महाराष्ट्र भर्ती परीक्षा सुधार: फडणवीस ने हाई-लेवल कमेटी गठित की, 25,000 सुरक्षित क्लासरूम का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को मुंबई में राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार लागू करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी के गठन का निर्णय लिया। यह फैसला उनके सरकारी आवास 'वर्षा' में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित रहे।
कमेटी का गठन और संरचना
जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा इस उच्चस्तरीय पैनल की अध्यक्षता करेंगी। कमेटी में पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुपालन विभाग के सचिव एन. रामास्वामी और नासिक मंडल आयुक्त प्रवीण गेदम सदस्य के रूप में शामिल हैं। डिप्टी सीएम शिंदे ने बैठक में कई महत्त्वपूर्ण सुझाव भी रखे।
कमेटी का कार्यक्षेत्र
इस पैनल को निर्देश दिया गया है कि वह राज्य के प्रत्येक राजस्व मंडल का दौरा करे और छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासकों तथा अन्य हितधारकों से सीधी बातचीत के आधार पर एक संयुक्त नीति रिपोर्ट तैयार करे। इसके अलावा, वैश्विक परीक्षा मॉडलों की समीक्षा, मौजूदा कार्यप्रणाली का मूल्यांकन और सुधार की संभावना वाले क्षेत्रों की पहचान भी इसके दायरे में शामिल है। जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्तों, अधीक्षकों और वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय के लिए स्पष्ट भूमिकाएं तय करना भी एजेंडे में है।
राष्ट्रीय पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर व्यापक असंतोष है। जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन हुए, जबकि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन जारी है। गौरतलब है कि यह महाराष्ट्र सरकार की ओर से परीक्षा सुधार की दिशा में पहली ठोस संरचनागत पहल है।
केंद्रीय कानून को अपनाने का निर्देश
फडणवीस ने संसद द्वारा हाल ही में पारित पेपर लीक विरोधी कड़े कानून का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले दो सप्ताह के भीतर महाराष्ट्र में इस केंद्रीय कानून को अपनाने और लागू करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में पहले से अपना कानून मौजूद है, लेकिन केंद्र का कानून अधिक कठोर है, इसलिए उसे प्राथमिकता दी जाएगी।
सुरक्षित परीक्षा केंद्रों का निर्माण
मुख्यमंत्री ने राज्यभर में कम से कम 25,000 सुरक्षित क्लासरूम बनाने का आदेश दिया, जो भविष्य में परीक्षा केंद्रों के रूप में उपयोग किए जाएंगे। यह कदम परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक दीर्घकालिक अवसंरचना निवेश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले हफ्तों में कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के लिए एक व्यापक परीक्षा नीति तैयार होने की उम्मीद है।