क्या केरल का नाम 'केरलम' रखा जाएगा? राजीव चंद्रशेखर ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
सारांश
Key Takeaways
- राजीव चंद्रशेखर ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है।
- राज्य का नाम 'केरल' से 'केरलम' करने की मांग की गई है।
- यह नाम सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है।
- विधानसभा ने इस पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है।
- राजीव का मानना है कि इससे समाज को जोड़ने में मदद मिलेगी।
तिरुवनंतपुरम, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के आधिकारिक नाम 'केरल' को बदलकर 'केरलम' करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि 'केरलम' नाम मलयालम भाषा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है।
चंद्रशेखर ने पत्र में उल्लेख किया कि जून 2024 में केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें राज्य के नाम को आधिकारिक दस्तावेजों में 'केरल' से बदलकर 'केरलम' करने का आग्रह किया गया था।
उन्होंने यह भी साझा किया कि उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को भी पत्र लिखा है। उनका कहना है कि भाजपा हमेशा से इस महान राज्य को, जो अपनी समृद्ध परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है, 'केरलम' के रूप में देखती आई है। पार्टी की विचारधारा पारंपरिक, भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सम्मान पर आधारित है।
राजीव चंद्रशेखर ने पत्र में यह आशा व्यक्त की कि राज्य का नाम बदलने के बाद सभी राजनीतिक दल मिलकर केरलम की हजारों साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत को संजोने और पुनर्जीवित करने के लिए कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस पहल से एक विकसित और सुरक्षित केरलम का निर्माण संभव होगा, जहाँ सभी मलयाली (चाहे वे किसी भी धर्म के हों) अपनी आस्था और परंपराओं को लेकर सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सकें।
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य का नाम 'केरलम' रखने से उन कट्टरपंथी तत्वों के प्रयासों को कमजोर किया जा सकेगा, जो धर्म के आधार पर राज्य को बांटने और अलग-अलग जिले बनाने की मांग करते रहते हैं।
उनके अनुसार, अपनी ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा केरलम, समाज को जोड़ने में मदद करेगा।
पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि मलयालम भाषा में निहित और विशिष्ट नाम 'केरलम' को राज्य का आधिकारिक नाम निर्धारित किया जाए।
राजीव चंद्रशेखर ने विश्वास जताया कि अपनी गौरवशाली विरासत से जुड़े 'केरलम' भविष्य में सभी मलयालियों के लिए एक उज्ज्वल, समृद्ध और सुरक्षित राज्य के रूप में उभरकर सामने आएगा।