नवी मुंबई: साधना एंटरप्राइज पर खाद्य विभाग की छापेमारी, ₹75 लाख से अधिक का माल जब्त, लाइसेंस रद्द
सारांश
मुख्य बातें
नवी मुंबई के तुर्भे एमआईडीसी इलाके में खाद्य विभाग ने 31 अगस्त को साधना एंटरप्राइज नामक कंपनी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए परिसर से 4,942 कार्टन माल जब्त किया, जिसकी बाज़ार कीमत करीब ₹75 लाख 21 हज़ार बताई जा रही है। कंपनी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है और मालिक तथा उनके साझेदारों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
खाद्य विभाग की टीम ने जब साधना एंटरप्राइज के परिसर में प्रवेश किया, तो वहाँ बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग से छेड़छाड़ का मामला सामने आया। जाँच में पाया गया कि कंपनी में वस्तुओं की रिपैकिंग और री-लेबलिंग की जा रही थी, जिसमें मूल निर्माण तिथि (डेट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग) और एक्सपायरी डेट बदलकर नई तारीखें डाली जा रही थीं। इसके अलावा पैक में मौजूद सामग्री (इंग्रेडिएंट्स) की जानकारी के साथ भी हेरफेर किया जा रहा था।
जब्त माल में आलू चिप्स, कॉर्न स्नैक्स, कुरकुरे, इंस्टेंट नूडल्स, रेडी-टू-ईट पनीर टिक्का, दम आलू, रसोई पनीर भुर्जी, रसोई दाल मखनी, मेयोनीज़ तथा थम्सअप और लिंक जैसे कोल्ड ड्रिंक्स शामिल हैं। इनकी री-पैकेजिंग के बाद इन्हें बाज़ार में दोबारा आपूर्ति किए जाने का आरोप है।
एक्सपायर्ड और बिना लेबल का माल भी मिला
जाँच के दौरान करीब ₹30 हज़ार कीमत का ऐसा माल भी बरामद हुआ, जिस पर अनिवार्य लेबल या तो अनुपस्थित था या जिसकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मिलावटी और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर उपभोक्ता संरक्षण एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।
कानूनी कार्रवाई
खाद्य विभाग ने साधना एंटरप्राइज के मालिक और उनके साझेदारों के खिलाफ तुर्भे एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। गौरतलब है कि खाद्य अपमिश्रण और पैकेजिंग में हेरफेर के मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत कड़ी सज़ा का प्रावधान है।
खाद्य विभाग की चेतावनी
खाद्य विभाग ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बिना किसी ढील के कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें इस तरह की किसी गतिविधि की जानकारी मिले, तो वे तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ। आने वाले दिनों में विभाग की ओर से इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।