14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुंबई में स्वास्थ्य बीमा के नाम पर साइबर ठगी: गोवंडी पुलिस ने 12 आरोपी दबोचे, ₹17 लाख का सामान जब्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुंबई में स्वास्थ्य बीमा के नाम पर साइबर ठगी: गोवंडी पुलिस ने 12 आरोपी दबोचे, ₹17 लाख का सामान जब्त

सारांश

मुंबई की गोवंडी पुलिस ने HDFC एर्गो बीमा के नाम पर ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया — 12 गिरफ्तार, तीन फर्जी कॉल सेंटर बंद, ₹17 लाख का सामान जब्त। पीड़ित से ₹3.43 लाख की ठगी हुई। पुलिस ने नागरिकों से 1930 हेल्पलाइन पर सतर्क रहने की अपील की।

मुख्य बातें

मुंबई की गोवंडी पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य बीमा के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 12 आरोपी गिरफ्तार किए।
आरोपी खुद को HDFC एर्गो स्वास्थ्य बीमा का प्रतिनिधि बताकर पीड़ितों को ₹1,53,825 के 'नो क्लेम बोनस' का लालच देते थे।
एक पीड़ित के खाते से क्रेडिट कार्ड जानकारी चुराकर ₹3.43 लाख की ऑनलाइन ठगी की गई।
तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी में ₹17 लाख से अधिक के कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और सोने के सिक्के बरामद।
डेटा और सिम कार्ड आपूर्तिकर्ता 3 अतिरिक्त आरोपी भी गिरफ्तार; पूरे नेटवर्क की जांच जारी।
साइबर ठगी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने की अपील।

मुंबई पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की आड़ में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गोवंडी पुलिस ने तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी कर ₹17 लाख से अधिक के डिजिटल उपकरण और सोने के सिक्के बरामद किए।

मामला कैसे सामने आया

यह पूरा प्रकरण तब उजागर हुआ जब एक पीड़ित ने 22 जून को गोवंडी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने खुद को HDFC एर्गो स्वास्थ्य बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया और दावा किया कि वह अपनी मौजूदा बीमा पॉलिसी पर ₹1,53,825 के 'नो क्लेम बोनस' का हकदार है। इस रकम को पाने के लिए पीड़ित को एक विशेष प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया।

ठगी का तरीका

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित का विश्वास जीतकर उसके क्रेडिट कार्ड की संवेदनशील जानकारी हासिल की और ऑनलाइन लेनदेन के ज़रिए उसके खाते से ₹3.43 लाख निकाल लिए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह विशेष रूप से HDFC स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी रखने वाले ग्राहकों को निशाना बनाता था। आरोपी पहले भोले-भाले पॉलिसीधारकों का निजी डेटा और सिम कार्ड हासिल करते थे, फिर उनका उपयोग कर बैंक खातों से रकम उड़ाते थे।

गिरफ्तारी और बरामदगी

कार्रवाई में 12 मुख्य आरोपियों के अलावा डेटा और सिम कार्ड की आपूर्ति करने वाले तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और सोने के सिक्के सहित ₹17 लाख से अधिक का सामान जब्त किया। तीनों फर्जी कॉल सेंटर तत्काल प्रभाव से बंद करा दिए गए हैं।

जांच की स्थिति

पुलिस अभी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है — यह पता लगाने के लिए कि इस ठगी का शिकार कितने लोग हुए हैं और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बीमा से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है।

पुलिस की अपील

मुंबई पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएँ या नज़दीकी पुलिस थाने से संपर्क करें। आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे गिरोह नए नाम और नए तरीकों से उभरते रहेंगे।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई स्वास्थ्य बीमा साइबर ठगी मामला क्या है?
मुंबई की गोवंडी पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया जो HDFC एर्गो स्वास्थ्य बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बनकर पॉलिसीधारकों को 'नो क्लेम बोनस' का लालच देता था और उनके क्रेडिट कार्ड से पैसे उड़ाता था। इस कार्रवाई में 12 आरोपी गिरफ्तार किए गए और तीन फर्जी कॉल सेंटर बंद कराए गए।
ठगों ने पीड़ितों को किस तरह निशाना बनाया?
आरोपी पहले HDFC स्वास्थ्य बीमा पॉलिसीधारकों का निजी डेटा और सिम कार्ड हासिल करते थे, फिर उन्हें कॉल कर ₹1,53,825 के 'नो क्लेम बोनस' का झाँसा देते थे। विश्वास जीतने के बाद क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर ऑनलाइन लेनदेन से खाते से रकम निकाल ली जाती थी।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
गोवंडी पुलिस ने तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और सोने के सिक्के सहित ₹17 लाख से अधिक का सामान जब्त किया। 12 मुख्य आरोपियों के अलावा डेटा और सिम कार्ड आपूर्तिकर्ता 3 अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए गए।
साइबर ठगी का शिकार होने पर क्या करें?
मुंबई पुलिस ने अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएँ या नज़दीकी पुलिस थाने से संपर्क करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, रकम वापसी की संभावना उतनी अधिक रहती है।
क्या इस गिरोह से और पीड़ित हो सकते हैं?
पुलिस अभी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोग इस ठगी का शिकार हुए हैं। आरोपियों के पास बड़ी मात्रा में बीमा पॉलिसीधारकों का डेटा मिला है, जिससे संकेत मिलता है कि पीड़ितों की संख्या एक से अधिक हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले