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महाराष्ट्र कैबिनेट का बड़ा फैसला: खिलाड़ियों के 5% कोटे की नीति संशोधित, ब्लॉकचेन से होगा सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन

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महाराष्ट्र कैबिनेट का बड़ा फैसला: खिलाड़ियों के 5% कोटे की नीति संशोधित, ब्लॉकचेन से होगा सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने खिलाड़ियों के 5% सरकारी नौकरी कोटे को नया रूप दिया है — ब्लॉकचेन आधारित ई-सर्टिफिकेट सिस्टम से फर्जी प्रमाण-पत्रों पर लगाम लगेगी। कबड्डी, खो-खो और मल्लखंब जैसे क्षेत्रीय खेल भी अब दायरे में आए। यह फैसला राज्य में खेल भर्ती प्रक्रिया का अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी सुधार है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 8 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों के 5% समानांतर आरक्षण की संशोधित नीति को मंजूरी मिली।
आरक्षण ग्रुप ए, बी, सी और डी पदों पर लागू होगा — सभी सरकारी विभागों, जिला परिषदों, नगर निगमों, विश्वविद्यालयों और सहकारी संस्थाओं सहित।
कबड्डी, खो-खो, शतरंज, मल्लखंब और क्रिकेट को क्षेत्रीय खेलों के रूप में विशेष रूप से शामिल किया गया।
फर्जी सर्टिफिकेट रोकने के लिए ब्लॉकचेन आधारित स्पोर्ट्स ई-सर्टिफिकेट ऑटोमेशन सिस्टम लागू; टूर्नामेंट आयोजकों को परिणाम 7 दिनों में अपलोड करने होंगे।
सभी पात्र खिलाड़ियों को नया सरकारी आदेश जारी होने के 3 महीने के भीतर सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन अनिवार्य।
इस विषय पर पहले के सभी सरकारी आदेश निरस्त ; नया विस्तृत आदेश शीघ्र जारी होगा।

महाराष्ट्र सरकार ने 8 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी और अर्ध-सरकारी सेवाओं में मेधावी खिलाड़ियों के लिए लागू 5 प्रतिशत समानांतर आरक्षण की संशोधित नीति को मंजूरी दे दी। इस फैसले का उद्देश्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, एकरूप और फर्जीवाड़े से मुक्त बनाना है।

संशोधित नीति में क्या बदला

नई नीति के अंतर्गत सभी योग्य खिलाड़ियों को नया सरकारी आदेश जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर अपने स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। जो उम्मीदवार पूर्व के सरकारी आदेश के तहत पात्र थे, उन पर भी यह शर्त समान रूप से लागू होगी। इस विषय पर पहले जारी किए गए सभी सरकारी आदेश अब निरस्त माने जाएंगे और शीघ्र ही एक व्यापक नया आदेश प्रकाशित किया जाएगा।

आरक्षण का दायरा और पात्र संस्थाएँ

यह 5 प्रतिशत समानांतर आरक्षण राज्य सरकार के सभी विभागों, जिला परिषदों, पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों, नगर निगमों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों, सरकार से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, आश्रम स्कूलों, सहकारी संस्थाओं (जैसे बैंक और चीनी मिलें) तथा राज्य से अनुदान प्राप्त स्वैच्छिक संगठनों में ग्रुप ए, बी, सी और डी पदों पर सीधी भर्ती के लिए लागू होगा।

पात्रता की शर्त के अनुसार, वर्ष 2005 के बाद लगातार कम से कम तीन समर ओलंपिक खेलों में शामिल खेलों को इस आरक्षण के लिए योग्य माना गया है। क्षेत्रीय खेलों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कबड्डी, खो-खो, शतरंज, मल्लखंब और क्रिकेट को भी इसमें विशेष रूप से शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स, पैरा एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स के संबंध में विशिष्ट खेल पात्रता की शर्त लागू नहीं होगी — इन आयोजनों के संबंधित वर्ष में शामिल कोई भी खेल स्वतः योग्य माना जाएगा।

कौन होंगे पात्र खिलाड़ी

मान्यता प्राप्त संघों द्वारा आयोजित सीनियर, यूथ और जूनियर आयु वर्गों की प्रतियोगिताओं, स्कूल गेम्स (अंडर-19), खेलो इंडिया गेम्स (यूथ, यूनिवर्सिटी, पैरा) और ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप के पदक विजेता भी इस आरक्षण के लिए पात्र होंगे। मान्यता प्राप्त खेलों की सूची में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, कैनोइंग और कायाकिंग, क्रिकेट, साइकिलिंग, फेंसिंग, फुटबॉल, जिम्नास्टिक्स, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, खो-खो, मल्लखंब, रोइंग, रग्बी, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, ट्रायथलॉन, वॉलीबॉल, मॉडर्न पेंटाथलॉन, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, स्केटबोर्डिंग, सर्फिंग, स्पोर्ट क्लाइंबिंग, गोल्फ, शतरंज, घुड़सवारी, सेलिंग और टेनिस शामिल हैं।

