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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत श्लोक: प्रतिकूल परिस्थितियों को अनुकूल बनाने वाला ही पाता है सफलता

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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत श्लोक: प्रतिकूल परिस्थितियों को अनुकूल बनाने वाला ही पाता है सफलता

सारांश

स्वतंत्रता दिवस से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने तीन दिनों तक एक्स पर संस्कृत श्लोकों की श्रृंखला साझा की — पुरुषार्थ, युवा शक्ति और आठ जीवन-गुणों पर। यह डिजिटल संवाद का वह अंदाज़ है जिसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक मंच पर राष्ट्रीय प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 13 अगस्त को एक्स पर संस्कृत श्लोक 'दैवं पुरुषकारेण...' साझा किया, जो दृढ़ संकल्प और पुरुषार्थ का संदेश देता है।
12 अगस्त को उन्होंने देश के युवाओं को 'वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति' बताया और 'चक्षुषा मनसा...' श्लोक पोस्ट किया।
11 अगस्त को आठ गुणों — बुद्धि, सदाचार, संयम, ज्ञान, वीरता, वाणी-कुशलता, दान, कृतज्ञता — पर आधारित श्लोक साझा किया गया।
तीनों पोस्ट 79वें स्वतंत्रता दिवस ( 15 अगस्त ) से ठीक पहले साझा किए गए।
प्रधानमंत्री का एक्स पर संस्कृत साहित्य और भारतीय दर्शन साझा करना उनकी नियमित डिजिटल संचार-रणनीति का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 13 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक साझा किया, जिसमें दृढ़ संकल्प और पुरुषार्थ के माध्यम से जीवन की बाधाओं पर विजय पाने का संदेश दिया गया है। यह श्लोक स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले साझा किया गया, जो इसे और अधिक प्रासंगिक बनाता है।

गुरुवार का श्लोक: पुरुषार्थ की शक्ति

प्रधानमंत्री मोदी ने 13 अगस्त को एक्स पर संस्कृत सुभाषित पोस्ट किया — 'दैवं पुरुषकारेण यः समर्थः प्रबाधितुम्। न दैवेन विपन्नार्थः पुरुषः सोऽवसीदति॥' — जिसका अर्थ है कि जो मनुष्य अपने दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम और पुरुषार्थ से प्रतिकूल परिस्थितियों को भी अनुकूल बनाने का सामर्थ्य रखता है, वह जीवन की बाधाओं से कभी पराजित नहीं होता, बल्कि निरंतर प्रयास करते हुए सफलता प्राप्त करता है।

यह संदेश विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नियमित रूप से एक्स के माध्यम से ऐसे प्रेरक विचार साझा करते हैं।

बुधवार का श्लोक: युवाओं को समर्पित संदेश

इससे एक दिन पहले, बुधवार, 12 अगस्त को प्रधानमंत्री ने एक्स पर देश के युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने लिखा — 'हमारे युवा साथी देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उन्होंने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य से दुनियाभर में अलग पहचान बनाई है।'

इसके साथ उन्होंने एक और संस्कृत श्लोक — 'चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्। प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।' — भी साझा किया, जिसका अर्थ है कि जो व्यक्ति अपनी दृष्टि, विचारों, वाणी और कर्मों से लोगों का हृदय जीत लेता है, वही उनके विश्वास, सम्मान और सद्भाव का पात्र बनता है।

मंगलवार का श्लोक: आठ गुणों का महत्व

मंगलवार, 11 अगस्त को प्रधानमंत्री ने एक्स पर 'अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च। पराक्रमश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।।' श्लोक साझा किया।

इस श्लोक का अर्थ है कि बुद्धि, सदाचार, संयम, ज्ञान, वीरता, वाणी की कुशलता, यथाशक्ति दान और कृतज्ञता — ये आठ गुण मनुष्य के जीवन को प्रकाशमान करते हैं। बुद्धि मार्ग स्पष्ट करती है, सदाचार आचरण को पवित्र बनाता है और संयम अनुशासित रखता है।

स्वतंत्रता दिवस से पूर्व प्रेरणा का क्रम

यह ऐसे समय में आया है जब देश 15 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री का तीन दिनों तक लगातार संस्कृत श्लोक और प्रेरक विचार साझा करना एक सुनियोजित संवाद-रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है, जो नागरिकों को राष्ट्रीय पर्व से पहले आत्मचिंतन और प्रेरणा की ओर उन्मुख करती है।

प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से एक्स पर संस्कृत साहित्य, भारतीय दर्शन और जीवन-मूल्यों से जुड़ी सामग्री साझा करते हैं, जो उनके डिजिटल संचार का एक विशिष्ट पहलू बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुचिंतित सांस्कृतिक-राजनीतिक संवाद है। प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक डिजिटल मंच पर राष्ट्रीय पर्व से जोड़ना एक ऐसी रणनीति है जो 'सॉफ्ट पावर' और 'सांस्कृतिक पहचान' दोनों को एक साथ साधती है। हालाँकि, इस प्रकार के संदेशों का ठोस नीतिगत प्रभाव सीमित होता है — असली कसौटी यह है कि क्या ये प्रेरणाएँ युवाओं के लिए रोज़गार, शिक्षा और अवसरों में वास्तविक बदलाव लाती हैं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 13 अगस्त को एक्स पर कौन-सा संस्कृत श्लोक साझा किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 'दैवं पुरुषकारेण यः समर्थः प्रबाधितुम्। न दैवेन विपन्नार्थः पुरुषः सोऽवसीदति॥' श्लोक साझा किया। इसका अर्थ है कि जो मनुष्य दृढ़ संकल्प और पुरुषार्थ से प्रतिकूल परिस्थितियों को भी अनुकूल बनाने का सामर्थ्य रखता है, वह जीवन की बाधाओं से कभी पराजित नहीं होता।
मोदी ने युवाओं के बारे में क्या संदेश दिया?
12 अगस्त को प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा कि 'हमारे युवा साथी देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं।' उन्होंने युवाओं की संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य की सराहना की।
मोदी के अनुसार मनुष्य को प्रकाशमान करने वाले आठ गुण कौन-से हैं?
11 अगस्त को साझा श्लोक के अनुसार ये आठ गुण हैं — बुद्धि, सदाचार, संयम, ज्ञान, वीरता, वाणी की कुशलता, यथाशक्ति दान और कृतज्ञता। इन्हें मनुष्य के व्यक्तित्व को पूर्णता देने वाला बताया गया है।
PM मोदी ने ये श्लोक किस अवसर पर साझा किए?
ये तीनों श्लोक 11 से 13 अगस्त के बीच साझा किए गए, यानी 79वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से ठीक पहले। यह प्रधानमंत्री की नियमित डिजिटल संचार-रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वे राष्ट्रीय पर्वों से पहले प्रेरक संदेश देते हैं।
PM मोदी एक्स पर संस्कृत श्लोक क्यों साझा करते हैं?
प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से एक्स पर संस्कृत साहित्य, भारतीय दर्शन और जीवन-मूल्यों से जुड़ी सामग्री साझा करते हैं। यह उनके डिजिटल संचार का एक विशिष्ट पहलू है, जो प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक मंच पर प्रस्तुत करता है।
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