मोदी सरकार के 12 वर्षों में संसद के ऐतिहासिक फैसले: किरेन रिजिजू ने गिनाईं उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में संसद ने अनेक क्रांतिकारी विधायी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि महज लंबे समय तक सत्ता में बने रहना पर्याप्त नहीं — संसद के माध्यम से जो ठोस कदम उठाए गए, वे इस कार्यकाल को विशिष्ट बनाते हैं।
नया संसद भवन और नारी शक्ति वंदन अधिनियम
रिजिजू ने बताया कि आज़ादी के बाद से पुराना संसद भवन जर्जर हो चला था और कई लोकसभा अध्यक्षों ने नए भवन की माँग की थी, परंतु यह संभव नहीं हो सका। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के सबसे भव्य संसद भवनों में से एक का निर्माण कराया, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नए संसद भवन में सर्वप्रथम नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया।
अनुच्छेद 370 निरस्तीकरण और जीएसटी
मंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान पर एक दाग था जो जम्मू-कश्मीर को शेष देश से अलग करता था — इसे निरस्त किया गया। इसके अतिरिक्त, ऐतिहासिक जीएसटी विधेयक पारित कर 'एक देश, एक टैक्स' की व्यवस्था लागू की गई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कोरोना महामारी के दौरान भी संसद की कार्यवाही अनवरत जारी रही।
पुराने कानूनों की समाप्ति और श्रम सुधार
रिजिजू के अनुसार, 1,725 अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया — जिनमें कुछ औपनिवेशिक काल के और कुछ स्वतंत्रता के बाद बने थे। चार श्रम संहिताओं में व्यापक सुधार किए गए। आधार अधिनियम और जन विश्वास विधेयक भी पारित किए गए। पिछड़े वर्गों, आरक्षण और तीन तलाक जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी विधायी कदम उठाए गए।
नए आपराधिक कानून और डिजिटल संसद
उन्होंने बताया कि तीन नए आपराधिक कानून — भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम — लागू किए गए। नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित हुआ और 2017 में महिलाओं की मातृत्व अवकाश अवधि बढ़ाई गई। रिजिजू ने यह भी बताया कि संसद अब पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है, जहाँ ऑनलाइन प्रश्न और नोटिस तत्काल दिए जा सकते हैं।
लोकतंत्र और आगे की राह
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विधानसभाओं को भी डिजिटल किया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का लोकतंत्र को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय योगदान रहा है और यह कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। गौरतलब है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी।