पटना में मीठापुर फ्लाईओवर का उद्घाटन: CM सम्राट चौधरी ने खोले दो नए ओवरब्रिज, 9 किमी मार्ग अब 7-8 मिनट में
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 अगस्त 2026 को पटना के मीठापुर गोलचक्कर पर बहुप्रतीक्षित मीठापुर-करबिगहिया और मीठापुर-महुली फ्लाईओवर का उद्घाटन कर इन्हें आम यातायात के लिए खोल दिया। इन दोनों ओवरब्रिजों के चालू होने से पटना के सर्वाधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
उद्घाटन समारोह: कौन-कौन रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री रामकृपाल यादव और फुलवारीशरीफ विधायक श्याम राजक उपस्थित रहे। फीता काटते ही दोनों फ्लाईओवरों पर वाहनों का आवागमन आरंभ हो गया। अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण विभाग और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने सड़क की सतह, प्रकाश व्यवस्था और साइनबोर्ड लगाने सहित सभी अंतिम कार्य समय पर पूरे कर लिए।
मुख्य घटनाक्रम: कौन-से रूट होंगे आसान
मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर से पटना जंक्शन और करबिगहिया गोलचक्कर के आसपास लगने वाले जाम में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। कंकरबाग, मीठापुर और नए बाईपास से आने वाले वाहन अब बिना रुकावट के सीधे जीपीओ, आर-ब्लॉक और सचिवालय की ओर बढ़ सकेंगे।
इसी तरह, आर-ब्लॉक और जीपीओ से न्यू बाईपास और महुली एलिवेटेड रोड की ओर जाने वाला यातायात अब सतह-स्तरीय सड़क पर उतरे बिना सीधे फ्लाईओवर का उपयोग कर सकेगा। इसके अतिरिक्त, पटना जंक्शन से करबिगहिया की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए एक चौड़ी जमीनी सर्विस रोड भी तैयार की गई है, जिससे रेलवे स्टेशन के बाहर की भीड़ कम होगी।
दूसरा चरण पूरा: मीठापुर से महुली अब 7-8 मिनट में
मीठापुर-महुली-पुनपुन एलिवेटेड रोड का दूसरा चरण भी पूर्ण हो चुका है। इस चरण में मीठापुर और सिपारा के बीच 2.1 किलोमीटर का एलिवेटेड खंड बनाया गया है। गौरतलब है कि सिपारा को महुली-पुनपुन से जोड़ने वाला पहला चरण जून 2025 में ही चालू हो चुका था।
दोनों चरणों के पूर्ण होने के साथ, मीठापुर से महुली तक का लगभग 9 किलोमीटर का पूरा मार्ग अब केवल 7-8 मिनट में तय किया जा सकता है — जो पहले की तुलना में यात्रा समय में बड़ी बचत है।
आम जनता पर असर: किन्हें होगा सबसे ज़्यादा फायदा
दोनों नवउद्घाटित फ्लाईओवर मीठापुर-सिपारा-महुली एलिवेटेड रोड से जुड़ते हैं, जिससे दक्षिणी बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों की कनेक्टिविटी मज़बूत हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से विशेष रूप से गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, अरवल, बिहारशरीफ और राजगीर जाने वाले यात्रियों को लाभ होगा, क्योंकि अब पटना से बाहर निकलने का एक सीधा और निर्बाध मार्ग उपलब्ध है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब पटना में बढ़ते वाहनों के दबाव और शहरी विस्तार के बीच बुनियादी ढाँचे की माँग लगातार बढ़ रही है। दोनों फ्लाईओवरों के चालू होने से पटना के कुछ सर्वाधिक व्यस्त चौराहों पर यातायात प्रबंधन में सुधार अपेक्षित है। आने वाले महीनों में यातायात प्रवाह के आँकड़े यह स्पष्ट करेंगे कि ये परियोजनाएँ दीर्घकालिक भीड़ समस्या के समाधान में कितनी प्रभावी साबित होती हैं।