गोल्ड मेडलिस्ट 'एक्टिंग' से बॉलीवुड के स्टार बने नवीन निश्चल
सारांश
Key Takeaways
- नवीन निश्चल का जन्म १८ मार्च १९४६ को लाहौर में हुआ।
- उन्होंने एफटीआईआई से गोल्ड मेडल जीता।
- उनकी पहली फिल्म 'सावन भादो' थी।
- उन्हें कई हिट टीवी शो में भी काम किया।
- उनका निधन १९ मार्च २०११ को हुआ।
मुंबई, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। १९७० के दशक में हिंदी सिनेमा में नए कलाकारों की बाढ़ आई, लेकिन उनमें से कुछ ने अपनी शिक्षा और मेहनत से एक विशिष्ट पहचान बनाई। ऐसे ही एक अभिनेता थे, नवीन निश्चल, जिन्होंने न केवल फिल्म और अभिनय में अपनी प्रतिभा दिखाई, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी काबिलियत साबित की।
उन्होंने अपने अभिनय की यात्रा की शुरुआत फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) से की, जहाँ उन्होंने टॉपर बनकर गोल्ड मेडल जीता। इस उपलब्धि ने उनके करियर की नींव को इतना मजबूत बना दिया कि वे रातों-रात स्टार बन गए।
नवीन निश्चल का जन्म १८ मार्च १९४६ को पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। बचपन से ही उनकी पढ़ाई और कला के प्रति गहरी रुचि थी। उनके परिवार ने उनकी शिक्षा पर खास ध्यान दिया और उन्होंने बेंगलुरु के मिलिट्री स्कूल से पढ़ाई की। अभिनय का जुनून उन्हें मुंबई ले आया, जहाँ उनके पिता के मित्र और फिल्म निर्माता मोहन सहगल ने उन्हें पुणे स्थित फिल्म संस्थान से अभिनय सीखने की सलाह दी। नवीन ने एफटीआईआई में दाखिला लिया और अपनी मेहनत से गोल्ड मेडल जीता।
उनकी पहली फिल्म 'सावन भादो' (१९७०) थी, जिसमें उनके साथ रेखा थीं। यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और इसने नवीन को रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद उनके पास फिल्मों की लंबी कतार लग गई। उन्होंने 'विक्टोरिया नंबर 203', 'बुड्ढा मिल गया', 'धुंध', 'हंसते जख्म' और 'परवाना' जैसी कई यादगार फिल्में कीं। इन फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने बहुत सराहा।
हालांकि, उनके करियर में उतार-चढ़ाव भी आए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेट पर उनका व्यवहार और नखरे कभी-कभी निर्माताओं के साथ तनाव पैदा कर देते थे। लेकिन उन्होंने कभी भी कला के प्रति अपने जुनून को नहीं छोड़ा। इसी कारण उन्होंने टीवी की दुनिया में कदम रखा और कई हिट टीवी शो किए। इनमें सबसे लोकप्रिय 'देख भाई देख' था, साथ ही उन्होंने 'आशीर्वाद' और 'फरमान' जैसे शो में भी अपनी प्रतिभा दिखाई।
नवीन निश्चल की निजी जिंदगी भी जटिल रही। उनकी पहली शादी नीलू कपूर से हुई, जो अभिनेता देव आनंद की भतीजी थीं। इस शादी से उनकी दो बेटियाँ हुईं- नशाता और नोमिता। लेकिन यह शादी ज्यादा समय तक नहीं चल पाई और उनका तलाक हो गया। बाद में उन्होंने गीतांजलि से दूसरी शादी की, जिसमें कई विवाद आए और मीडिया में खूब चर्चा हुई।
१९ मार्च २०११ को पुणे जाते समय दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनका जाना न केवल उनके परिवार और दोस्तों के लिए दुखद था, बल्कि हिंदी सिनेमा के लिए भी एक बड़ा नुकसान था।