मणिपुर में 36 समुदाय, सभी के हितों की रक्षा ज़रूरी: मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर स्पष्ट किया कि राज्य में 36 विभिन्न समुदाय निवास करते हैं और किसी एक समुदाय के हितों को प्राथमिकता देकर शासन चलाना संभव नहीं है। यह संबोधन इंफाल स्थित प्रथम बटालियन मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में दिया गया।
समावेशी शासन पर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि समुदाय-केंद्रित सोच राज्य में एकता, शांति या आर्थिक प्रगति नहीं ला सकती। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह राज्य के हर समुदाय के हितों की समान रूप से रक्षा करे। यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब मणिपुर पिछले कुछ वर्षों से जातीय तनाव का सामना कर रहा है।
राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह दिन पटेल के उन अटूट प्रयासों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने और एक सशक्त भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस दिवस की शुरुआत 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई थी।
सरदार पटेल की विरासत
खेमचंद सिंह ने सरदार पटेल की दूरदर्शिता को रेखांकित किया, जिन्होंने अहिंसा आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन सहित ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कई संघर्षों में देश का नेतृत्व किया। स्वतंत्रता के बाद उनके प्रयासों से देश भर की रियासतों को एकीकृत किया गया, जिससे भारत की एकता और अखंडता की नींव मज़बूत हुई। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में पटेल के सम्मान में विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का उद्घाटन किया था।
समारोह का आयोजन
इस अवसर पर मणिपुर राइफल्स और पुलिस की नौ टुकड़ियों ने मार्च पास्ट में भाग लिया, जिसका नेतृत्व चौथी मणिपुर राइफल्स बटालियन (आईआरबी) के कमांडिंग ऑफिसर प्रमेश अरंबम ने किया। सरकारी नृत्य अकादमी ने 'अखोइगी अपुनबा सक्तम (हमारी सामूहिक पहचान)' शीर्षक से एक विशेष नृत्य प्रस्तुति दी।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह, कई विधायक, मुख्य सचिव, सुरक्षा सलाहकार, डीजीपी तथा वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। मणिपुर में शांति और एकता की दिशा में यह आयोजन राज्य सरकार के संकल्प को रेखांकित करता है।