11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या नेशनल हेराल्ड मामला केवल कानूनी प्रक्रिया है, राजनीतिक मुद्दा नहीं? : दिनेश प्रताप सिंह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नेशनल हेराल्ड मामला केवल कानूनी प्रक्रिया है, राजनीतिक मुद्दा नहीं? : दिनेश प्रताप सिंह

सारांश

रायबरेली में यूपी के राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने नेशनल हेराल्ड मामले पर अपनी कानूनी राय दी। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। विपक्ष की राजनीति पर हमला करते हुए, उन्होंने आधार कार्ड और एसआईआर प्रणाली के मुद्दों पर भी चर्चा की।

मुख्य बातें

नेशनल हेराल्ड मामला कानूनी प्रक्रिया है।
विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।
आधार कार्ड का जन्म प्रमाण के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता।
एसआईआर सिस्टम चुनाव सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
सरकार और निर्वाचन आयोग पर जनता का विश्वास होना चाहिए।

रायबरेली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। यूपी के राज्य मंत्री और विधान परिषद के सदस्य दिनेश प्रताप सिंह ने शनिवार को नेशनल हेराल्ड मामले, आधार कार्ड को लेकर जारी सरकारी स्पष्टीकरण और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लागू किए गए एसआईआर सिस्टम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, जबकि ये सभी कदम कानूनी प्रक्रियाओं और देशहित से जुड़े हुए हैं।

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि नेशनल हेराल्ड से जुड़ा मामला पूरी तरह उस दौर का है जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कहा, "यह मामला पीएम मोदी की सरकार बनने से पहले का है। इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह बिल्कुल भी राजनीतिक विषय नहीं है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है, जो निरंतर चलती रहती है।"

उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने 20 साल पहले कोई गलती की है, तो दंड देने की प्रक्रिया अपने समय पर पूरी होती है। जो नेशनल हेराल्ड केस में पूर्व से चल रही प्रक्रिया है, वही पूर्ण हो रही है। यदि कोई दोषी है तो सजा होगी, और यदि नहीं है तो अदालत बरी करेगी। सरकार या राजनीतिक दलों का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है।

मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी सरकार किसी प्रकार का दबाव नहीं बना रही, न ही किसी कार्रवाई को रोक रही है। हमारी संस्थाएं स्वतंत्र हैं, निष्पक्ष काम कर रही हैं। किसी तरह का पक्षपात नहीं हो रहा।

वहीं, आधार कार्ड को लेकर हाल ही में आई गलतफहमियों पर मंत्री ने विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल यह स्पष्ट किया है कि आधार जन्म तिथि या आयु प्रमाण के रूप में मान्य नहीं है। लोगों के बीच भ्रम था कि आधार कार्ड जन्म तिथि का प्रमाण है। सरकार ने केवल स्पष्ट किया है कि यह जन्म के प्रमाण के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, आयु साबित करने के कई प्रमाण पत्र हैं, जिनका उपयोग किया जा सकता है।

दूसरी ओर, "भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लागू किए गए एसआईआर सिस्टम पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह कदम देश की सुरक्षा और चुनाव की पवित्रता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।"

उन्होंने कहा, "एसआईआर भारत और भारतवासियों के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है। मैंने बिहार चुनाव में जनता की नब्ज टटोली है। लोग पूरी तरह चुनाव आयोग के साथ हैं।"

मंत्री ने दावा किया कि नकली वोटरों और घुसपैठियों के कारण चुनाव प्रभावित होते रहे हैं। विदेशी घुसपैठिए नकली मतदाता बनकर चुनाव को प्रभावित करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान करना और उन्हें बाहर निकालना सरकार का कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दल इसलिए नाराज हैं क्योंकि उनका वोट बैंक प्रभावित होता है, चाहे ममता बनर्जी हों, तेजस्वी यादव हों, या अखिलेश यादव। इन दलों का लक्ष्य सिर्फ यह है कि उनका वोट बढ़े। ये दल परिवारवादी हैं, देशहित में काम नहीं करते।

मंत्री ने दावा किया कि एसआईआर को लेकर जनता पूरी तरह सरकार और निर्वाचन आयोग के साथ खड़ी है। यह कदम भारत की सुरक्षा के लिए है। जो घुसपैठ कर चुके हैं उन्हें निकाला जाए और आगे कोई न घुस पाए। यह जनता की भी इच्छा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका राजनीतिकरण करना उचित नहीं है। यह देश के कानूनी ढांचे का हिस्सा है और इसे सही तरीके से निपटाना आवश्यक है। जनता को सरकार और चुनाव आयोग पर विश्वास होना चाहिए, क्योंकि यह देश की सुरक्षा और लोकतंत्र की पवित्रता के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल हेराल्ड मामला क्या है?
नेशनल हेराल्ड मामला एक कानूनी प्रक्रिया है, जो उस समय की है जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
क्या यह मामला राजनीतिक है?
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इसे राजनीतिक मुद्दा मानने से इंकार किया है।
आधार कार्ड को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया गया है?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड जन्म तिथि का प्रमाण नहीं है।
एसआईआर सिस्टम क्या है?
एसआईआर सिस्टम चुनाव की पवित्रता और देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
क्या विपक्ष इस मामले पर राजनीति कर रहा है?
मंत्री का कहना है कि विपक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले