मुंबई में स्वास्थ्य बीमा के नाम पर साइबर ठगी: गोवंडी पुलिस ने 12 आरोपी दबोचे, ₹17 लाख का सामान जब्त
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की आड़ में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गोवंडी पुलिस ने तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी कर ₹17 लाख से अधिक के डिजिटल उपकरण और सोने के सिक्के बरामद किए।
मामला कैसे सामने आया
यह पूरा प्रकरण तब उजागर हुआ जब एक पीड़ित ने 22 जून को गोवंडी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने खुद को HDFC एर्गो स्वास्थ्य बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया और दावा किया कि वह अपनी मौजूदा बीमा पॉलिसी पर ₹1,53,825 के 'नो क्लेम बोनस' का हकदार है। इस रकम को पाने के लिए पीड़ित को एक विशेष प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया।
ठगी का तरीका
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित का विश्वास जीतकर उसके क्रेडिट कार्ड की संवेदनशील जानकारी हासिल की और ऑनलाइन लेनदेन के ज़रिए उसके खाते से ₹3.43 लाख निकाल लिए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह विशेष रूप से HDFC स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी रखने वाले ग्राहकों को निशाना बनाता था। आरोपी पहले भोले-भाले पॉलिसीधारकों का निजी डेटा और सिम कार्ड हासिल करते थे, फिर उनका उपयोग कर बैंक खातों से रकम उड़ाते थे।
गिरफ्तारी और बरामदगी
कार्रवाई में 12 मुख्य आरोपियों के अलावा डेटा और सिम कार्ड की आपूर्ति करने वाले तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और सोने के सिक्के सहित ₹17 लाख से अधिक का सामान जब्त किया। तीनों फर्जी कॉल सेंटर तत्काल प्रभाव से बंद करा दिए गए हैं।
जांच की स्थिति
पुलिस अभी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है — यह पता लगाने के लिए कि इस ठगी का शिकार कितने लोग हुए हैं और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बीमा से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है।
पुलिस की अपील
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएँ या नज़दीकी पुलिस थाने से संपर्क करें। आगे की जांच जारी है।