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BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का TMC पर हमला: ‘सत्ता के सहारे टिकी ममता की पार्टी अब बिखर रही है’

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BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का TMC पर हमला: ‘सत्ता के सहारे टिकी ममता की पार्टी अब बिखर रही है’

सारांश

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने TMC पर वैचारिक आधार के अभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी ‘सत्ता के सहारे’ टिकी थी और अब अंदरूनी कलह से बिखर रही है। साथ ही उन्होंने कर्नाटक कांग्रेस की खींचतान, मालवीय नगर अग्निकांड और गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की माँग पर भी बेबाक टिप्पणी की।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने 3 जून को TMC पर ‘सत्ता के सहारे टिकी पार्टी’ होने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी की पार्टी से बड़ी संख्या में विधायक और पार्षद दूरी बना रहे हैं।
कर्नाटक में डीके शिवकुमार को CM बनने पर बधाई दी, पर कांग्रेस की खींचतान को राज्य के विकास के लिए नुकसानदेह बताया।
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड पर शोक जताते हुए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार से गहन जाँच की माँग की।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर कहा — भारतीय संस्कृति में गाय को ‘माता का दर्जा’ प्राप्त है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 3 जून को नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी अंदरूनी कलह से जूझ रही है और ‘सत्ता के सहारे खड़ी’ यह पार्टी अब बिखराव की ओर बढ़ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी पर वैचारिक आधार के अभाव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में विधायक और पार्षद पार्टी से दूरी बना रहे हैं।

मुख्य आरोप: ‘विचारधारा नहीं, सत्ता थी गोंद’

आरपी सिंह के अनुसार, TMC को एकजुट रखने वाला तत्व किसी मज़बूत विचारधारा के बजाय केवल सत्ता का प्रभाव था। उन्होंने कहा, ‘अब जब अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा है, तो पार्टी धीरे-धीरे बिखरती नज़र आ रही है।’ उन्होंने दावा किया कि कई विधायक और पार्षद पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं, और यह स्थिति TMC के भविष्य के लिए ‘गंभीर संकेत’ है।

गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में TMC के कई बड़े चेहरे पार्टी से अलग हुए हैं, और 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले BJP लगातार इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती दिख रही है।

कर्नाटक पर भी निशाने पर कांग्रेस

कर्नाटक की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए आरपी सिंह ने मुख्यमंत्री पद संभालने पर डीके शिवकुमार को बधाई दी। हालाँकि उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर चली खींचतान का खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ा है।

उनके अनुसार, इस राजनीतिक संघर्ष के कारण प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ — किसानों को समय पर राहत नहीं मिल पाई और युवाओं की समस्याएँ जस की तस बनी रहीं। उन्होंने विशेष रूप से बेंगलुरु का ज़िक्र करते हुए कहा कि देश की प्रमुख IT राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था भी इस दौरान प्रभावित हुई और कांग्रेस नेताओं की आपसी प्रतिस्पर्धा का असर सीधे राज्य के विकास पर पड़ा है।

मालवीय नगर अग्निकांड पर संवेदना और जाँच की माँग

दिल्ली के मालवीय नगर में हुई भीषण आग की घटना पर दुख जताते हुए आरपी सिंह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इसे ‘बेहद दुखद हादसा’ बताते हुए कहा कि घटना की गहन जाँच होनी चाहिए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार मिलकर मामले की पूरी जाँच करेंगे, और यदि किसी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर प्रतिक्रिया

बकरीद के बाद कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। आरपी सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को ‘माता का दर्जा’ दिया गया है और उसे केवल पशु के रूप में नहीं देखा जाता।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल, कर्नाटक और दिल्ली — तीनों राज्य अलग-अलग कारणों से राजनीतिक रडार पर बने हुए हैं, और BJP विपक्ष-शासित राज्यों पर हमलावर रुख बनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और कई बार BJP-शासित राज्यों में भी ऐसी ही प्रवृत्ति दिखी है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या टीएमसी के भीतर असंतोष चुनावी आँकड़ों में तब्दील होता है, या यह केवल विपक्षी कथानक बनकर रह जाता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपी सिंह ने टीएमसी पर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि टीएमसी किसी मज़बूत विचारधारा पर नहीं, बल्कि केवल सत्ता के सहारे खड़ी पार्टी थी, और अब सत्ता का प्रभाव कम होने के साथ अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में विधायक और पार्षद पार्टी से दूरी बना रहे हैं।
आरपी सिंह ने डीके शिवकुमार पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने डीके शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री पद संभालने पर बधाई दी, लेकिन साथ ही कांग्रेस पर निशाना साधा। उनका कहना था कि CM पद को लेकर महीनों चली खींचतान से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ और किसानों व युवाओं की समस्याएँ जस की तस रहीं।
मालवीय नगर अग्निकांड पर उन्होंने क्या कहा?
आरपी सिंह ने दिल्ली के मालवीय नगर में हुई भीषण आग की घटना पर मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और इसे ‘बेहद दुखद हादसा’ बताया। उन्होंने दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार से गहन जाँच तथा लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर उनका रुख क्या है?
बकरीद के बाद कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा उठाई गई इस माँग पर आरपी सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और उसे केवल एक पशु के रूप में नहीं देखा जाता।
यह बयान राजनीतिक रूप से क्यों मायने रखता है?
यह बयान 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले BJP की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें टीएमसी के भीतर असंतोष को राजनीतिक मुद्दा बनाकर भुनाने की कोशिश हो रही है। साथ ही कांग्रेस-शासित कर्नाटक और AAP-शासित दिल्ली पर एक साथ हमला बोलकर BJP विपक्षी राज्यों को घेरने की कोशिश में दिखती है।
राष्ट्र प्रेस
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