25 अक्टूबर 2026
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महाराष्ट्र सूखा: NCP (SCP) के क्लाइड क्रास्टो का महायुति सरकार पर हमला, किसान अनदेखी का आरोप

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महाराष्ट्र सूखा: NCP (SCP) के क्लाइड क्रास्टो का महायुति सरकार पर हमला, किसान अनदेखी का आरोप

सारांश

महाराष्ट्र में सूखे की मार झेल रहे किसानों की अनदेखी पर NCP (SCP) नेता क्लाइड क्रास्टो ने महायुति सरकार को कठघरे में खड़ा किया। 1 नवंबर की 'इंडिया' ब्लॉक रैली, मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने के आरोप और महायुति के आंतरिक खींचतान — एक बयान में कई मोर्चे।

मुख्य बातें

NCP (SCP) नेता क्लाइड क्रास्टो ने 25 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया।
सूखा घोषित होने के बावजूद पानी की समस्या का समाधान नहीं — क्रास्टो का आरोप।
1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में 'इंडिया' ब्लॉक की रैली; क्रास्टो ने इसे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन बताया।
मतदाता सूची से 13 करोड़ लोगों के नाम हटाने का आरोप लगाया — स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश का सरकार पर आरोप।
सुनेत्रा पवार के वित्त विभाग के दावे पर टिप्पणी — BJP पर महायुति सहयोगियों को दबाने का इलज़ाम।

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता क्लाइड क्रास्टो ने 25 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महायुति सरकार पूरी तरह किसान विरोधी है और सूखे की आधिकारिक घोषणा के बावजूद राज्य में पानी की समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष की ज़िम्मेदारी है कि वह जनता के हितों के लिए आवाज़ उठाए।

सूखे पर सरकार की निष्क्रियता का आरोप

क्रास्टो ने कहा, 'महाराष्ट्र में सूखा घोषित होने के बाद भी पानी की संकट की स्थिति जस की तस बनी हुई है।' उनके अनुसार, सरकार को लोगों के हित में काम करना पड़ेगा, वरना विपक्ष हर मंच पर यह मुद्दा उठाता रहेगा। आलोचकों का कहना है कि सूखा-प्रभावित जिलों में राहत वितरण की गति अत्यंत धीमी रही है।

'इंडिया' ब्लॉक की 1 नवंबर रैली पर रुख

1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित 'इंडिया' गठबंधन की रैली के बारे में क्रास्टो ने कहा, 'विपक्ष संविधान का पालन कर रहा है। यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा है, यह समझना ज़रूरी है।' उन्होंने बताया कि यह आंदोलन जुलाई में नीट परीक्षा में गड़बड़ी की खबरों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से शुरू हुआ था।

क्रास्टो ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची से 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा, 'हम न्याय की माँग कर रहे हैं — यह हमारा संवैधानिक अधिकार है, फिर भी इसे छीना जा रहा है।' हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर निशाना

क्रास्टो ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है? आंदोलन से सरकार को फर्क नहीं पड़ रहा, केवल ज्ञानेश कुमार को सुरक्षित रखा जा रहा है।' उनके अनुसार, यदि विपक्ष को न्याय और उचित अधिकार मिलें, तो आंदोलन की ज़रूरत नहीं रहेगी।

महायुति के आंतरिक संघर्ष पर टिप्पणी

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा वित्त विभाग वापस माँगे जाने के सवाल पर क्रास्टो ने कहा, 'यह महायुति का आंतरिक मामला है — इसलिए इस पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।' परंतु उन्होंने जोड़ा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने गठबंधन सहयोगियों को आगे नहीं आने दे रही। क्रास्टो ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब भी देवेंद्र फडणवीस दिल्ली जाते हैं, अगले ही दिन एकनाथ शिंदे भी वहाँ पहुँच जाते हैं — यह गठबंधन के भीतर आपसी खींचतान का स्पष्ट संकेत है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति ऐसे समय में और गहरा रही है जब रबी सीजन की बुआई शुरू होनी है, और किसानों पर दोहरी मार — सूखे की और राहत की देरी की — पड़ रही है। आने वाले हफ्तों में विपक्ष इस मुद्दे को विधानसभा और सड़क, दोनों मोर्चों पर तेज़ करने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिना सत्यापन के यह एक राजनीतिक दावा ही रहेगा। असली सवाल यह है कि सूखा-घोषणा के बाद भी ज़मीन पर राहत क्यों नहीं पहुँची — और इस पर न तो सरकार ने कोई ठोस जवाब दिया है, न मीडिया ने पर्याप्त जवाबदेही माँगी है। महायुति के भीतर वित्त विभाग की खींचतान यह भी दर्शाती है कि गठबंधन की एकजुटता रबी सीजन की तरह ही कमज़ोर है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्लाइड क्रास्टो ने महाराष्ट्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
NCP (SCP) नेता क्लाइड क्रास्टो ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार किसान विरोधी है और सूखा घोषित होने के बावजूद राज्य में पानी की समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के हितों के लिए मुद्दा उठाता रहेगा।
1 नवंबर 2026 की 'इंडिया' ब्लॉक रैली किस बारे में है?
यह रैली नई दिल्ली में आयोजित होने वाली है और इसका उद्देश्य नीट परीक्षा गड़बड़ी, मतदाता सूची विवाद और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज करना है। क्रास्टो के अनुसार यह आंदोलन जुलाई में शुरू हुआ था और अब मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने के आरोप ने इसे और तेज़ किया है।
मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने का आरोप क्या है?
क्लाइड क्रास्टो का दावा है कि देशभर में वोटर लिस्ट से 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिसे वे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन मानते हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
NCP (SCP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या कहा?
क्रास्टो ने सवाल उठाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है। उनका कहना है कि विरोध आंदोलन से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा और वह केवल ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा में लगी है।
महायुति गठबंधन के भीतर खींचतान पर क्रास्टो का क्या कहना है?
क्रास्टो ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा वित्त विभाग माँगना महायुति का आंतरिक मामला है, लेकिन BJP अपने सहयोगियों को आगे नहीं बढ़ने दे रही। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की दिल्ली दौड़ को गठबंधन के भीतर आपसी अविश्वास का संकेत बताया।
राष्ट्र प्रेस
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