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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत श्लोक, युवाओं की धैर्य और परिश्रम से सफलता को बताया भारत की सबसे बड़ी ताकत

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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत श्लोक, युवाओं की धैर्य और परिश्रम से सफलता को बताया भारत की सबसे बड़ी ताकत

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने 20 जुलाई को एक्स पर संस्कृत श्लोक के साथ युवाओं की सफलता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। यह उनकी नियमित सुभाषित-शृंखला का हिस्सा है, जो संस्कृत साहित्य को 'विकसित भारत' के विमर्श से जोड़ती है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 20 जुलाई 2026 को एक्स पर सुभाषित साझा कर युवाओं की धैर्य व परिश्रम से मिलती सफलता को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने संस्कृत श्लोक 'प्राप्यापदं न व्यथते...' साझा किया, जिसका संदेश है कि संकट में अडिग रहने वाला व्यक्ति कभी पराजित नहीं होता।
17 जुलाई को उन्होंने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के अवसर पर सिंह के गुण वाला श्लोक साझा किया था।
16 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा के उपलक्ष्य में भगवान जगन्नाथ की स्तुति का संस्कृत श्लोक पोस्ट किया गया था।
यह सुभाषित-शृंखला राष्ट्रीय अवसरों को संस्कृत साहित्य से जोड़ने की PM मोदी की निरंतर पहल का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक प्रेरक सुभाषित साझा करते हुए कहा कि आज के युवा धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता अर्जित कर रहे हैं, और यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यह पोस्ट उनके नियमित सुभाषित-शृंखला का हिस्सा है, जिसमें वे संस्कृत श्लोकों के माध्यम से नागरिकों को प्रेरित करते हैं।

सोमवार का सुभाषित और संस्कृत श्लोक

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'आज हमारे युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं। यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।' इसके साथ उन्होंने संस्कृत श्लोक 'प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः। दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥' भी साझा किया।

इस श्लोक का भाव है कि जो व्यक्ति संकट में विचलित नहीं होता, धैर्य और कुशलता से कठिनाइयों का सामना करता है तथा समय पर दुखों को सहन करता है — वह अंततः कभी पराजित नहीं होता और विपरीत परिस्थितियों पर भी विजय प्राप्त करता है।

पिछले सुभाषित: हाइड्रोजन ट्रेन और सिंह का गुण

17 जुलाई को प्रधानमंत्री ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संदर्भ में सुभाषित साझा किया था। उन्होंने लिखा था, 'आज भारत को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने का सपना साकार होने जा रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास की दिशा में एक बहुत बड़ा दिन है।' इसके साथ उन्होंने संस्कृत श्लोक 'प्रभूतं कार्यमल्पं वा यन्नरः कर्तुमिच्छति। सर्वारम्भेण तत् कार्यं सिंहादेकं प्रचक्षते।।' साझा किया था, जिसका संदेश है कि चाहे कार्य बड़ा हो या छोटा — उसे पूर्ण समर्पण और नए उत्साह के साथ करना चाहिए, यही गुण सिंह से सीखने योग्य है।

जगन्नाथ रथ यात्रा पर विशेष संदेश

16 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने लिखा था, 'महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर मेरी कामना है कि उनका आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे।' इस अवसर पर उन्होंने संस्कृत श्लोक 'देवदेव जगन्नाथ सुरासुरनमस्कृत। पुण्यश्लोकाव्ययानन्त परमात्मन्नमोऽस्तु ते॥' साझा किया था, जो भगवान जगन्नाथ की महिमा का वर्णन करता है — वे देवताओं के भी देव, अविनाशी, अनंत और समस्त प्राणियों के हृदय में विराजमान परमात्मा हैं।

युवाओं को प्रेरणा देने की निरंतर पहल

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह सुभाषित-शृंखला नियमित रूप से जारी रहती है, जिसमें वे राष्ट्रीय अवसरों, सामाजिक संदेशों और प्रेरणादायक विचारों को संस्कृत साहित्य से जोड़कर प्रस्तुत करते हैं। यह पहल विशेष रूप से युवाओं को लक्षित करती है और 'विकसित भारत' के विमर्श को सांस्कृतिक आधार देती है। आने वाले दिनों में भी इस शृंखला के तहत और सुभाषित साझा किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संस्कृत साहित्य को समसामयिक राष्ट्रीय घटनाओं से जोड़ती है। हाइड्रोजन ट्रेन से लेकर रथ यात्रा तक, हर अवसर पर श्लोक का चुनाव सोद्देश्य दिखता है। हालाँकि आलोचक पूछते हैं कि क्या प्रेरणादायक पोस्टों की यह श्रृंखला नीतिगत जवाबदेही की जगह ले रही है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह सांस्कृतिक गौरव और युवा-जुड़ाव का प्रभावी माध्यम है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 20 जुलाई को एक्स पर क्या पोस्ट किया?
PM मोदी ने 20 जुलाई 2026 को एक्स पर सुभाषित साझा करते हुए कहा कि युवाओं की धैर्य, आत्मविश्वास और परिश्रम से मिलती सफलता विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। इसके साथ उन्होंने संस्कृत श्लोक 'प्राप्यापदं न व्यथते...' भी पोस्ट किया।
मोदी द्वारा साझा किए गए संस्कृत श्लोक का अर्थ क्या है?
20 जुलाई को साझा श्लोक का अर्थ है कि जो व्यक्ति संकट में विचलित नहीं होता और धैर्य व कुशलता से कठिनाइयों का सामना करता है, वह अंततः विपरीत परिस्थितियों पर भी विजय प्राप्त करता है। यह श्लोक महाभारत की परंपरा से लिया गया प्रेरणादायक सूक्त है।
PM मोदी की सुभाषित-शृंखला क्या है?
PM मोदी नियमित रूप से एक्स पर संस्कृत श्लोकों के साथ प्रेरक संदेश साझा करते हैं, जिन्हें सुभाषित-शृंखला कहा जाता है। यह पहल राष्ट्रीय अवसरों, सामाजिक संदेशों और युवा-प्रेरणा को संस्कृत साहित्य से जोड़ती है।
17 जुलाई को मोदी ने किस संदर्भ में सुभाषित साझा किया था?
17 जुलाई को PM मोदी ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने के अवसर पर सुभाषित साझा किया था और इसे आत्मनिर्भर भारत व सतत विकास की दिशा में बड़ा दिन बताया था। उन्होंने सिंह के गुण वाला संस्कृत श्लोक भी पोस्ट किया था।
16 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा पर मोदी ने क्या लिखा था?
16 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर PM मोदी ने महाप्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद की कामना करते हुए उनकी महिमा का वर्णन करने वाला संस्कृत श्लोक 'देवदेव जगन्नाथ...' साझा किया था।
राष्ट्र प्रेस
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