ₹75,000–₹2,00,000 तक पहुँच गई है। उन्होंने बांद्रा (मुंबई) स्थित FDA मुख्यालय और ठाणे के क्षेत्रीय FDA कार्यालय को इस कथित अवैध वसूली के प्रमुख केंद्रों के रूप में चिह्नित किया।
राउत ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि ठाणे में दो नामित अधिकारियों ने एक क्विक-कॉमर्स कंपनी के निलंबित लाइसेंस को बहाल करने के लिए ₹17–18 लाख की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी बिना जाँच-पड़ताल वाली शिकायतों पर भी तत्काल लाइसेंस निलंबन कर रहे हैं और सुधार नोटिस, नियमपालन के लिए समय तथा औपचारिक सुनवाई जैसी कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर रहे हैं।
कमिश्नर मुंढे की प्रतिक्रिया
मुंढे ने स्पष्ट किया कि उन्हें राउत के पत्र की जानकारी केवल मीडिया रिपोर्टों से मिली, क्योंकि उनके कार्यालय को कोई आधिकारिक प्रति नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'मैं वास्तव में उनका आभारी हूँ। उनसे मेरा केवल यही अनुरोध है कि यदि उनके पास विशिष्ट विवरण हैं, तो वे उन्हें मेरे साथ या ACB के साथ साझा करें। यदि मेरा कोई अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल है, तो कृपया पूरी जानकारी के साथ इसे मेरे संज्ञान में लाएँ।'
मुंढे ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सामान्य बयानों की बजाय सत्यापन योग्य तथ्य प्रस्तुत किए जाएँ — चाहे वे किसी विधायक की ओर से आएँ या किसी प्रभावित व्यवसाय मालिक की ओर से।
शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा का आश्वासन
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि छोटे और मध्यम स्तर के होटल एवं रेस्तरां मालिक प्रतिशोध के भय से भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत करने से बचते हैं। इस चिंता को दूर करते हुए मुंढे ने आश्वासन दिया कि FDA का आधिकारिक शिकायत पोर्टल स्वचालित रूप से शिकायतकर्ता की पहचान छिपा देता है और उन्हें सीधे दी गई कोई भी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि तुकाराम मुंढे पहले भी कई विभागों में कड़े प्रशासनिक रुख के लिए जाने जाते रहे हैं, और उनका यह FDA कार्यकाल भी विवादों से अछूता नहीं रहा। अब देखना यह होगा कि राउत औपचारिक रूप से ACB या FDA के पास साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो महाराष्ट्र सरकार के प्रवर्तन तंत्र की विश्वसनीयता एक नई परीक्षा में होगी।