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ममता बनर्जी पर हमला जनता के 15 साल के गुस्से का नतीजा, कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं: भाजपा सांसद कालीचरण सिंह

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ममता बनर्जी पर हमला जनता के 15 साल के गुस्से का नतीजा, कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं: भाजपा सांसद कालीचरण सिंह

सारांश

भाजपा सांसद कालीचरण सिंह ने ममता बनर्जी पर हुए हमले को राजनीतिक षड्यंत्र नहीं, बल्कि 15 साल के कथित कुशासन से उपजे जनाक्रोश का नतीजा बताया — एक ऐसा बयान जो पश्चिम बंगाल में BJP-TMC की गहरी खाई और राष्ट्रीय राजनीतिक तनाव को एक साथ उजागर करता है।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद कालीचरण सिंह ने ममता बनर्जी पर हुए हमले को 15 साल के जनाक्रोश का इजहार बताया।
सिंह ने स्पष्ट किया कि इस घटना के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा या मकसद नहीं है।
उन्होंने माना कि ऐसी घटनाएँ राजनीतिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं , किंतु जनता का गुस्सा अपरिहार्य बताया।
सांसद ने कांग्रेस और सहयोगी दलों पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
PM मोदी के 'खेलो इंडिया, जीतो इंडिया' अभियान की सराहना करते हुए 2014 के बाद खेलों में भारत की वैश्विक पहचान बढ़ने का उल्लेख किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद कालीचरण सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए हमले को 10 अगस्त 2026 को जनता के दीर्घकालिक असंतोष की स्वाभाविक परिणति बताया। सिंह ने स्पष्ट किया कि इस घटना के पीछे कोई राजनीतिक मकसद या संगठित एजेंडा नहीं है, बल्कि यह 15 वर्षों की कथित कुशासन से उपजे जनाक्रोश का इजहार है।

सांसद का बयान: जनाक्रोश, राजनीति नहीं

भाजपा सांसद कालीचरण सिंह ने नई दिल्ली में कहा, 'अगर उन्होंने 15 साल तक कुप्रबंधन किया है और उन पर आरोप लगे हैं, तो हो सकता है कि वे सच हों। जनता 15 साल से परेशानियाँ झेल रही थी, इसलिए यह जनता के गुस्से का इजहार है। इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद या एजेंडा नहीं है, और न ही कोई राजनीतिक कार्यकर्ता ऐसा कर सकता है, क्योंकि राजनीतिक कार्यकर्ता इस तरह का व्यवहार नहीं करते। लेकिन आप जनता को अपना गुस्सा जाहिर करने से पूरी तरह रोक नहीं सकते।'

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राजनीतिक व्यवस्था के लिए ऐसी घटनाएँ उचित नहीं हैं, किंतु साथ ही तर्क दिया कि जब जनता को वर्षों तक जीने और धर्म की स्वतंत्रता से वंचित रखा जाए, तो ऐसा उबाल अपरिहार्य हो जाता है। सिंह के अनुसार, 'जनता के इस गुस्से को कोई रोक भी नहीं सकता।'

खेल उपलब्धियों पर PM मोदी की सराहना

कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत का उल्लेख करते हुए सांसद सिंह ने कहा कि 2014 से पहले अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारतीय खिलाड़ियों को पर्याप्त पहचान नहीं मिलती थी और मेडल टैली भी सीमित रहती थी। उन्होंने कहा कि आज भारत को खेलों में वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है और प्रधानमंत्री का 'खेलो इंडिया, जीतो इंडिया' का नारा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक रहा है।

संसद में विपक्ष के हंगामे पर कड़ी टिप्पणी

मौजूदा संसद सत्र में विपक्ष के व्यवधान पर कालीचरण सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियाँ संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने देने में सहयोग नहीं कर रहीं। सिंह ने कहा कि वे ऐसे बच्चों या नासमझ युवाओं की तरह हंगामा करते हैं, जिन्हें संसदीय प्रक्रिया — जैसे नियम 377, प्रश्नकाल और शून्यकाल — की बुनियादी समझ नहीं है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष की वास्तविक भूमिका रचनात्मक सहयोग देना है, न कि केवल रुकावटें पैदा करना। यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होनी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और BJP के बीच राजनीतिक तनाव लंबे समय से चला आ रहा है। ममता बनर्जी पर हुए कथित हमले ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। भाजपा नेताओं की इस घटना पर प्रतिक्रिया विपक्ष के लिए नई राजनीतिक बहस का आधार बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

व्यावहारिक रूप से उसे औचित्य प्रदान करना है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास दोनों पक्षों को कठघरे में खड़ा करता रहा है। सत्तारूढ़ दल के एक सांसद का जनाक्रोश को ढाल बनाना, जवाबदेही से ध्यान हटाने की रणनीति लग सकती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि ऐसे बयान राजनीतिक हिंसा को सामान्य बनाने का जोखिम उठाते हैं — चाहे वह किसी भी दल के नेता के विरुद्ध हो।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा सांसद कालीचरण सिंह ने ममता बनर्जी पर हमले के बारे में क्या कहा?
कालीचरण सिंह ने कहा कि यह हमला जनता के 15 साल के जनाक्रोश का इजहार है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे का नतीजा। उन्होंने माना कि ऐसी घटनाएँ उचित नहीं हैं, लेकिन कहा कि जनता के गुस्से को रोकना संभव नहीं।
क्या भाजपा ने ममता बनर्जी पर हमले की निंदा की?
सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था के लिए ऐसी घटनाएँ ठीक नहीं हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने इसे कथित 15 साल के कुशासन से उपजा जनाक्रोश बताया। उन्होंने किसी राजनीतिक कार्यकर्ता की संलिप्तता से इनकार किया।
कालीचरण सिंह ने संसद में विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार विपक्षी सांसदों को संसदीय प्रक्रिया — जैसे नियम 377, प्रश्नकाल और शून्यकाल — की बुनियादी समझ नहीं है।
भाजपा सांसद ने PM मोदी और खेलों के बारे में क्या कहा?
कालीचरण सिंह ने कहा कि 2014 के बाद से भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने PM मोदी के 'खेलो इंडिया, जीतो इंडिया' अभियान की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और मेडल टैली दोनों बेहतर हुए हैं।
ममता बनर्जी पर हमले का राजनीतिक संदर्भ क्या है?
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव है। ममता बनर्जी पर कथित हमले ने राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस में ला दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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