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ड्रग तस्करी पर NCB प्रमुख अनुराग गर्ग की CM फडणवीस से मुलाकात, महाराष्ट्र में कार्रवाई होगी तेज

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ड्रग तस्करी पर NCB प्रमुख अनुराग गर्ग की CM फडणवीस से मुलाकात, महाराष्ट्र में कार्रवाई होगी तेज

सारांश

NCB महानिदेशक अनुराग गर्ग की CM फडणवीस से मुंबई में हुई मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट नहीं — यह दिसंबर 2029 के नशा-मुक्त भारत लक्ष्य की ओर महाराष्ट्र को अग्रिम मोर्चे पर रखने की रणनीतिक कोशिश है, जिसमें केंद्र-राज्य समन्वय और भारत-अमेरिका सहयोग दोनों की भूमिका अहम है।

मुख्य बातें

NCB महानिदेशक अनुराग गर्ग ने मुंबई में CM देवेंद्र फडणवीस से ड्रग तस्करी-रोधी रणनीति पर चर्चा की।
केंद्र सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2029 तक देश को नशा-मुक्त बनाना; महाराष्ट्र को 'अग्रणी राज्य' बताया गया।
गृह मंत्रालय की 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच' के तहत सभी विभागों को एकजुट करने की योजना।
6 अगस्त 2026 को NCB ने भारत-अमेरिका CNWG पिलर I बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की।
NCB ने 27 देशों से द्विपक्षीय समझौते और 19 देशों से MOU के ज़रिये अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत किया है।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और राज्य में ड्रग तस्करी एवं वितरण के खिलाफ अभियान को और धार देने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक केंद्र सरकार के उस व्यापक लक्ष्य के तहत हुई, जिसमें दिसंबर 2029 तक देश को नशा-मुक्त बनाने की समय-सीमा तय की गई है।

बैठक में क्या हुई चर्चा

NCB अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि बैठक में गृह मंत्रालय द्वारा 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच' — यानी सरकार के सभी विभागों के एकजुट होकर काम करने की रणनीति — के अंतर्गत उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से विचार किया गया। महाराष्ट्र में चल रही मौजूदा कोशिशों और भविष्य के एक्शन प्लान पर भी सहमति बनाई गई।

NCB ने कहा, 'नशा-मुक्त महाराष्ट्र बनाने के इस देशव्यापी मिशन में राज्य सबसे आगे है।' यह बयान महाराष्ट्र को उस रणनीतिक भूमिका में रेखांकित करता है, जो देश के सबसे बड़े बंदरगाह और वित्तीय केंद्र के रूप में ड्रग नेटवर्क के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र बना देती है।

भारत-अमेरिका सहयोग की पृष्ठभूमि

इस मुलाकात से पहले, 6 अगस्त 2026 को NCB ने हाइब्रिड फॉर्मेट में भारत-अमेरिका काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप (CNWG) — पिलर I की बैठक आयोजित की थी, जिसमें दोनों देशों की प्रमुख एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

भारतीय पक्ष से NCB, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN), डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI), सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO), विदेश मंत्रालय (MEA), राजस्व विभाग और रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे। अमेरिकी दल में ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA), LEGAT, ऑफिस ऑफ नेशनल ड्रग कंट्रोल पॉलिसी (ONDCP) और अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी शामिल रहे।

उस बैठक में ऑपरेशनल सहयोग, प्रीकर्सर केमिकल्स — अर्थात नशीली दवाओं के निर्माण में उपयोग होने वाले रसायनों — के दुरुपयोग पर रोक, नीति समन्वय और क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी गई।

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर NCB की सक्रियता

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, NCB ने 27 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौतों और 19 देशों के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ड्रग नियंत्रण सहयोग को सुदृढ़ किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत, म्यांमार, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर और अमेरिका जैसे देशों के साथ डायरेक्टर जनरल स्तर पर नियमित द्विपक्षीय संवाद जारी है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के तटीय मार्गों से नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएँ राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। CM फडणवीस और NCB प्रमुख के बीच हुई यह उच्चस्तरीय बैठक राज्य और केंद्र के बीच समन्वय को एक नई गति देने का प्रयास है। आने वाले हफ्तों में ठोस एक्शन प्लान सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच' कागज़ों से निकलकर ज़मीन पर कब उतरेगी। महाराष्ट्र को 'अग्रणी राज्य' घोषित करना प्रतीकात्मक रूप से सशक्त है, मगर राज्य के तटीय मार्ग और मुंबई बंदरगाह वर्षों से तस्करी नेटवर्क के लिए प्रवेश-द्वार बने हुए हैं। भारत-अमेरिका CNWG जैसी बहुपक्षीय संरचनाएँ सहयोग की नींव रखती हैं, पर जब तक राज्य पुलिस, सीमा शुल्क और NCB के बीच रियल-टाइम डेटा-साझाकरण व्यवस्था नहीं बनती, बड़े ऐलान बड़े नतीजे नहीं दे सकते।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCB प्रमुख अनुराग गर्ग और CM फडणवीस की बैठक में क्या तय हुआ?
बैठक में महाराष्ट्र में ड्रग तस्करी और वितरण के खिलाफ 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच' के तहत केंद्र व राज्य की संयुक्त कार्ययोजना पर चर्चा हुई। दिसंबर 2029 तक देश को नशा-मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आगामी एक्शन प्लान की रूपरेखा तय की गई।
नशा-मुक्त भारत 2029 का लक्ष्य क्या है?
केंद्र सरकार ने दिसंबर 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसे गृह मंत्रालय की अगुआई में 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच' के ज़रिये हासिल करने की योजना है। इसमें सभी केंद्रीय और राज्य एजेंसियों का समन्वय शामिल है।
भारत-अमेरिका CNWG बैठक कब और किस उद्देश्य से हुई?
भारत-अमेरिका काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप (CNWG) पिलर I की बैठक 6 अगस्त 2026 को NCB द्वारा हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ऑपरेशनल सहयोग मजबूत करना, प्रीकर्सर केमिकल्स के दुरुपयोग पर रोक लगाना और नीति समन्वय को बेहतर बनाना था।
NCB ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितने देशों के साथ ड्रग नियंत्रण समझौते किए हैं?
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, NCB ने 27 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते और 19 देशों के साथ MOU किए हैं। भारत, म्यांमार, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर और अमेरिका के साथ डायरेक्टर जनरल स्तर पर नियमित द्विपक्षीय संवाद जारी है।
महाराष्ट्र को नशा-मुक्त अभियान में 'अग्रणी राज्य' क्यों कहा जा रहा है?
NCB के अनुसार, नशा-मुक्त भारत के देशव्यापी मिशन में महाराष्ट्र सबसे आगे है। मुंबई देश का प्रमुख बंदरगाह और वित्तीय केंद्र होने के कारण ड्रग नेटवर्क के लिए संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए राज्य की भूमिका इस अभियान में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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