नैसकॉम ने भारत-ब्रिटेन तकनीकी साझेदारी के लिए UK टेक्नोलॉजी एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया
सारांश
मुख्य बातें
नैसकॉम ने 11 जून 2026 को ब्रिटेन टेक्नोलॉजी एडवाइजरी काउंसिल (TAC) के गठन की घोषणा की, जो ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग के लिए एक रणनीतिक उद्योग सलाहकार निकाय के रूप में कार्य करेगी। इस परिषद का प्राथमिक उद्देश्य भारत-ब्रिटेन तकनीकी सहयोग को नई गति देना और विजन 2035 के लक्ष्यों की पूर्ति में सहयोग करना है।
परिषद के मुख्य उद्देश्य
TAC का केंद्रीय फोकस भारत-ब्रिटेन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर को सुदृढ़ करना होगा। इस पहल के तहत सरकारों के नेतृत्व वाले तकनीकी सुरक्षा कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना, सीमा-पार व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करना तथा प्रतिभा विकास को सशक्त बनाना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, परिषद मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के अंतर्गत द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की दिशा में नीतिगत सिफारिशें प्रदान करेगी। भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को ब्रिटेन की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में स्थापित करना भी इसकी प्राथमिकताओं में है।
द्विपक्षीय व्यापार की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में ब्रिटेन भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है, जबकि भारत ब्रिटेन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। काउंसिल के शुभारंभ के साथ जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की प्रमुख तकनीकी कंपनियाँ ब्रिटेन में 35,000 से अधिक नौकरियों का समर्थन कर रही हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन कंपनियों के स्थानीय कर्मचारियों में से लगभग 62 प्रतिशत लंदन के बाहर कार्यरत हैं। इससे ग्रेटर मैनचेस्टर, साउथ यॉर्कशायर, बर्मिंघम, रीडिंग, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड जैसे क्षेत्रों में डिजिटल क्षमताओं का विकास हो रहा है और ब्रिटेन की क्षेत्रीय विकास नीति को भी मज़बूती मिल रही है।
उच्चायुक्त की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त पेरियासामी कुमारन ने कहा कि तकनीकी सहयोग दोनों देशों के संबंधों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, 'भारतीय आईटी उद्योग ब्रिटेन के बाज़ार के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियाँ पैदा कर रहा है, स्थानीय प्रतिभाओं को विकसित कर रहा है, नवाचार को बढ़ावा दे रहा है और ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। AI में अग्रणी बनने की होड़ में लगी दुनिया में भरोसा कायम करना और सहयोगात्मक नवाचार बेहद महत्वपूर्ण होंगे।'
नैसकॉम का नज़रिया
नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा कि भारत-ब्रिटेन तकनीकी साझेदारी अब केवल व्यावसायिक संबंधों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि, नवाचार और डिजिटल परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्तंभ बन चुकी है। उन्होंने कहा, 'ब्रिटेन टेक्नोलॉजी एडवाइजरी काउंसिल उद्योग और सरकार को एक साझा मंच प्रदान करेगी, जहाँ वे भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर मिलकर काम कर सकेंगे।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और ब्रिटेन के बीच FTA वार्ता को अंतिम रूप देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं। TAC की स्थापना इस बात का संकेत है कि दोनों देश डिजिटल और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को द्विपक्षीय संबंधों की अगली बड़ी धुरी बनाने पर सहमत हैं।