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मुंबई में हेल्थ इंश्योरेंस ठगी के तीन फर्जी कॉल सेंटर ध्वस्त, 12 गिरफ्तार; ₹3.43 लाख की साइबर लूट

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मुंबई में हेल्थ इंश्योरेंस ठगी के तीन फर्जी कॉल सेंटर ध्वस्त, 12 गिरफ्तार; ₹3.43 लाख की साइबर लूट

सारांश

मुंबई पुलिस ने HDFC Ergo का नाम लेकर ठगी करने वाले तीन फर्जी कॉल सेंटर तोड़े — कुर्ला और असल्फा में छापे, 12 गिरफ्तार, 29 कंप्यूटर व 28 ग्राम सोना जब्त। एक पीड़ित से ₹3.43 लाख की ठगी; अन्य राज्यों में भी नेटवर्क फैला होने की आशंका।

मुख्य बातें

मुंबई पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया।
कुल 12 आरोपी गिरफ्तार; छापे कुर्ला पश्चिम (कोहिनूर सिटी मॉल) और असल्फा विलेज (साईं लीलावती निवास) में मारे गए।
एक पीड़ित से ₹3,43,700 की ठगी; आरोपियों ने खुद को HDFC Ergo का कर्मचारी बताकर 'नो क्लेम बोनस' का झाँसा दिया।
बरामदगी में 29 कंप्यूटर , 5 लैपटॉप , 15 मोबाइल फोन , 15 सिम कार्ड , 28.05 ग्राम सोना ; जब्त सामान की कीमत ₹17,18,200 ।
आरोपी ठगी की रकम से ऑनलाइन सोने के सिक्के खरीदते थे; अन्य राज्यों में भी ठगी के संकेत।
साइबर ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करें।

मुंबई पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गोवंडी पुलिस की साइबर टीम ने यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्वी क्षेत्र) धनंजय कुलकर्णी और पुलिस उपायुक्त समीर शेख के मार्गदर्शन में की। गिरोह पर आरोप है कि उसने एक पीड़ित से अकेले ₹3,43,700 की ऑनलाइन ठगी की और अन्य राज्यों के बीमाधारकों को भी निशाना बनाया।

मामले की शुरुआत कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने 22 जून 2026 को गोवंडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों ने खुद को HDFC Ergo हेल्थ पॉलिसी कार्यालय का कर्मचारी बताकर पीड़ित को 'नो क्लेम बोनस' और ₹1,53,825 का लाभ दिलाने का झाँसा दिया। इसी बहाने उन्होंने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड की संवेदनशील जानकारी हासिल कर ₹3,43,700 की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया।

छापेमारी और गिरफ्तारियाँ

शिकायत के आधार पर गोवंडी पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण कर कुर्ला पश्चिम स्थित कोहिनूर सिटी मॉल के एक परिसर में फर्जी कॉल सेंटर का पता लगाया। वहाँ छापेमारी में 6 आरोपी पकड़े गए। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में इन आरोपियों ने डेटा और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले तीन अन्य सहयोगियों की जानकारी दी, जिनकी निशानदेही पर असल्फा विलेज स्थित साईं लीलावती निवास और कोहिनूर मॉल के एक अन्य परिसर में चल रहे दो और फर्जी कॉल सेंटरों पर भी छापा मारा गया।

बरामदगी का ब्यौरा

तीनों ठिकानों से पुलिस ने 29 कंप्यूटर, 5 लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, 3 राउटर, 15 सिम कार्ड, ठगी के लिए तैयार की गई स्क्रिप्ट और 28.05 ग्राम सोना बरामद किया। जब्त सामान की कुल कीमत ₹17,18,200 आँकी गई है। जाँच में सामने आया कि आरोपी ठगी से हासिल क्रेडिट कार्ड जानकारी का उपयोग कर ऑनलाइन सोने के सिक्के और अन्य सामान खरीदते थे — जो रकम को जल्दी नकद में बदलने का तरीका था।

व्यापक नेटवर्क की आशंका

प्रारंभिक जाँच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह केवल मुंबई तक सीमित नहीं था — आरोपी अन्य राज्यों के हेल्थ इंश्योरेंस ग्राहकों को भी इसी पद्धति से ठग चुके हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के पास बीमाधारकों का डेटाबेस था, जो उन्हें किसी तीसरे स्रोत से मिल रहा था। इस डेटा की आपूर्ति-श्रृंखला की जाँच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस की नागरिकों से अपील

मुंबई पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि कोई अज्ञात व्यक्ति खुद को किसी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर पॉलिसी बंद कराने, रिफंड या बोनस दिलाने के बहाने बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड की जानकारी या ओटीपी माँगे, तो कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

खरीदा गया, या किसी इनसाइडर ने बेचा? पुलिस ने डेटा-आपूर्ति श्रृंखला की जाँच का उल्लेख तो किया है, लेकिन बीमा कंपनियों की जवाबदेही पर चुप्पी उल्लेखनीय है। जब तक डेटा के स्रोत पर कार्रवाई नहीं होती, ऐसे गिरोह तोड़ना पानी के रिसाव पर पट्टी लगाने जैसा है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर किस तरह की ठगी हो रही थी?
आरोपी खुद को HDFC Ergo हेल्थ पॉलिसी कार्यालय का कर्मचारी बताकर पीड़ितों को 'नो क्लेम बोनस' और रिफंड का लालच देते थे। इसी बहाने वे क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ऑनलाइन ठगी करते थे और उस रकम से सोने के सिक्के खरीदते थे।
मुंबई पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर कहाँ-कहाँ पकड़े?
पुलिस ने तीन ठिकानों पर छापे मारे — कुर्ला पश्चिम स्थित कोहिनूर सिटी मॉल के दो परिसरों और असल्फा विलेज स्थित साईं लीलावती निवास में। तीनों स्थानों से कॉल सेंटर का पूरा सेटअप जब्त किया गया।
इस मामले में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने 29 कंप्यूटर, 5 लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, 3 राउटर, 15 सिम कार्ड, ठगी की स्क्रिप्ट और 28.05 ग्राम सोना बरामद किया। जब्त सामान की कुल कीमत ₹17,18,200 आँकी गई है।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?
कोई भी अज्ञात व्यक्ति यदि बीमा कंपनी का कर्मचारी बताकर बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड विवरण या ओटीपी माँगे, तो कोई जानकारी साझा न करें। ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
क्या इस गिरोह का नेटवर्क मुंबई के बाहर भी फैला था?
प्रारंभिक जाँच में संकेत मिले हैं कि आरोपी अन्य राज्यों के हेल्थ इंश्योरेंस ग्राहकों को भी निशाना बना चुके हैं। पुलिस गिरोह के व्यापक नेटवर्क और डेटा के स्रोत की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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