3 अगस्त 2026
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राजनाथ सिंह का 85वें AFHQ दिवस पर आह्वान: मजबूत रक्षा इकोसिस्टम के लिए सैन्य-नागरिक एकीकरण जरूरी

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राजनाथ सिंह का 85वें AFHQ दिवस पर आह्वान: मजबूत रक्षा इकोसिस्टम के लिए सैन्य-नागरिक एकीकरण जरूरी

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 85वें AFHQ नागरिक सेवा दिवस पर साफ संदेश दिया — सैन्य और नागरिक सेवाओं का एकीकरण अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। साइबर युद्ध से लेकर नीति-निर्माण तक, दोनों की पूरक ताकतें मिलकर ही भारत के रक्षा इकोसिस्टम को वास्तविक मजबूती दे सकती हैं।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 3 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में 85वें AFHQ नागरिक सेवा दिवस समारोह को संबोधित किया।
उन्होंने रक्षा मंत्रालय के सैन्य और नागरिक घटकों के बीच गहरे एकीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
नागरिक और सैन्य अधिकारियों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम और विकासात्मक कार्यों का सुझाव दिया गया।
JS और CAO कार्यालय की नई डिजिटल पहलों और संशोधित विजन-मिशन वक्तव्य का शुभारंभ हुआ।
'संवाद' पत्रिका का 34वाँ अंक जारी; AFHQ कर्मियों और उनके बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 3 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 85वें सशस्त्र बल मुख्यालय (AFHQ) नागरिक सेवा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एक सशक्त रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय के सैन्य और नागरिक घटकों के बीच गहरे एकीकरण की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्दीधारी और नागरिक सेवाएं दोनों 'राष्ट्र प्रथम' की साझा प्रतिबद्धता से बंधी हैं।

एकीकरण की आवश्यकता क्यों

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब रक्षा मंत्रालय के सैन्य और नागरिक दोनों घटकों का उद्देश्य एक होता है, तो प्रणाली का प्रत्येक तत्व राष्ट्रीय शक्ति में परिवर्तित हो जाता है। उन्होंने रेखांकित किया कि गहन एकीकरण से संस्थागत स्मृति, स्थिरता और नियमों के प्रभावी अनुप्रयोग को सुनिश्चित करते हुए उभरती सुरक्षा एवं तकनीकी चुनौतियों का सामना करना अधिक सुगम होगा।

रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि नीति, प्रशासन, मानव संसाधन प्रबंधन, वित्तीय प्रक्रियाओं, रसद और संस्थागत ज्ञान — सभी क्षेत्रों में निरंतरता और विशेषज्ञता की दरकार होती है, इसलिए सैन्य और प्रशासनिक एकीकरण अलग-अलग पटरियों पर नहीं चल सकता।

दोनों पक्षों की पूरक भूमिका

राजनाथ सिंह ने दोनों सेवाओं की विशिष्ट और पूरक भूमिकाओं को रेखांकित किया। उनके अनुसार, सैन्य अधिकारी परिचालन अनुभव, कमांड परिप्रेक्ष्य और युद्ध की गहरी समझ लेकर आते हैं, जबकि नागरिक अधिकारी प्रशासनिक निरंतरता, नीति अनुभव, सरकारी प्रक्रियाओं की जानकारी और संस्थागत स्मृति के माध्यम से अमूल्य योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि जब ये दोनों ताकतें मिलती हैं, तो निर्णय-प्रक्रिया अधिक सूचित, संतुलित और प्रभावी बन जाती है।

साइबर युद्ध और संयुक्त प्रशिक्षण पर जोर

रक्षा मंत्री ने साइबर युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि AFHQ नागरिक सेवाओं के अधिकारी अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए रक्षा-विशिष्ट साइबर उपकरण विकसित करें, तो यह सशस्त्र बलों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। उन्होंने नागरिक और सैन्य अधिकारियों के बीच संरचित क्रॉस-एक्सपोजर बढ़ाने का सुझाव देते हुए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम और विकासात्मक कार्यों की वकालत की, ताकि दोनों पक्ष एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकें।

डिजिटल पहल और पुरस्कार वितरण

समारोह में रक्षा मंत्री ने संयुक्त सचिव और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (JS और CAO) के कार्यालय की कई डिजिटल पहलों और उसके संशोधित विजन एवं मिशन वक्तव्य का शुभारंभ किया। उन्होंने 'संवाद' पत्रिका का 34वाँ अंक भी जारी किया, जिसमें सेवा मुख्यालय और अंतर-सेवा संगठनों में तैनात विभिन्न रैंकों के कर्मियों द्वारा लिखे गए यात्रा वृतांत, निबंध, लेख और कविताएं संकलित हैं।

राजनाथ सिंह ने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले AFHQ कर्मियों और शिक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कुछ कर्मचारियों के बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए। यह आयोजन रक्षा मंत्रालय में नागरिक सेवाओं के योगदान को संस्थागत मान्यता देने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि इन्हें संस्थागत रूप देने की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र क्या होगा। साइबर युद्ध का उदाहरण प्रासंगिक है, पर जब तक नागरिक और सैन्य कैडर के लिए साझा करियर पथ और प्रोत्साहन संरचना नहीं बनती, एकीकरण की बात भाषणों तक सीमित रहने का जोखिम बना रहेगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने सैन्य-नागरिक एकीकरण पर क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा मंत्रालय के सैन्य और नागरिक घटकों के बीच गहरे एकीकरण से संस्थागत स्मृति, स्थिरता और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब दोनों का उद्देश्य एक होता है, तो प्रणाली का हर तत्व राष्ट्रीय शक्ति बन जाता है।
85वाँ AFHQ नागरिक सेवा दिवस क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दिवस सशस्त्र बल मुख्यालय में नागरिक सेवाओं के योगदान को संस्थागत मान्यता देने का अवसर है। इस वर्ष के समारोह में रक्षा मंत्री ने डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया, 'संवाद' पत्रिका का 34वाँ अंक जारी किया और कर्मियों को पुरस्कृत किया।
रक्षा मंत्री ने साइबर युद्ध का उदाहरण क्यों दिया?
राजनाथ सिंह ने साइबर युद्ध का उदाहरण देकर समझाया कि यदि AFHQ नागरिक सेवाओं के अधिकारी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता से रक्षा-विशिष्ट साइबर उपकरण विकसित करें, तो यह सशस्त्र बलों के लिए सीधे फायदेमंद होगा। यह उदाहरण सैन्य-नागरिक सहयोग की व्यावहारिक उपयोगिता को दर्शाता है।
सैन्य और नागरिक अधिकारियों की भूमिकाएँ किस प्रकार पूरक हैं?
रक्षा मंत्री के अनुसार, सैन्य अधिकारी परिचालन अनुभव, कमांड परिप्रेक्ष्य और युद्ध की समझ लाते हैं, जबकि नागरिक अधिकारी प्रशासनिक निरंतरता, नीति अनुभव और संस्थागत स्मृति का योगदान देते हैं। दोनों की ताकतें मिलने पर निर्णय-प्रक्रिया अधिक संतुलित और प्रभावी बनती है।
समारोह में कौन-सी नई पहलें शुरू की गईं?
राजनाथ सिंह ने JS और CAO कार्यालय की कई डिजिटल पहलों और संशोधित विजन-मिशन वक्तव्य का शुभारंभ किया। इसके अलावा 'संवाद' पत्रिका का 34वाँ अंक जारी किया गया और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले AFHQ कर्मियों को पुरस्कृत किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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