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फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला: मराठा विद्यार्थियों को मिलेंगी ओबीसी जैसी 8 शैक्षणिक सुविधाएं

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फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला: मराठा विद्यार्थियों को मिलेंगी ओबीसी जैसी 8 शैक्षणिक सुविधाएं

सारांश

फडणवीस सरकार ने मराठा विद्यार्थियों को ओबीसी के बराबर शैक्षणिक सुविधाएं देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। 8 प्रमुख योजनाएं, 16 प्रकार की फीस प्रतिपूर्ति और भविष्य की नई योजनाएं भी स्वतः लागू होंगी — यह लंबे आंदोलन के बीच तत्काल राहत का कदम है।

मुख्य बातें

देवेंद्र फडणवीस सरकार ने 5 जून 2026 को मराठा विद्यार्थियों को ओबीसी के समकक्ष शैक्षणिक सुविधाएं देने का निर्णय लिया।
मराठा समाज के लिए 8 प्रमुख शैक्षणिक योजनाएं लागू होंगी, जिनमें छात्रवृत्ति और व्यावसायिक प्रशिक्षण शामिल हैं।
16 प्रकार की फीस प्रतिपूर्ति योजनाओं का लाभ भी पात्र मराठा विद्यार्थियों को मिलेगा।
राज्य के बाहर अनुदानित और गैर-अनुदानित पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले महाराष्ट्र के मराठा विद्यार्थी भी इन योजनाओं के दायरे में आएंगे।
भविष्य में ओबीसी के लिए लागू होने वाली नई योजनाएं भी अगले आदेश तक स्वतः मराठा विद्यार्थियों पर लागू होंगी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने 5 जून 2026 को मराठा समाज के विद्यार्थियों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के समकक्ष शैक्षणिक सुविधाएं और रियायतें देने की घोषणा की। इस फैसले के तहत 8 प्रमुख शैक्षणिक योजनाओं का लाभ अब मराठा समाज के पात्र छात्र-छात्राओं को भी उपलब्ध होगा। हजारों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, फीस प्रतिपूर्ति और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी सहायता सीधे मिल सकेगी।

किन योजनाओं का मिलेगा लाभ

सरकारी आदेश के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा (10वीं) के बाद की छात्रवृत्ति योजना और माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए लागू छात्रवृत्ति योजना का विस्तार अब मराठा समाज के विद्यार्थियों तक किया जाएगा। इसके साथ ही मोटर वाहन चालक और परिचालक (कंडक्टर) प्रशिक्षण योजना का लाभ भी इस वर्ग को मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को मिलने वाली 16 प्रकार की प्रतिपूर्ति (रिइम्बर्समेंट) योजनाओं का लाभ भी पात्र मराठा विद्यार्थियों को दिया जाएगा। गौरतलब है कि जिन-जिन पाठ्यक्रमों में ओबीसी विद्यार्थियों को शैक्षणिक रियायतें मिलती हैं, अब उन सभी पाठ्यक्रमों के लिए मराठा समाज के विद्यार्थी भी स्वतः पात्र माने जाएंगे।

राज्य के बाहर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी राहत

सरकार ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र के निवासी जो विद्यार्थी राज्य के बाहर स्थित अनुदानित और गैर-अनुदानित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं, वे भी इन योजनाओं के दायरे में आएंगे। यह प्रावधान उन छात्रों के लिए विशेष रूप से राहतकारी है जो उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं।

सीएपी के बाद रिक्त सीटों पर प्रवेश लेने वालों को भी लाभ

सरकार ने केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया (सीएपी) पूरी होने के बाद रिक्त बची सीटों पर संस्थान स्तर से प्रवेश लेने वाले मराठा विद्यार्थियों को भी राहत दी है। प्रवेश नियामक समिति द्वारा अनुमोदित संस्थानों में ऐसे प्रवेश लेने वाले मराठा विद्यार्थी भी ओबीसी विद्यार्थियों की तरह शैक्षणिक रियायतों के हकदार होंगे।

भविष्य की योजनाएं भी स्वतः लागू होंगी

सरकारी आदेश में एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी है कि वर्तमान में ओबीसी वर्ग को मिलने वाली सभी शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ भविष्य में लागू होने वाली नई योजनाएं भी अगले आदेश तक स्वतः मराठा समाज के विद्यार्थियों पर लागू होंगी। यह प्रावधान इस फैसले को दीर्घकालिक राहत का रूप देता है।

आम जनता पर असर

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में लंबे समय से आंदोलन चलता रहा है। शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार को आरक्षण का विकल्प नहीं, बल्कि तत्काल राहत के रूप में देखा जा रहा है। इस निर्णय से हजारों मराठा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, फीस प्रतिपूर्ति और व्यावसायिक शिक्षा तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है, जो उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाने में सहायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शैक्षणिक मोर्चे पर तत्काल राहत ज़रूर है — और राजनीतिक संदेश भी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मराठा आरक्षण रद्द किए जाने के बाद फडणवीस सरकार पर दबाव लगातार बना हुआ था; ओबीसी-समकक्ष शैक्षणिक सुविधाएं देना उस दबाव का प्रशासनिक जवाब है। असली सवाल यह है कि क्या इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किया गया है, या यह घोषणा कागज़ों तक सीमित रहेगी। भविष्य की सभी ओबीसी योजनाओं को स्वतः मराठा विद्यार्थियों पर लागू करने का प्रावधान दूरगामी है, लेकिन इसकी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फडणवीस सरकार ने मराठा विद्यार्थियों के लिए क्या फैसला किया है?
महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समाज के विद्यार्थियों को ओबीसी विद्यार्थियों के समकक्ष 8 प्रमुख शैक्षणिक योजनाओं का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसमें छात्रवृत्ति, 16 प्रकार की फीस प्रतिपूर्ति और व्यावसायिक प्रशिक्षण योजनाएं शामिल हैं।
मराठा विद्यार्थियों को कौन-कौन सी शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी?
माध्यमिक शिक्षा (10वीं) के बाद की छात्रवृत्ति, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक छात्रवृत्ति, मोटर वाहन चालक-परिचालक प्रशिक्षण योजना और 16 प्रकार की फीस प्रतिपूर्ति योजनाओं का लाभ मराठा विद्यार्थियों को मिलेगा। जिन पाठ्यक्रमों में ओबीसी विद्यार्थी पात्र हैं, उन सभी में अब मराठा विद्यार्थी भी पात्र होंगे।
क्या राज्य के बाहर पढ़ने वाले मराठा विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा?
हाँ, महाराष्ट्र के निवासी मराठा विद्यार्थी जो राज्य के बाहर अनुदानित या गैर-अनुदानित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं, वे भी इन योजनाओं के दायरे में आएंगे। सरकार ने इसे स्पष्ट रूप से सरकारी आदेश में शामिल किया है।
सीएपी के बाद संस्थान स्तर पर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का क्या होगा?
केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया (सीएपी) पूरी होने के बाद रिक्त सीटों पर संस्थान स्तर से प्रवेश लेने वाले मराठा विद्यार्थी भी, यदि संस्थान प्रवेश नियामक समिति द्वारा अनुमोदित है, तो ओबीसी विद्यार्थियों की तरह शैक्षणिक रियायतों के पात्र होंगे।
क्या यह फैसला मराठा आरक्षण का विकल्प है?
नहीं, यह फैसला आरक्षण का कानूनी विकल्प नहीं है, बल्कि शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार है। मराठा आरक्षण का मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा है; यह निर्णय उस दिशा में नहीं, बल्कि शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में उठाया गया प्रशासनिक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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