इंडिया ब्लॉक बैठक से पहले ममता बनर्जी ने केजरीवाल से की मुलाकात, AAP और DMK ने बनाई दूरी
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार, 7 जून को नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। यह बैठक सोमवार को होने वाली इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक से ठीक एक दिन पहले हुई। इस मुलाकात में TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे।
मुलाकात का ब्यौरा
TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि दोनों नेताओं के बीच 'अच्छी बातचीत हुई और आगे के रास्ते पर विस्तार से चर्चा की गई।' पार्टी ने यह भी कहा कि 'जब भारत के लोग एकजुट होंगे तो दुनिया की कोई भी ताकत 2029 में न्याय, सम्मान और बेहतर भविष्य की ओर उनके कदमों को नहीं रोक सकती।'
गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब इंडिया ब्लॉक के भीतर एकता की दरारें सार्वजनिक रूप से उभरने लगी हैं। TMC जहाँ इस बैठक में शामिल होने वाली है, वहीं AAP ने बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया है।
AAP ने क्यों बनाई दूरी
AAP के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती ने कहा कि उनकी पार्टी की सोच के अनुसार कांग्रेस देश भर में क्षेत्रीय और छोटी पार्टियों को कमज़ोर करने के लिए भाजपा (BJP) के साथ मिलकर काम कर रही है, 'ताकि BJP और कांग्रेस बारी-बारी से देश पर राज कर सकें।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस 'दोहरे रवैये' की वजह से AAP ने गठबंधन से दूरी बनाने का निर्णय लिया है।
DMK का बहिष्कार और कारण
AAP अकेली नहीं है — द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने भी इस बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया। DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा, 'हम ऐसी जगह नहीं रहना चाहते जहाँ कांग्रेस मौजूद हो।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने DMK कार्यकर्ताओं की मेहनत का श्रेय लेकर 'खेमा बदल लिया', और इसे 'मौकापरस्ती का सबसे अच्छा उदाहरण' बताया। उनका कहना था कि यदि DMK ऐसी बैठक में शामिल होती है जहाँ कांग्रेस हो, तो यह पार्टी के तमाम कैडर का अपमान होगा।
वामपंथी दल की चेतावनी
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) — के नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस की एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, 'किसी भी सबसे बड़ी पार्टी की मोर्चे को एक साथ रखने में अहम भूमिका होती है, लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस नेता जरूरी समझदारी नहीं दिखा रहे हैं।'
आगे क्या होगा
इंडिया ब्लॉक की यह बैठक 2029 के लोकसभा चुनावों की रणनीति के लिहाज़ से अहम मानी जा रही है। हालाँकि, प्रमुख घटक दलों — AAP और DMK — की अनुपस्थिति गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े करती है। ममता बनर्जी और केजरीवाल के बीच हुई यह पूर्व-बैठक इस बात का संकेत है कि गठबंधन के बाहर भी समानांतर राजनीतिक संवाद जारी है।