नंदीग्राम उपचुनाव: टीएमसी उम्मीदवार एहतेशामुल हक ने अभियान शुरू किया, ममता बनर्जी पर साधा सीधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
नंदीग्राम सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार एहतेशामुल हक ने 25 सितंबर 2026 को अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने स्थानीय निवासियों से और विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात कर समर्थन जुटाया। इसी दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति पर तीखे आरोप लगाए।
अभियान की शुरुआत और समुदाय से अपील
हक ने बताया कि उन्होंने जुमे की नमाज अदा करने के बाद लोगों से दुआ लेकर प्रचार अभियान की शुरुआत की। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उन्हें समर्थन देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने अल्पसंख्यक मतदाताओं से वोट विभाजित न करने और अपनी उम्मीदवारी के पक्ष में एकजुट होने की अपील की।
हक ने यह भी कहा कि वह हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई — सभी समुदायों से समर्थन चाहते हैं और देश को नफरत की दीवारों में बाँटने के विरुद्ध हैं। उनके अनुसार, राष्ट्रीय एकता सभी धर्मों की सामूहिक ताकत में निहित है।
ममता बनर्जी पर आरोप
हक ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक सत्ता में रहीं ममता बनर्जी ने मुस्लिम समुदाय का राजनीतिक इस्तेमाल किया लेकिन विकास के स्तर पर अपेक्षित काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि समुदाय को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, परंतु ज़मीनी हकीकत में बदलाव नहीं आया।
हक के अनुसार, सत्ता के दौरान लोग खुलकर अपनी बात नहीं कर पाते थे, लेकिन अब जनता बेझिझक अपनी राय रख रही है। उन्होंने दावा किया कि 'पश्चिम बंगाल के लोगों ने ममता बनर्जी को अपने दिल से निकाल दिया है।'
मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मुद्दा
हक ने विधानसभा में मुस्लिम उम्मीदवारों के घटते प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2011 में कांग्रेस के साथ सत्ता में आने के समय 70 मुस्लिम उम्मीदवार थे, जो 2016 में घटकर 57 रह गए और बाद में यह संख्या 42 तक आ गई। उनके अनुसार, समुदाय को पार्टी का झंडा उठाने के लिए इस्तेमाल तो किया गया, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व में पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
जिम्मेदारी और जनसंपर्क
नंदीग्राम जैसी ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील सीट से मुस्लिम उम्मीदवार बनाए जाने को हक ने अपने लिए बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन पर भरोसा जताया है और वह व्यक्तिगत रूप से हर मतदाता तक पहुँच रहे हैं।
हक ने तानाशाही की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीति में किसी एक व्यक्ति का प्रभाव हमेशा नहीं चल सकता और बच्चों व युवाओं से प्यार से बात करना ज़रूरी है। यह ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की घोषणा ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
गौरतलब है कि नंदीग्राम वह सीट है जहाँ से 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी स्वयं हार गई थीं, जिससे इस सीट का राजनीतिक महत्व और भी बढ़ गया है। इस उपचुनाव में सभी दलों की प्रतिष्ठा दाँव पर है।