पद्मश्री 2026: मध्य प्रदेश के मोहन नागर और भगवान दास रैकवार सम्मानित, CM यादव ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 जून 2026 को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के द्वितीय चरण में मध्य प्रदेश की दो विभूतियों — मोहन नागर (समाज सेवा) और भगवान दास रैकवार (खेल एवं बुंदेली मार्शल आर्ट, मरणोपरांत) — को पद्मश्री से सम्मानित किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों विभूतियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि समाज सेवा और खेल जगत में दोनों विभूतियों के उल्लेखनीय योगदान ने न केवल मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया है, बल्कि समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया।
समारोह का विवरण
वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार समारोह को राष्ट्रपति भवन में दो चरणों में आयोजित किया गया। प्रथम चरण 25 मई 2026 को संपन्न हुआ, जिसमें मध्य प्रदेश के कैलाश चंद्र पंत (साहित्य और शिक्षा) और डॉ. नारायण व्यास (पुरातत्व) को सम्मान प्राप्त हुआ। द्वितीय चरण में 23 जून को कुल 65 हस्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें मध्य प्रदेश की दो विभूतियाँ भी शामिल रहीं।
भगवान दास रैकवार को मरणोपरांत सम्मान
बुंदेली मार्शल आर्ट को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले भगवान दास रैकवार का 18 अप्रैल 2026 को निधन हो गया था। उनका पद्मश्री सम्मान उनके पुत्र राजकुमार रैकवार ने ग्रहण किया। यह मरणोपरांत सम्मान उनकी विरासत और बुंदेलखंड की सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनके समर्पण को श्रद्धांजलि है।
मध्य प्रदेश से पद्मश्री 2026 के सभी चयनित नाम
भारत सरकार ने 25 जनवरी 2026 को पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिसमें इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कार दिए गए। मध्य प्रदेश से चयनित चार विभूतियाँ हैं — मोहन नागर, कैलाश चंद्र पंत, भगवान दास रैकवार और डॉ. नारायण व्यास। गौरतलब है कि यह प्रदेश के लिए एक वर्ष में चार पद्मश्री सम्मान पाना उल्लेखनीय उपलब्धि है।
आगे की राह
इन सम्मानों से प्रदेश में समाज सेवा, पारंपरिक खेल और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्रों में नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलने की उम्मीद है। बुंदेली मार्शल आर्ट जैसी विलुप्त होती परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिलना इस विधा के संरक्षण के प्रयासों को भी बल देगा।