मन की बात एपिसोड 136: PM मोदी ने मणिपुर के खगोलशास्त्री डॉ. रोनाल्डो लैशराम को सराहा, लोकटक का नाम ब्रह्मांड में रोशन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 जुलाई 2025 को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में मणिपुर के खगोलशास्त्री डॉ. रोनाल्डो लैशराम की उपलब्धि को राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया। डॉ. लैशराम उस अंतरराष्ट्रीय शोध दल का हिस्सा रहे हैं, जिसने युवा आकाशगंगाओं के एक विशाल समूह की खोज की और उसे मणिपुर की प्रसिद्ध झील के नाम पर 'लोकटक प्रोटोक्लस्टर' नाम दिया।
मन की बात में क्या बोले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताऊंगा, जिनके बारे में सुनकर आपको बहुत गर्व होगा — वे साइंस और इनोवेशन के क्षेत्र में बढ़-चढ़कर काम कर रहे हैं, दुनिया में उनकी पहचान बन रही है, लेकिन इसके बाद भी वो अपनी जड़ों से गहराई से जुड़े हुए हैं।' उन्होंने आगे कहा कि डॉ. रोनाल्डो लैशराम का नाम भले ही रोनाल्डो है, परंतु पेशे से वे खगोलशास्त्री हैं और वर्तमान में जापान में कार्यरत हैं।
लोकटक प्रोटोक्लस्टर: खोज की पूरी कहानी
डॉ. लैशराम जिस शोध दल का हिस्सा रहे, उसने ब्रह्मांड में युवा आकाशगंगाओं के एक विशाल समूह की पहचान की। इस समूह का नामकरण मणिपुर की सुप्रसिद्ध मीठे पानी की झील लोकटक के नाम पर किया गया। लोकटक झील अपनी अनूठी तैरती हुई द्वीपनुमा संरचनाओं — फूमडी — के लिए जानी जाती है, जो मिलकर एक अद्वितीय परिदृश्य बनाती हैं।
प्रधानमंत्री ने इस सादृश्य को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस प्रकार लोकटक में छोटे-छोटे द्वीप विशाल जल में तैरते प्रतीत होते हैं, उसी प्रकार ब्रह्मांड में ये युवा आकाशगंगाएं एक विशाल संरचना का निर्माण करती हैं।
मणिपुर की पहचान अब ब्रह्मांड में भी
मोदी ने कहा कि आज लोकटक केवल भारत के मानचित्र पर नहीं, बल्कि विशाल ब्रह्मांड में भी अपनी चमक बिखेर रही है। यह उपलब्धि हर भारतीय का गौरव बढ़ाने वाली है। गौरतलब है कि किसी खगोलीय संरचना को भारत की किसी स्थानीय झील का नाम मिलना अपने आप में एक विरल और ऐतिहासिक घटना है, जो वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में भारतीय विरासत की उपस्थिति को रेखांकित करती है।
युवाओं के लिए संदेश
प्रधानमंत्री ने डॉ. लैशराम की कहानी को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि इससे हमारे युवा साथियों को सीख मिलती है कि वे अपनी परंपरा और जड़ों से जुड़े रहकर भी नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। यह ऐसी जड़ें हैं, जो सितारों की दुनिया को भी जगमगा सकती हैं। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर सरकार का विशेष जोर है।