पीसीएमसी स्कूल किट घोटाला: संजय राउत ने ₹400 करोड़ की अनियमितता का आरोप लगाया, CM फडणवीस को पत्र
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने 10 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (पीसीएमसी) में स्कूल किट खरीद में कथित तौर पर ₹400 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। राउत ने इस मामले में एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और निगम अधिकारियों के खिलाफ तत्काल जांच और कार्रवाई की माँग की है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
राउत के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड के कई स्थानीय पार्षदों ने उनसे मुलाकात कर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के छात्रों के लिए यूनिफॉर्म, स्वेटर, मोजे, रेनकोट और स्कूल बैग की खरीद में कथित अनियमितताओं की जानकारी दी। राउत ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि सोलापुर स्थित जगदंबा रेडीमेड ड्रेसेस सहकारी संस्था को बिना किसी प्रतिस्पर्धी बोली के सीधे करोड़ों रुपए का ठेका दे दिया गया।
राज्य के नियमों के अनुसार, ₹3 लाख से अधिक की किसी भी सरकारी खरीद के लिए अनिवार्य ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का पालन करना होता है। राउत का आरोप है कि इस प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों की भी अनदेखी की गई।
दर में अंतर और करदाताओं का नुकसान
राउत ने बताया कि यह मामला पहले सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचा था, जिसने स्कूल किट की खरीद के लिए ₹239 प्रति यूनिट की दर तय की थी। हालाँकि, कथित तौर पर पीसीएमसी प्रशासन ने यह ठेका ₹814 प्रति यूनिट की दर पर दिया — यानी प्रति किट ₹575 का अतिरिक्त भुगतान। राउत के दावे के अनुसार, इस कथित घोटाले की कुल राशि करीब ₹400 करोड़ है।
मंत्री पर सीधा आरोप
राउत ने राज्य मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ मंत्री पर इस सौदे को आगे बढ़ाने के लिए नगर आयुक्त पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार विरोधी नारे 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा' का संदर्भ देते हुए उन्होंने अपने पत्र में लिखा, 'आपके मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ मंत्री ने नगर आयुक्त पर बिना किसी निविदा प्रक्रिया के अवैध रूप से इस फर्म को ठेका देने का दबाव डाला।' राउत ने यह भी दावा किया कि इस कथित भ्रष्टाचार से ₹50 से ₹55 करोड़ की रकम संबंधित मंत्रियों तक पहुँची।
सबूत और जांच की माँग
राउत ने अपने पत्र के अंत में मुख्यमंत्री फडणवीस से मामले की तत्काल जांच कराने और कथित रूप से शामिल मंत्री तथा पीसीएमसी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े सभी दस्तावेजी साक्ष्य मुख्यमंत्री कार्यालय को जांच के लिए सौंप दिए गए हैं। बच्चों की शिक्षा सामग्री की खरीद में कथित अनियमितता को राउत ने 'बेहद शर्मनाक' करार दिया।
आगे क्या होगा
फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय या पीसीएमसी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है। गौरतलब है कि राउत पहले भी पीसीएमसी प्रशासन से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं।