नासा के ISS पर उगी मिर्च: अंतरिक्ष बागवानी से चाँद-मंगल मिशन की तैयारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नासा के ISS पर उगी मिर्च: अंतरिक्ष बागवानी से चाँद-मंगल मिशन की तैयारी

सारांश

नासा के ISS पर माइक्रोग्रैविटी में मिर्च उगाने की तस्वीरें सामने आई हैं। 180+ सेंसर वाला एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट और 'वेजी' सिस्टम मिलकर चाँद-मंगल के दीर्घकालिक मिशनों के लिए अंतरिक्ष में खाद्य उत्पादन की राह खोल रहे हैं।

मुख्य बातें

नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ने ISS पर एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट में उगाई मिर्च की तस्वीरें साझा कीं।
एक्सपीडेशन-66 के अंतरिक्ष यात्री थॉमस मार्शबर्न प्लांट हैबिटेट-04 प्रयोग का हिस्सा रहे।
'वेजी' सिस्टम एक साथ 6 पौधे उगाने में सक्षम; अब तक लेट्यूस, मिजुना, केल और जिनिया सफलतापूर्वक उगाए गए।
एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट में 180 से अधिक सेंसर लगे हैं जो पृथ्वी की टीम को डेटा भेजते हैं।
भविष्य में टमाटर और बेरी उगाने की योजना; पौधे अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य और रेडिएशन सुरक्षा में भी सहायक।

नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर चल रहे पौधों के प्रयोग की दो विशेष तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें माइक्रोग्रैविटी में उगाई गई मिर्च को दिखाया गया है। ये तस्वीरें प्लांट हैबिटेट-04 प्रयोग का हिस्सा हैं और इनके साथ नासा ने लिखा — 'बागवानी सिर्फ धरती पर ही नहीं होती।' यह पहल भविष्य के दीर्घकालिक मिशनों, विशेषकर चाँद और मंगल यात्राओं की तैयारी का अहम हिस्सा है।

तस्वीरों में क्या दिखा

नासा के आधिकारिक इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई पहली तस्वीर में एक्सपीडेशन-66 के दौरान अंतरिक्ष यात्री थॉमस मार्शबर्न ISS के एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट में उग रही मिर्च का निरीक्षण करते नज़र आते हैं। दूसरी तस्वीर कोलंबस मॉड्यूल के एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट की है, जिसमें लाल-गुलाबी एलईडी रोशनी में मिर्च के पौधे चमकते दिखाई देते हैं।

माइक्रोग्रैविटी में बागवानी की चुनौती

अंतरिक्ष में पौधे उगाना असाधारण रूप से जटिल है। माइक्रोग्रैविटी में पानी बुलबुले बना लेता है, इसलिए विशेष 'प्लांट पिलो' (मिट्टी-आधारित तकिए) का उपयोग किया जाता है, जिनमें पोषक तत्व, पानी और हवा का संतुलित मिश्रण होता है। ऊपर लगी एलईडी लाइट्स पौधों को लाल और नीली रोशनी देती हैं, जिससे पूरा कक्ष गुलाबी-लाल आभा में चमकता है।

वेजी प्रणाली और अब तक की उपलब्धियाँ

नासा ने ISS पर 'वेजी' नामक एक लघु स्पेस गार्डन विकसित किया है — एक कैरी-ऑन बैग के आकार का यह सिस्टम एक साथ 6 पौधे उगाने में सक्षम है। अब तक इसमें लेट्यूस की तीन किस्में, चाइनीज कैबेज, मिजुना सरसों, लाल रशियन केल और जिनिया के फूल सफलतापूर्वक उगाए जा चुके हैं। कुछ सब्जियाँ अंतरिक्ष यात्री खा भी चुके हैं, जबकि कुछ नमूने पृथ्वी पर शोध के लिए भेजे गए हैं।

एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट और भविष्य की योजनाएँ

वेजी के अतिरिक्त नासा एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट प्रणाली पर भी काम करता है, जिसमें 180 से अधिक सेंसर लगे हैं जो पृथ्वी स्थित टीम को निरंतर डेटा भेजते हैं। इस प्रणाली में बौनी गेहूँ और मिर्च का परीक्षण पहले ही हो चुका है। भविष्य में टमाटर, बेरी और अन्य फसलें उगाने की योजना है।

अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर

नासा के अनुसार, पौधे केवल पोषण का स्रोत नहीं हैं — ये अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ताज़ा भोजन, विटामिन और हरियाली उन्हें पृथ्वी से जोड़े रखती है और तनाव कम करती है। दीर्घकालिक मिशनों में ये पौधे रेडिएशन से भी आंशिक सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। यह शोध चाँद और मंगल पर मानव उपस्थिति को टिकाऊ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक बड़ी रणनीतिक ज़रूरत है — मंगल तक की यात्रा में वर्षों लगेंगे और पृथ्वी से खाद्य आपूर्ति असंभव होगी। नासा का यह शोध दरअसल यह साबित करने की कोशिश है कि बंद पारिस्थितिकी तंत्र में पोषण संभव है। गौरतलब है कि माइक्रोग्रैविटी में पौधों की वृद्धि, पोषक तत्वों का अवशोषण और फसल की गुणवत्ता पृथ्वी से भिन्न होती है — इसलिए हर सफल प्रयोग डेटा का एक अनमोल टुकड़ा है। सवाल यह है कि क्या यह तकनीक अगले दशक में व्यावहारिक पैमाने पर तैयार हो पाएगी।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासा ने ISS पर मिर्च क्यों उगाई?
नासा ने ISS पर मिर्च को प्लांट हैबिटेट-04 प्रयोग के तहत उगाया, ताकि यह समझा जा सके कि माइक्रोग्रैविटी में पौधे कैसे बढ़ते हैं। यह शोध भविष्य के चाँद और मंगल मिशनों के लिए अंतरिक्ष में खाद्य उत्पादन की तकनीक विकसित करने का हिस्सा है।
नासा का 'वेजी' सिस्टम क्या है?
'वेजी' ISS पर स्थापित एक लघु स्पेस गार्डन है जो कैरी-ऑन बैग के आकार का है और एक साथ 6 पौधे उगा सकता है। इसमें अब तक लेट्यूस, चाइनीज कैबेज, मिजुना सरसों, लाल रशियन केल और जिनिया के फूल सफलतापूर्वक उगाए जा चुके हैं।
माइक्रोग्रैविटी में पौधे उगाना इतना कठिन क्यों है?
माइक्रोग्रैविटी में पानी बुलबुले बना लेता है और सामान्य रूप से मिट्टी में नहीं रहता, इसलिए विशेष 'प्लांट पिलो' उपयोग किए जाते हैं। इनमें पोषक तत्व, पानी और हवा का संतुलन बनाए रखा जाता है और एलईडी लाइट्स से पौधों को आवश्यक लाल-नीली रोशनी दी जाती है।
एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट में कितने सेंसर होते हैं?
एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट में 180 से अधिक सेंसर लगे हैं, जो पृथ्वी पर नासा की टीम को लगातार डेटा भेजते हैं। इस प्रणाली में बौनी गेहूँ और मिर्च का परीक्षण हो चुका है और भविष्य में टमाटर व बेरी उगाने की योजना है।
अंतरिक्ष में पौधे उगाने से अंतरिक्ष यात्रियों को क्या फायदा होता है?
नासा के अनुसार पौधे केवल पोषण का स्रोत नहीं, बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ज़रूरी हैं। ताज़ा भोजन और हरियाली तनाव कम करती है और यात्रियों को पृथ्वी से जोड़े रखती है; दीर्घकालिक मिशनों में ये पौधे रेडिएशन से भी आंशिक सुरक्षा दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले