नासा के ISS पर उगी मिर्च: अंतरिक्ष बागवानी से चाँद-मंगल मिशन की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर चल रहे पौधों के प्रयोग की दो विशेष तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें माइक्रोग्रैविटी में उगाई गई मिर्च को दिखाया गया है। ये तस्वीरें प्लांट हैबिटेट-04 प्रयोग का हिस्सा हैं और इनके साथ नासा ने लिखा — 'बागवानी सिर्फ धरती पर ही नहीं होती।' यह पहल भविष्य के दीर्घकालिक मिशनों, विशेषकर चाँद और मंगल यात्राओं की तैयारी का अहम हिस्सा है।
तस्वीरों में क्या दिखा
नासा के आधिकारिक इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई पहली तस्वीर में एक्सपीडेशन-66 के दौरान अंतरिक्ष यात्री थॉमस मार्शबर्न ISS के एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट में उग रही मिर्च का निरीक्षण करते नज़र आते हैं। दूसरी तस्वीर कोलंबस मॉड्यूल के एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट की है, जिसमें लाल-गुलाबी एलईडी रोशनी में मिर्च के पौधे चमकते दिखाई देते हैं।
माइक्रोग्रैविटी में बागवानी की चुनौती
अंतरिक्ष में पौधे उगाना असाधारण रूप से जटिल है। माइक्रोग्रैविटी में पानी बुलबुले बना लेता है, इसलिए विशेष 'प्लांट पिलो' (मिट्टी-आधारित तकिए) का उपयोग किया जाता है, जिनमें पोषक तत्व, पानी और हवा का संतुलित मिश्रण होता है। ऊपर लगी एलईडी लाइट्स पौधों को लाल और नीली रोशनी देती हैं, जिससे पूरा कक्ष गुलाबी-लाल आभा में चमकता है।
वेजी प्रणाली और अब तक की उपलब्धियाँ
नासा ने ISS पर 'वेजी' नामक एक लघु स्पेस गार्डन विकसित किया है — एक कैरी-ऑन बैग के आकार का यह सिस्टम एक साथ 6 पौधे उगाने में सक्षम है। अब तक इसमें लेट्यूस की तीन किस्में, चाइनीज कैबेज, मिजुना सरसों, लाल रशियन केल और जिनिया के फूल सफलतापूर्वक उगाए जा चुके हैं। कुछ सब्जियाँ अंतरिक्ष यात्री खा भी चुके हैं, जबकि कुछ नमूने पृथ्वी पर शोध के लिए भेजे गए हैं।
एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट और भविष्य की योजनाएँ
वेजी के अतिरिक्त नासा एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट प्रणाली पर भी काम करता है, जिसमें 180 से अधिक सेंसर लगे हैं जो पृथ्वी स्थित टीम को निरंतर डेटा भेजते हैं। इस प्रणाली में बौनी गेहूँ और मिर्च का परीक्षण पहले ही हो चुका है। भविष्य में टमाटर, बेरी और अन्य फसलें उगाने की योजना है।
अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर
नासा के अनुसार, पौधे केवल पोषण का स्रोत नहीं हैं — ये अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ताज़ा भोजन, विटामिन और हरियाली उन्हें पृथ्वी से जोड़े रखती है और तनाव कम करती है। दीर्घकालिक मिशनों में ये पौधे रेडिएशन से भी आंशिक सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। यह शोध चाँद और मंगल पर मानव उपस्थिति को टिकाऊ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।