मणिपुर पुलिस ने म्यांमार ड्रग नेटवर्क को ₹28.78 लाख पहुंचाने के आरोप में महिला गिरफ्तार, DGP ने सीमा सुरक्षा की समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर पुलिस ने 25 जुलाई 2026 को चुराचांदपुर जिले में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े एक मनी-ट्रांसफर मामले में 56 वर्षीय महिला जेनंगाइहनियांग को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, न्यू लमका निवासी आरोपी पर म्यांमार में ड्रग्स कारोबार से जुड़े संदिग्ध लाभार्थियों तक बड़ी रकम पहुंचाने का आरोप है। उसके कब्जे से ₹28.78 लाख से अधिक नकदी, पाँच कैश रजिस्टर और एक कैश गिनने की मशीन बरामद की गई है।
गिरफ्तारी का विवरण
एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत चुराचांदपुर थाने में दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान यह गिरफ्तारी की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद नकदी को ड्रग्स तस्करी से अर्जित धन माना जा रहा है। जांच में सामने आया है कि जेनंगाइहनियांग म्यांमार स्थित संदिग्ध ड्रग नेटवर्क को नियमित रूप से धन भेजने में शामिल थी।
गौरतलब है कि चुराचांदपुर जिला मिजोरम से अंतरराज्यीय सीमा और म्यांमार से लगी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जो इसे तस्करी के लिए संवेदनशील क्षेत्र बनाता है।
हथियार बरामदगी और उग्रवादी की गिरफ्तारी
एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने इम्फाल पश्चिम जिले से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया। बरामद सामान में 12 पिस्तौल, चार राइफल, दो संशोधित .303 राइफल, चार बोल्ट-एक्शन बंदूकें, चार हैंड ग्रेनेड (जिनमें एक चीनी मूल का), तीन डेटोनेटर, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस, 15 बैरल कारतूस, मैगजीन, सैन्य वर्दियाँ, बुलेटप्रूफ जैकेट और वायरलेस संचार उपकरण शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, काकचिंग जिले के वांगू सांडांगखोंग क्षेत्र से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कांगलेई यावोल कन्ना लुप (KYKL) के सक्रिय सदस्य मोइरांगथेम गांधी उर्फ लोइंगाम्बा सिंह (19) को गिरफ्तार किया गया।
DGP की सीमा सुरक्षा समीक्षा
मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) के साथ तेंगनौपाल जिले में भारत-म्यांमार सीमा का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों और एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की। तेंगनौपाल जिला पुलिस कार्यालय में बैठक के दौरान DGP ने राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ अभियान जारी रखने, ड्रग्स-विरोधी कार्रवाई तेज करने और अवैध हथियारों की बरामदगी पर विशेष जोर दिया।
DGP ने सीमावर्ती व्यापारिक शहर मोरेह का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने तमिल, कुकी, नेपाली और मैतेई पंगल (मुस्लिम) समुदायों के प्रतिनिधियों तथा नागरिक संगठनों से संवाद किया। इसके बाद उन्होंने असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस कमांडो के अधिकारियों के साथ बैठक कर सीमा प्रबंधन और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।
सीमा चौकियों का निरीक्षण
DGP मुकेश सिंह ने मोरेह के गेट नंबर-1 और गेट नंबर-2 पर जाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था का सीधे निरीक्षण किया। वापसी में उन्होंने क्वाथा गांव का दौरा कर स्थानीय ग्रामीणों और तैनात जवानों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करना था।
आगे की स्थिति
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब मणिपुर में म्यांमार सीमा से होने वाली ड्रग तस्करी और हथियारों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार सतर्क हैं। बरामद हथियारों और नकदी की आगे की जांच जारी है, और अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।