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मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने साइबर सेल के लिए AI प्लेटफॉर्म 'सेफगार्ड एमपी' और साइबर विशेषज्ञों को दी मंजूरी

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मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने साइबर सेल के लिए AI प्लेटफॉर्म 'सेफगार्ड एमपी' और साइबर विशेषज्ञों को दी मंजूरी

सारांश

मध्य प्रदेश में साइबर सुरक्षा की नई इबारत लिखी जा रही है — CM मोहन यादव ने AI प्लेटफॉर्म 'सेफगार्ड एमपी', साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति और पुलिस जाँच भत्ते को एक साथ मंजूरी देकर राज्य की पुलिस व्यवस्था को डिजिटल युग के अनुरूप ढालने का संकेत दिया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 12 जून 2026 को भोपाल में गृह विभाग समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले लिए।
AI-आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म 'सेफगार्ड एमपी' को मंजूरी — विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और कमज़ोर वर्गों की सुरक्षा के लिए।
राज्य साइबर सेल में IT सलाहकारों और साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति को स्वीकृति।
पुलिस कर्मियों के लिए नया जाँच भत्ता — साक्ष्य संग्रह, डिजिटल फोरेंसिक और परिवहन खर्च को कवर करेगा।
मध्य प्रदेश पुलिस चयन एवं भर्ती बोर्ड की स्थापना और ATS, STF, हॉक फोर्स के उन्नत प्रशिक्षण की योजना।
सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में स्थायी बुनियादी ढाँचा विकसित करने का निर्देश।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को भोपाल में गृह विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य की पुलिस व्यवस्था और साइबर सुरक्षा ढाँचे को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम फैसले लिए। इनमें AI-आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म 'सेफगार्ड एमपी' को मंजूरी, साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति और पुलिस कर्मियों के लिए नया जाँच भत्ता शामिल हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब साइबर अपराध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दुरुपयोग के मामले पूरे देश में तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

साइबर सेल को मिलेगी AI की ताकत

मुख्यमंत्री यादव ने राज्य साइबर सेल को मजबूत करने के लिए IT सलाहकारों और साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति को हरी झंडी दी। बैठक में 'सेफगार्ड एमपी' नामक AI-आधारित प्लेटफॉर्म को भी स्वीकृति मिली, जिसे विशेष रूप से बुजुर्ग नागरिकों, महिलाओं और अन्य कमज़ोर वर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

पुलिस कर्मियों को मिलेगा नया जाँच भत्ता

अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित जाँच भत्ता पुलिस अधिकारियों को आपराधिक जाँच के दौरान होने वाले व्यावहारिक खर्चों की भरपाई के लिए दिया जाएगा। इसमें अपराध स्थल का दौरा, साक्ष्य संग्रह, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, डिजिटल फोरेंसिक कार्य तथा आरोपी व्यक्तियों, गवाहों और पीड़ितों के लिए परिवहन और भोजन व्यवस्था शामिल होगी। इसके अलावा VVIP ड्यूटी के लिए विशेष भत्ते देने के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई।

पुलिस बल के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना

बैठक में मध्य प्रदेश पुलिस चयन एवं भर्ती बोर्ड की स्थापना, ज़िला स्तरीय अपराध स्थल मोबाइल इकाइयों की तैनाती और ATS, STF तथा हॉक फोर्स को उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं के ज़रिए मज़बूत करने की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी स्तरों के पुलिस कर्मियों को राज्य भर में कानून व्यवस्था बनाए रखने में सतर्कता और सक्रियता बरतने का निर्देश दिया।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का भी जायज़ा लिया गया। मुख्यमंत्री यादव ने दीर्घकालिक योजना पर ज़ोर देते हुए कहा कि इस धार्मिक महाकुंभ के लिए विकसित बुनियादी ढाँचा आयोजन के बाद भी शहर के काम आता रहे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर सहित अनेक पवित्र स्थल हैं, इसलिए सभी व्यवस्थाएँ स्थायी बुनियादी ढाँचे के रूप में विकसित की जानी चाहिए।

सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री यादव ने गृह विभाग की समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा और बजट का विस्तृत ब्यौरा अभी जारी होना शेष है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन होगी। 'सेफगार्ड एमपी' जैसे AI प्लेटफॉर्म तभी प्रभावी होते हैं जब उनके पीछे प्रशिक्षित जनशक्ति और डेटा-गवर्नेंस ढाँचा हो — जिसका अभी कोई विवरण सामने नहीं आया है। जाँच भत्ता एक पुरानी और जायज़ माँग थी, लेकिन यह भ्रष्टाचार-रोधी निगरानी के बिना कागज़ी राहत बन सकती है। साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति की घोषणाएँ राज्यों में पहले भी होती रही हैं, पर पदों का भराव और विशेषज्ञता का स्तर अक्सर घोषणा से कमतर रहता है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'सेफगार्ड एमपी' AI प्लेटफॉर्म क्या है?
'सेफगार्ड एमपी' एक AI-आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है जिसे मध्य प्रदेश सरकार ने बुजुर्ग नागरिकों, महिलाओं और अन्य कमज़ोर वर्गों की सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए मंजूरी दी है। इसे राज्य साइबर सेल के साथ मिलकर संचालित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश पुलिस का नया जाँच भत्ता क्या होगा?
प्रस्तावित जाँच भत्ता पुलिस अधिकारियों को आपराधिक जाँच के दौरान होने वाले खर्चों — जैसे अपराध स्थल का दौरा, साक्ष्य संग्रह, डिजिटल फोरेंसिक, फोटोग्राफी और परिवहन — की भरपाई के लिए दिया जाएगा। इसका विस्तृत ढाँचा अभी जारी होना शेष है।
मध्य प्रदेश साइबर सेल में किन विशेषज्ञों की नियुक्ति होगी?
मुख्यमंत्री यादव ने राज्य साइबर सेल को मज़बूत करने के लिए IT सलाहकारों और साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह कदम साइबर अपराध और AI के दुरुपयोग के बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया गया है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
मुख्यमंत्री यादव ने निर्देश दिया कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए विकसित नियंत्रण कक्ष और अन्य बुनियादी ढाँचा स्थायी प्रकृति का हो, ताकि आयोजन के बाद भी वह शहर के काम आता रहे। उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर सहित कई धार्मिक स्थल होने के कारण यह दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया गया है।
ATS, STF और हॉक फोर्स के लिए क्या योजना है?
बैठक में ATS, STF और हॉक फोर्स को उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं के ज़रिए मज़बूत करने की योजनाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा ज़िला स्तरीय अपराध स्थल मोबाइल इकाइयों की तैनाती का प्रस्ताव भी समीक्षा में शामिल था।
राष्ट्र प्रेस
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