ब्लॉकचेन से फर्जी सर्टिफिकेट पर लगेगी रोक

फर्जी प्रमाण-पत्रों की समस्या से निपटने के लिए नई नीति में डिजिटल 'स्पोर्ट्स ई-सर्टिफिकेट ऑटोमेशन सिस्टम' लागू किया गया है। इस प्रणाली के तहत टूर्नामेंट आयोजकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे आयोजन समाप्त होने के 7 दिनों के भीतर डिजिटल सिग्नेचर के साथ परिणाम अपलोड करें।

यह प्रणाली डेटा को स्थायी रूप से संग्रहीत करने के लिए ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का उपयोग करती है, जिससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ असंभव हो जाती है। ऑटोमेटेड क्रिप्टोग्राफिक हैशिंग के ज़रिए सर्टिफिकेट का तत्काल सत्यापन संभव होगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में फर्जी खेल प्रमाण-पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी पाने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

आगे की राह

कैबिनेट की मंजूरी के बाद शीघ्र ही एक विस्तृत सरकारी आदेश जारी किया जाएगा, जिसमें नई नीति के सभी प्रावधानों का पूरा ब्यौरा होगा। यह फैसला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — ब्लॉकचेन सिस्टम तभी कारगर होगा जब राज्य के सैकड़ों जिला और तालुका स्तरीय संघ वास्तव में 7 दिनों की डेडलाइन का पालन करें, जो अब तक की प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए चुनौतीपूर्ण है। कबड्डी और मल्लखंब जैसे क्षेत्रीय खेलों को शामिल करना स्वागत योग्य है, लेकिन इन खेलों के लिए मान्यता प्राप्त संघों की संख्या और उनकी डिजिटल तैयारी पर सवाल बने रहेंगे। तीन महीने की वेरिफिकेशन विंडो उन हज़ारों पुराने खिलाड़ियों के लिए बाधा बन सकती है जिनके पास पुराने कागज़ी प्रमाण-पत्र हैं। नीति की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार तकनीकी ढाँचे को ज़मीनी स्तर तक कितनी तेज़ी से पहुँचाती है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में खिलाड़ियों के 5% आरक्षण की नई नीति क्या है?
महाराष्ट्र कैबिनेट ने 8 सितंबर 2026 को सरकारी और अर्ध-सरकारी सेवाओं में मेधावी खिलाड़ियों के लिए 5 प्रतिशत समानांतर आरक्षण की संशोधित नीति को मंजूरी दी। यह आरक्षण ग्रुप ए, बी, सी और डी पदों पर सीधी भर्ती के लिए राज्य के सभी विभागों, नगर निगमों, विश्वविद्यालयों और सहकारी संस्थाओं में लागू होगा।
इस आरक्षण के लिए कौन-से खेल और खिलाड़ी पात्र होंगे?
वर्ष 2005 के बाद लगातार कम से कम तीन समर ओलंपिक में शामिल खेल पात्र हैं। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, शतरंज, मल्लखंब और क्रिकेट को क्षेत्रीय खेल के रूप में विशेष रूप से शामिल किया गया है। ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के संबंधित वर्ष के सभी खेल स्वतः योग्य माने जाएंगे।
स्पोर्ट्स ई-सर्टिफिकेट ऑटोमेशन सिस्टम क्या है और यह कैसे काम करेगा?
यह एक डिजिटल प्रणाली है जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और ऑटोमेटेड क्रिप्टोग्राफिक हैशिंग का उपयोग करके खेल प्रमाण-पत्रों को स्थायी और छेड़छाड़-रहित तरीके से संग्रहीत करती है। टूर्नामेंट आयोजकों को आयोजन समाप्त होने के 7 दिनों के भीतर डिजिटल सिग्नेचर के साथ परिणाम अपलोड करने होंगे, जिससे फर्जी सर्टिफिकेट की समस्या पर अंकुश लगेगा।
पुराने सर्टिफिकेट वाले खिलाड़ियों को क्या करना होगा?
जो उम्मीदवार पहले के सरकारी आदेश के तहत पात्र थे, उन्हें भी नया सरकारी आदेश जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर अपने सर्टिफिकेट वेरिफाई करवाने होंगे। इस समय-सीमा के भीतर वेरिफिकेशन न करने पर पात्रता प्रभावित हो सकती है।
यह नीति किन संस्थाओं पर लागू होगी?
यह नीति राज्य सरकार के सभी विभागों, जिला परिषदों, पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों, नगर निगमों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विश्वविद्यालयों, सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, आश्रम स्कूलों, सहकारी बैंकों, चीनी मिलों और राज्य से अनुदान प्राप्त स्वैच्छिक संगठनों पर लागू होगी।
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