21 सितंबर 2026
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मालवीय नगर होटल अग्निकांड: दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी लवकेश बजाज को 4 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी

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मालवीय नगर होटल अग्निकांड: दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी लवकेश बजाज को 4 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी

सारांश

मालवीय नगर होटल अग्निकांड के आरोपी लवकेश बजाज को दिल्ली हाई कोर्ट ने 4 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी — आधार: 31 अगस्त को हुई बड़ी पेट की सर्जरी और खुले घाव की देखभाल। ट्रायल यथावत जारी रहेगा।

मुख्य बातें

दिल्ली हाई कोर्ट ने 21 सितंबर 2026 को मालवीय नगर होटल अग्निकांड के आरोपी लवकेश बजाज को 4 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी।
जमानत मेडिकल आधार पर दी गई; 31 अगस्त को एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी हुई थी और 15 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी मिली थी।
बजाज को ₹25,000 का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही राशि की एक जमानत जमा करनी होगी।
बजाज दिल्ली की सीमा में रहेंगे; गवाहों या पीड़ित परिवार से संपर्क पर पूर्ण प्रतिबंध।
फोन पर लोकेशन सेवा हर समय चालू रखना अनिवार्य; अवधि समाप्त होने पर आत्मसमर्पण करना होगा।
जस्टिस सचिन दत्ता ने स्पष्ट किया कि यह आदेश ट्रायल की मेरिट पर कोई राय नहीं है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को मालवीय नगर होटल अग्निकांड के आरोपी होटल मालिक लवकेश बजाज को मेडिकल आधार पर चार हफ्ते की अंतरिम जमानत प्रदान की। बजाज की हाल ही में पेट की बड़ी सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उनकी रिकवरी जारी है और जटिलताओं का जोखिम बना हुआ है।

न्यायालय का आदेश और आधार

जस्टिस सचिन दत्ता की सिंगल-जज बेंच ने बजाज की अंतरिम जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी सर्जरी की प्रकृति और अस्पताल से छुट्टी के बाद बीते कम समय को देखते हुए, उन्हें ठीक होने और पूर्ण स्वास्थ्य-लाभ के लिए अंतरिम जमानत मिलनी चाहिए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि 15 सितंबर 2026 को ही बजाज को अस्पताल से छुट्टी मिली थी।

जस्टिस दत्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला करने के लिए दिया गया है — इसका ट्रायल की कार्यवाही पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और न ही इसे मामले की मेरिट पर कोई राय समझा जाए।

जमानत की शर्तें

बजाज को रिहाई की तारीख से चार हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत दी गई है। इसके लिए उन्हें संबंधित ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के अनुसार ₹25,000 का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही राशि की एक जमानत देनी होगी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बजाज को राष्ट्रीय राजधानी की सीमा के भीतर रहने और पूर्व अनुमति के बिना शहर न छोड़ने का निर्देश दिया। उन्हें जेल अधिकारियों और जाँच अधिकारी को अपना आवासीय पता एवं मोबाइल नंबर देना होगा, और अपने फोन पर लोकेशन सेवा हर समय चालू रखनी होगी। न्यायालय ने उन्हें शिकायतकर्ता, मृतक के परिवार के सदस्यों या किसी भी गवाह से संपर्क करने से भी मना किया। यह अंतरिम जमानत केवल चिकित्सा उपचार और स्वास्थ्य-लाभ के उद्देश्य से दी गई है।

अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने पर बजाज को संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा।

