मलयाली साहित्यकारों ने पीएम मोदी से मिलकर केरल का नाम 'केरलम' रखने पर आभार व्यक्त किया
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नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध मलयाली साहित्यकारों के एक समूह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की और केरल का नाम बदलकर केरलम किए जाने के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रख्यात मलयाली साहित्यकारों से मिलकर अत्यधिक खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि यह वार्ता बहुत ज्ञानवर्धक रही। उन्होंने यह भी कहा कि इस भेंट से केरलम और मलयालम के प्रति साहित्यकारों की गहरी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा, "केरल का नाम बदलकर केरलम किए जाने पर आभार व्यक्त करने आए प्रसिद्ध मलयाली साहित्यकारों के समूह से मिलकर मुझे बेहद खुशी हुई। यह संवाद ज्ञानवर्धक रहा और उनके केरलम और मलयालम के प्रति अटूट समर्पण को प्रकट करता है।"
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'केरल' राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद, राष्ट्रपति द्वारा केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को केरल राज्य विधानसभा में विचार के लिए भेजा जाएगा। विधानसभा की राय प्राप्त होने के बाद, भारत सरकार आगे की प्रक्रिया को पूरा करेगी और संसद में केरल राज्य का नाम बदलने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश प्राप्त की जाएगी।
केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का निर्णय लिया गया। इसमें कहा गया, "मलयालम भाषा में हमारे राज्य का नाम 'केरलम' है। 1 नवंबर, 1956 को भाषा के आधार पर राज्यों का गठन हुआ था। केरल पिरवी दिवस भी इसी दिन मनाया जाता है।"
इसके बाद, केरल सरकार ने भारत सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार 'केरल' राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।