अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर PM मोदी का संदेश: 'युवा वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति हैं'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विशेष संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने भारतीय युवाओं को देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि 'वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति' भी बताया। प्रधानमंत्री ने संस्कृत के सुभाषितों के माध्यम से युवाओं के सेवाभाव, संवेदनशीलता और सामर्थ्य की सराहना की।
युवाओं को समर्पित संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'हमारे युवा साथी देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उन्होंने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य से दुनियाभर में अलग पहचान बनाई है।' यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में से एक है।
संस्कृत श्लोक और उनका अर्थ
युवा दिवस पर प्रधानमंत्री ने एक्स पर संस्कृत का श्लोक भी पोस्ट किया — 'चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्। प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।' इस श्लोक का भाव है कि जो व्यक्ति अपनी दृष्टि, विचारों, वाणी और कर्मों से लोगों का हृदय जीत लेता है, वही उनके विश्वास, सम्मान और सद्भाव का पात्र बनता है।
पिछले दिनों के सुभाषित
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री की ओर से इससे पूर्व भी कई दिनों तक एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किए गए। मंगलवार, 11 अगस्त को उन्होंने 'अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति' श्लोक पोस्ट किया, जिसमें बुद्धि, सदाचार, संयम, ज्ञान, वीरता, वाणी-कुशलता, दान और कृतज्ञता — इन आठ गुणों को मनुष्य के जीवन को प्रकाशमान करने वाला बताया गया।
सोमवार, 10 अगस्त को प्रधानमंत्री ने 'भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा' श्लोक साझा किया, जिसका सार है कि हम सत्य और शुभ वचन सुनें, स्वस्थ शरीर और श्रेष्ठ आचरण के साथ जीवन को लोकहित में समर्पित करें।
इससे पहले 7 अगस्त को प्रधानमंत्री ने 'किं चन्द्रमाः प्रत्युपकारलिप्सया' श्लोक पोस्ट किया था, जिसमें चंद्रमा के निःस्वार्थ प्रकाश के रूपक से यह संदेश दिया गया कि महान व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के परोपकार करते हैं, क्योंकि यह उनके स्वभाव में होता है।
व्यापक संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी की ओर से लगातार संस्कृत सुभाषित साझा करने की यह श्रृंखला एक सुविचारित सांस्कृतिक पहल प्रतीत होती है, जो प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को डिजिटल माध्यम से युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास करती है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस प्रतिवर्ष 12 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर मनाया जाता है।
आने वाले दिनों में भी इस श्रृंखला के जारी रहने की संभावना है, जो युवाओं को नैतिक मूल्यों और सेवाभाव से जोड़ने का प्रयास करती है।