आगर मालवा सड़क हादसा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने जताया शोक, CM यादव ने ₹4 लाख मुआवज़े का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर के निकट हुए दर्दनाक सड़क हादसे पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। 19 सितंबर 2026 को सामने आई इस दुखद घटना में आठ लोगों की जान चली गई — जिनमें तीन बच्चे, दो महिलाएं और कार चालक शामिल हैं।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह हादसा शनिवार तड़के करीब 3 बजे हुआ, जब भारी बारिश के कारण उफनाए नाले में श्रद्धालुओं से भरी एक कार बह गई। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण डूबना बताया गया है। मृतकों में सात श्रद्धालु ओडिशा के निवासी थे, जबकि कार चालक अरुण गोयल आगर मालवा जिले के बड़ौद का रहने वाला था।
श्रद्धालुओं ने उज्जैन से किराये की कार लेकर मां बगलामुखी मंदिर के दर्शन हेतु यात्रा शुरू की थी। अब तक जिन मृतकों की पहचान हुई है, उनमें अरुण गोयल, राधा रानी बेहरा, ज्ञानेंद्र कुमार बेहरा, रीता रानी बेहरा, कृष्णा राजवीर और शिवप्रसाद बेहरा के नाम शामिल हैं।
उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक्स पर लिखा, "मध्य प्रदेश के आगर मालवा में हुई दुखद दुर्घटना से मैं बेहद दुखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि ओडिशा से धार्मिक यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की मौत की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की और अधिकारियों को पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर मृतकों के शव सम्मानपूर्वक ओडिशा लाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
जांच और प्रशासनिक कदम
आगर मालवा के पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने बताया कि दुर्घटना के पूरे घटनाक्रम का पता लगाने के लिए मंदिर और आसपास स्थित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में जल भराव और बाढ़ से जुड़ी दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
स्थानीय विरोध और जनाक्रोश
घटना के बाद नलखेड़ा में स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक पर सड़क जाम कर नारेबाजी की गई और क्षेत्र की कई दुकानें बंद रहीं। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। आलोचकों का कहना है कि उफनाते नाले के पास यातायात को रोकने के लिए समुचित अवरोध तंत्र नहीं था।
आगे क्या
ओडिशा सरकार मृतकों के शवों को घर पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटी है, जबकि मध्य प्रदेश प्रशासन अनुग्रह राशि के वितरण और जांच में तेज़ी लाने की कोशिश कर रहा है। यह घटना एक बार फिर धार्मिक यात्राओं के दौरान मानसून में सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की खामियों को रेखांकित करती है।