क्या नेशनल हेराल्ड मामला केवल कानूनी प्रक्रिया है, राजनीतिक मुद्दा नहीं? : दिनेश प्रताप सिंह
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रायबरेली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। यूपी के राज्य मंत्री और विधान परिषद के सदस्य दिनेश प्रताप सिंह ने शनिवार को नेशनल हेराल्ड मामले, आधार कार्ड को लेकर जारी सरकारी स्पष्टीकरण और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लागू किए गए एसआईआर सिस्टम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, जबकि ये सभी कदम कानूनी प्रक्रियाओं और देशहित से जुड़े हुए हैं।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि नेशनल हेराल्ड से जुड़ा मामला पूरी तरह उस दौर का है जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कहा, "यह मामला पीएम मोदी की सरकार बनने से पहले का है। इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह बिल्कुल भी राजनीतिक विषय नहीं है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है, जो निरंतर चलती रहती है।"
उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने 20 साल पहले कोई गलती की है, तो दंड देने की प्रक्रिया अपने समय पर पूरी होती है। जो नेशनल हेराल्ड केस में पूर्व से चल रही प्रक्रिया है, वही पूर्ण हो रही है। यदि कोई दोषी है तो सजा होगी, और यदि नहीं है तो अदालत बरी करेगी। सरकार या राजनीतिक दलों का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है।
मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी सरकार किसी प्रकार का दबाव नहीं बना रही, न ही किसी कार्रवाई को रोक रही है। हमारी संस्थाएं स्वतंत्र हैं, निष्पक्ष काम कर रही हैं। किसी तरह का पक्षपात नहीं हो रहा।
वहीं, आधार कार्ड को लेकर हाल ही में आई गलतफहमियों पर मंत्री ने विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल यह स्पष्ट किया है कि आधार जन्म तिथि या आयु प्रमाण के रूप में मान्य नहीं है। लोगों के बीच भ्रम था कि आधार कार्ड जन्म तिथि का प्रमाण है। सरकार ने केवल स्पष्ट किया है कि यह जन्म के प्रमाण के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, आयु साबित करने के कई प्रमाण पत्र हैं, जिनका उपयोग किया जा सकता है।
दूसरी ओर, "भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लागू किए गए एसआईआर सिस्टम पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह कदम देश की सुरक्षा और चुनाव की पवित्रता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने कहा, "एसआईआर भारत और भारतवासियों के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है। मैंने बिहार चुनाव में जनता की नब्ज टटोली है। लोग पूरी तरह चुनाव आयोग के साथ हैं।"
मंत्री ने दावा किया कि नकली वोटरों और घुसपैठियों के कारण चुनाव प्रभावित होते रहे हैं। विदेशी घुसपैठिए नकली मतदाता बनकर चुनाव को प्रभावित करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान करना और उन्हें बाहर निकालना सरकार का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दल इसलिए नाराज हैं क्योंकि उनका वोट बैंक प्रभावित होता है, चाहे ममता बनर्जी हों, तेजस्वी यादव हों, या अखिलेश यादव। इन दलों का लक्ष्य सिर्फ यह है कि उनका वोट बढ़े। ये दल परिवारवादी हैं, देशहित में काम नहीं करते।
मंत्री ने दावा किया कि एसआईआर को लेकर जनता पूरी तरह सरकार और निर्वाचन आयोग के साथ खड़ी है। यह कदम भारत की सुरक्षा के लिए है। जो घुसपैठ कर चुके हैं उन्हें निकाला जाए और आगे कोई न घुस पाए। यह जनता की भी इच्छा है।