12 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र भर्ती परीक्षा सुधार: फडणवीस ने हाई-लेवल कमेटी गठित की, 25,000 सुरक्षित क्लासरूम का आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र भर्ती परीक्षा सुधार: फडणवीस ने हाई-लेवल कमेटी गठित की, 25,000 सुरक्षित क्लासरूम का आदेश

सारांश

नीट पेपर लीक और देशव्यापी परीक्षा विवादों की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र की भर्ती परीक्षा प्रणाली को जड़ से बदलने का संकल्प लिया — हाई-लेवल कमेटी, केंद्रीय कड़ा कानून और 25,000 सुरक्षित क्लासरूम के साथ। यह राज्य की अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा सुधार पहल है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 12 अगस्त 2026 को भर्ती परीक्षा सुधार के लिए हाई-लेवल कमेटी के गठन का निर्णय लिया।
कमेटी की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव वी.
राधा करेंगी; पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते सहित चार वरिष्ठ अधिकारी सदस्य हैं।
पैनल राज्य के प्रत्येक राजस्व मंडल का दौरा कर छात्रों और हितधारकों से संवाद करेगा और संयुक्त नीति रिपोर्ट सौंपेगा।
केंद्र के पेपर लीक विरोधी कठोर कानून को महाराष्ट्र में दो सप्ताह के भीतर लागू करने का आदेश।
राज्यभर में कम से कम 25,000 सुरक्षित क्लासरूम बनाने का निर्देश दिया गया।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बैठक में महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को मुंबई में राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार लागू करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी के गठन का निर्णय लिया। यह फैसला उनके सरकारी आवास 'वर्षा' में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित रहे।

कमेटी का गठन और संरचना

जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा इस उच्चस्तरीय पैनल की अध्यक्षता करेंगी। कमेटी में पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुपालन विभाग के सचिव एन. रामास्वामी और नासिक मंडल आयुक्त प्रवीण गेदम सदस्य के रूप में शामिल हैं। डिप्टी सीएम शिंदे ने बैठक में कई महत्त्वपूर्ण सुझाव भी रखे।

कमेटी का कार्यक्षेत्र

इस पैनल को निर्देश दिया गया है कि वह राज्य के प्रत्येक राजस्व मंडल का दौरा करे और छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासकों तथा अन्य हितधारकों से सीधी बातचीत के आधार पर एक संयुक्त नीति रिपोर्ट तैयार करे। इसके अलावा, वैश्विक परीक्षा मॉडलों की समीक्षा, मौजूदा कार्यप्रणाली का मूल्यांकन और सुधार की संभावना वाले क्षेत्रों की पहचान भी इसके दायरे में शामिल है। जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्तों, अधीक्षकों और वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय के लिए स्पष्ट भूमिकाएं तय करना भी एजेंडे में है।

राष्ट्रीय पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर व्यापक असंतोष है। जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन हुए, जबकि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन जारी है। गौरतलब है कि यह महाराष्ट्र सरकार की ओर से परीक्षा सुधार की दिशा में पहली ठोस संरचनागत पहल है।

केंद्रीय कानून को अपनाने का निर्देश

फडणवीस ने संसद द्वारा हाल ही में पारित पेपर लीक विरोधी कड़े कानून का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले दो सप्ताह के भीतर महाराष्ट्र में इस केंद्रीय कानून को अपनाने और लागू करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में पहले से अपना कानून मौजूद है, लेकिन केंद्र का कानून अधिक कठोर है, इसलिए उसे प्राथमिकता दी जाएगी।

सुरक्षित परीक्षा केंद्रों का निर्माण

मुख्यमंत्री ने राज्यभर में कम से कम 25,000 सुरक्षित क्लासरूम बनाने का आदेश दिया, जो भविष्य में परीक्षा केंद्रों के रूप में उपयोग किए जाएंगे। यह कदम परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक दीर्घकालिक अवसंरचना निवेश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले हफ्तों में कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के लिए एक व्यापक परीक्षा नीति तैयार होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 क्लासरूम का आदेश दिखता तो ठोस है, लेकिन असली सवाल यह है कि रिपोर्ट आने के बाद सिफारिशें लागू होंगी या फाइलों में दब जाएंगी — महाराष्ट्र में पिछले कई आयोगों की रिपोर्टें यही हश्र भोग चुकी हैं। केंद्रीय पेपर लीक कानून को 'दो हफ्तों में' अपनाने की समयसीमा महत्त्वाकांक्षी है, पर क्रियान्वयन तंत्र और जवाबदेही ढाँचे का अभी कोई ब्यौरा सार्वजनिक नहीं हुआ। यह पहल नीट विवाद के राजनीतिक दबाव में उठाया गया कदम भी हो सकता है — छात्रों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब कमेटी की सिफारिशें समयबद्ध, पारदर्शी और सत्यापन-योग्य हों।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र सरकार ने भर्ती परीक्षा सुधार के लिए कौन-सी कमेटी बनाई है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 12 अगस्त 2026 को एक हाई-लेवल कमेटी गठित की, जिसकी अध्यक्षता जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा करेंगी। इस पैनल में पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते सहित चार वरिष्ठ अधिकारी सदस्य हैं।
यह कमेटी क्या काम करेगी?
कमेटी राज्य के प्रत्येक राजस्व मंडल का दौरा कर छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासकों और हितधारकों से संवाद करेगी। इन सुझावों के आधार पर वह एक संयुक्त नीति रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसमें वैश्विक परीक्षा मॉडलों की समीक्षा और मौजूदा प्रणाली में सुधार के उपाय शामिल होंगे।
महाराष्ट्र में केंद्रीय पेपर लीक कानून कब लागू होगा?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगले दो सप्ताह के भीतर संसद द्वारा पारित कठोर पेपर लीक विरोधी केंद्रीय कानून को महाराष्ट्र में अपनाने और लागू करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। राज्य में पहले से अपना कानून है, लेकिन केंद्रीय कानून अधिक सख्त माना गया है।
25,000 सुरक्षित क्लासरूम का आदेश क्यों दिया गया?
परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्यभर में कम से कम 25,000 सुरक्षित क्लासरूम बनाने का आदेश दिया है। ये क्लासरूम भविष्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए सुरक्षित केंद्रों के रूप में काम करेंगे।
यह फैसला किस पृष्ठभूमि में लिया गया?
यह निर्णय नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों और झारखंड में JPSC व JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में लिया गया है। देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठते सवालों के बीच महाराष्ट्र ने यह संरचनागत कदम उठाया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले