महाराष्ट्र: शहीद संतोष जगदाले की बेटी आसावरी को मिली सरकारी नौकरी, सीएम फडणवीस ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
पुणे, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद संतोष जगदाले के परिवार के लिए महाराष्ट्र सरकार का वादा अब पूरा हो गया है। शहीद संतोष जगदाले की बेटी, आसावरी संतोष जगदाले, को पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) में क्लास-2 अधिकारी (प्रशासकीय अधिकारी) के पद पर नियुक्ति पत्र जारी किया गया है। इस ख़ुशी के पल पर स्वयं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आसावरी से फोन पर बात की और उन्हें बधाई दी।
संतोष जगदाले, जो पुणे के निवासी थे, अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद हो गए थे। इस हमले में महाराष्ट्र के कई अन्य लोग भी मारे गए थे। घटना के बाद राज्य सरकार ने शहीद परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया था। आसावरी जगदाले को पिछले करीब एक साल से नौकरी का इंतजार था।
इस दौरान उन्होंने कई बार सरकारी अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन प्रक्रिया में देरी हुई। फरवरी 2026 में मीडिया में उनकी दास्तान सामने आने के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद मेधा कुलकर्णी, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ और अन्य नेताओं ने विशेष प्रयास किए। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पुणे महापालिका आयुक्त नवल किशोर राम को निर्देश दिए थे कि प्रक्रिया को तेज किया जाए।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद आसावरी ने पत्रकारों से बातचीत में आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का इस कठिन समय में दिए गए समर्थन और मार्गदर्शन के लिए दिल से आभारी हूं।" उन्होंने सांसद मेधा कुलकर्णी, मंत्री मुरलीधर मोहोळ, राजा बराटे और सुशील मेंगडे का भी लगातार प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद दिया।
आसावरी ने पुणे महानगरपालिका के आयुक्त नवल किशोर राम, सभागृह नेता गणेश बिडकर और महापौर मंजुषा नागपुरे का विशेष रूप से आभार जताया, जिन्होंने इस नियुक्ति में सहारा दिया। उन्होंने भावुक होकर कहा, "यह मेरे लिए केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं इसे विनम्रता और दृढ़ संकल्प के साथ स्वीकार कर रही हूं। मेरे पिता की बहुत याद आ रही है। उनकी अनुपस्थिति को शब्दों में नहीं कह सकती। मैं स्वर्ग से उनके आशीर्वाद की अपेक्षा करती हूं और ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से काम करके उनका नाम रोशन करने का वचन देती हूं।"