मेडिकल स्थिति का विवरण

केंद्रीय जेल अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत चिकित्सा रिपोर्ट के अनुसार, आंतों में रुकावट और मधुमेह के निदान के बाद 31 अगस्त 2026 को बजाज की एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी की गई थी। इस प्रक्रिया में पेरिटोनियल लैवेज, संकुचित इलियल सेगमेंट का रिसेक्शन और एनास्टोमोसिस, तथा पेल्विक ड्रेन प्लेसमेंट शामिल था।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रक्रिया के बाद उन्हें सर्जिकल साइट संक्रमण हो गया और ऑपरेशन के सातवें दिन पेट के निचले मध्य भाग का घाव खुला छोड़ दिया गया। घाव की नियमित ड्रेसिंग की जा रही थी, और शल्यक्रिया स्थल पर दबाव पड़ने तथा घाव के पुनः खुलने का खतरा दर्ज किया गया। रक्त शर्करा के स्तर में उतार-चढ़ाव के चलते बजाज को जेल के औषधालय में एंटीबायोटिक्स, मौखिक हाइपोग्लाइसेमिक दवा और सहायक दवाएं दी जा रही थीं।

पृष्ठभूमि और पिछली सुनवाई

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह पारित एक आदेश में बजाज के वकील की इस आशंका के बाद नई चिकित्सा रिपोर्ट माँगी थी कि जेल में उनके खुले घाव की उचित देखभाल संभव नहीं होगी। न्यायालय ने शुरू में आरएमएल अस्पताल की उस रिपोर्ट पर ध्यान दिया था जिसमें कहा गया था कि बजाज को 15 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और उन्हें केवल साधारण ड्रेसिंग की आवश्यकता थी, जो जेल अस्पताल में भी की जा सकती थी।

गौरतलब है कि मालवीय नगर होटल अग्निकांड एक गंभीर आपराधिक मामला है, जिसमें बजाज मुख्य आरोपी हैं। अंतरिम जमानत मिलने से मामले की ट्रायल प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा, और मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश उसी सिद्धांत का पालन करता है। लेकिन यह मामला एक व्यापक प्रश्न उठाता है — गंभीर आपराधिक मामलों में जहाँ पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा में हों, वहाँ 'केवल मेडिकल उद्देश्य' की शर्त कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती है? न्यायालय ने जाँच अधिकारी को लोकेशन ट्रैकिंग और गवाह-संपर्क प्रतिबंध जैसी शर्तें लगाकर संतुलन बनाने की कोशिश की है, जो सराहनीय है। असली परीक्षा इन शर्तों के अनुपालन की निगरानी में होगी।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लवकेश बजाज को अंतरिम जमानत क्यों दी गई?
दिल्ली हाई कोर्ट ने मेडिकल आधार पर यह जमानत दी, क्योंकि बजाज की 31 अगस्त 2026 को बड़ी पेट की सर्जरी (एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी) हुई थी और 15 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी के बाद भी घाव खुला था तथा जटिलताओं का जोखिम बना हुआ था।
अंतरिम जमानत की प्रमुख शर्तें क्या हैं?
बजाज को ₹25,000 का पर्सनल बॉन्ड जमा करना होगा, दिल्ली की सीमा में रहना होगा, फोन पर लोकेशन सेवा चालू रखनी होगी, और किसी भी गवाह या पीड़ित परिवार से संपर्क नहीं करना होगा। 4 हफ्ते बाद उन्हें आत्मसमर्पण करना होगा।
क्या इस जमानत से मालवीय नगर होटल अग्निकांड का ट्रायल प्रभावित होगा?
नहीं। जस्टिस सचिन दत्ता ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह जमानत केवल मेडिकल आधार पर दी गई है और इसका ट्रायल की कार्यवाही या मामले की मेरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बजाज की सर्जरी के बाद उनकी मेडिकल स्थिति क्या थी?
केंद्रीय जेल अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, सर्जरी के बाद बजाज को सर्जिकल साइट संक्रमण हुआ, पेट का घाव खुला था और रक्त शर्करा में उतार-चढ़ाव हो रहा था। उन्हें एंटीबायोटिक्स और मधुमेह की दवाएं दी जा रही थीं।
मालवीय नगर होटल अग्निकांड में लवकेश बजाज की क्या भूमिका है?
लवकेश बजाज इस मामले में आरोपी होटल मालिक हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी है, लेकिन मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में निर्धारित तिथि पर जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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