BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का TMC पर हमला: ‘सत्ता के सहारे टिकी ममता की पार्टी अब बिखर रही है’
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 3 जून को नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी अंदरूनी कलह से जूझ रही है और ‘सत्ता के सहारे खड़ी’ यह पार्टी अब बिखराव की ओर बढ़ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी पर वैचारिक आधार के अभाव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में विधायक और पार्षद पार्टी से दूरी बना रहे हैं।
मुख्य आरोप: ‘विचारधारा नहीं, सत्ता थी गोंद’
आरपी सिंह के अनुसार, TMC को एकजुट रखने वाला तत्व किसी मज़बूत विचारधारा के बजाय केवल सत्ता का प्रभाव था। उन्होंने कहा, ‘अब जब अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा है, तो पार्टी धीरे-धीरे बिखरती नज़र आ रही है।’ उन्होंने दावा किया कि कई विधायक और पार्षद पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं, और यह स्थिति TMC के भविष्य के लिए ‘गंभीर संकेत’ है।
गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में TMC के कई बड़े चेहरे पार्टी से अलग हुए हैं, और 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले BJP लगातार इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती दिख रही है।
कर्नाटक पर भी निशाने पर कांग्रेस
कर्नाटक की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए आरपी सिंह ने मुख्यमंत्री पद संभालने पर डीके शिवकुमार को बधाई दी। हालाँकि उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर चली खींचतान का खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ा है।
उनके अनुसार, इस राजनीतिक संघर्ष के कारण प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ — किसानों को समय पर राहत नहीं मिल पाई और युवाओं की समस्याएँ जस की तस बनी रहीं। उन्होंने विशेष रूप से बेंगलुरु का ज़िक्र करते हुए कहा कि देश की प्रमुख IT राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था भी इस दौरान प्रभावित हुई और कांग्रेस नेताओं की आपसी प्रतिस्पर्धा का असर सीधे राज्य के विकास पर पड़ा है।
मालवीय नगर अग्निकांड पर संवेदना और जाँच की माँग
दिल्ली के मालवीय नगर में हुई भीषण आग की घटना पर दुख जताते हुए आरपी सिंह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इसे ‘बेहद दुखद हादसा’ बताते हुए कहा कि घटना की गहन जाँच होनी चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार मिलकर मामले की पूरी जाँच करेंगे, और यदि किसी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर प्रतिक्रिया
बकरीद के बाद कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। आरपी सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को ‘माता का दर्जा’ दिया गया है और उसे केवल पशु के रूप में नहीं देखा जाता।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल, कर्नाटक और दिल्ली — तीनों राज्य अलग-अलग कारणों से राजनीतिक रडार पर बने हुए हैं, और BJP विपक्ष-शासित राज्यों पर हमलावर रुख बनाए हुए है।