टीएमसी संकट के बीच ममता और अभिषेक बनर्जी 'इंडिया' ब्लॉक बैठक में शामिल, सीआईडी पेशी टली
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी 8 जून 2026 को नई दिल्ली में विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक की अहम बैठक में शामिल हो रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस अस्तित्व के गहरे संकट से जूझ रही है और पार्टी के भीतर विद्रोही गुट सक्रिय हो चुके हैं।
मुख्य घटनाक्रम
अभिषेक बनर्जी शनिवार दोपहर को ही नई दिल्ली पहुँच गए थे, जबकि ममता बनर्जी रविवार शाम को राजधानी पहुँचीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 'इंडिया' ब्लॉक के अन्य सहयोगियों की तुलना में यह बैठक दोनों बनर्जी के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के लगभग सभी तृणमूल सांसद इस समय नई दिल्ली में मौजूद हैं।
टीएमसी का आंतरिक संकट
विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक बड़े गुट ने पार्टी से अलग होकर विधानसभा में अपनी स्वतंत्र पहचान बना ली है। अब बागी तृणमूल कांग्रेस लोकसभा सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में संसदीय इकाई में भी इसी प्रकार का बहुमत वाला गुट बनने की आशंका व्यक्त की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी पहले से ही नेतृत्व और संगठन दोनों स्तरों पर दबाव में है।
सीआईडी पेशी और कानूनी पेचीदगियाँ
गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी को सोमवार दोपहर तक दक्षिण कोलकाता में पश्चिम बंगाल पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के मुख्यालय में पेश होना था। यह पेशी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के चार अहम पदों पर नियुक्ति से जुड़े एक प्रस्ताव पर कई तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित अंतर को लेकर चल रही सीआईडी जाँच के सिलसिले में होनी थी। हालाँकि, दिल्ली में 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक में उपस्थिति के कारण उनके पेश होने की संभावना अब समाप्त हो गई है।
यह दूसरी बार है जब अभिषेक बनर्जी सीआईडी के समन पर उपस्थित नहीं होंगे — इससे पहले 1 जून को भी वे पेश नहीं हुए थे। उन्होंने कोलकाता की एकल-न्यायाधीश अवकाश पीठ में सीआईडी के नोटिस को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की है, जिसमें गिरफ्तारी सहित पुलिस की सख्त कार्रवाई से सुरक्षा की भी माँग की गई है। इस याचिका पर 10 जून को अहम सुनवाई निर्धारित है।
आगे की राह
सबकी निगाहें अब 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक के नतीजों और तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी उठापटक पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि चौतरफा दबाव में घिरी ममता बनर्जी विपक्षी गठबंधन में अपनी स्थिति कितनी मजबूत कर पाती हैं और पार्टी के विद्रोही धड़े को संसद में किस दिशा में आगे बढ़ते देखा जाता है।