NCW का पश्चिम बंगाल के लिए महिला सशक्तिकरण रोडमैप: स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक विकास पर 'नारी नेतृत्व' रिपोर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 6 अगस्त 2026 को कोलकाता के बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'नारी नेतृत्व, उन्नत बांग्ला' सम्मेलन के आधार पर पश्चिम बंगाल में महिलाओं के विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक विस्तृत सिफारिश रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री मालती रावा रॉय को विचार एवं कार्यान्वयन के लिए भेजी गई है।
सम्मेलन और भागीदारी
इस सम्मेलन में नीति निर्माताओं, प्रशासकों, कानूनी विशेषज्ञों, स्वास्थ्य पेशेवरों, शिक्षाविदों, उद्यमियों, कलाकारों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों सहित 120 से अधिक हितधारक एकत्रित हुए। विचार-विमर्श तीन परस्पर जुड़ी प्राथमिकताओं पर केंद्रित रहा — महिलाओं का स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण; शिक्षा, कला, साहित्य और संस्कृति में नेतृत्व; तथा उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण। गौरतलब है कि यह बंगाल पर NCW का इस पैमाने का पहला व्यापक नीति-रोडमैप है।
स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण
रिपोर्ट में मातृ एवं निवारक स्वास्थ्य देखभाल तक पहुँच बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जिसमें आयरन सप्लीमेंट, कैंसर से उबर रही महिलाओं के लिए सहायता, मोबाइल स्वास्थ्य शिविर, नेत्र देखभाल और चाय बागान में कार्यरत महिलाओं के लिए टीकाकरण शामिल हैं। उन परिवारों के लिए जिनके पास स्वास्थ्य बीमा नहीं है, ₹5 लाख का महिला-पंजीकृत पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा कार्ड शुरू करने की अनुशंसा की गई है। घरेलू हिंसा पीड़ितों के लिए वन स्टॉप सेंटर को मजबूत करना, समुदाय-आधारित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र और गोपनीयता-सुरक्षित किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक की स्थापना भी सिफारिशों में शामिल है।
इसके अतिरिक्त, ग्रामीण निदान में सुधार के लिए ग्राम स्तर पर नमूना संग्रह केंद्र, वायरोलॉजी प्रयोगशाला क्षमता विस्तार और 'उपचार से पहले परीक्षण' दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की बात कही गई है। ग्रामीण उत्तर बंगाल सहित संवेदनशील क्षेत्रों में एनीमिया, बाल विवाह और मातृ मृत्यु दर जैसी गंभीर समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी गई है। निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) समेत प्रौद्योगिकी के उपयोग और एक समग्र महिला कल्याण सूचकांक विकसित करने की भी सिफारिश है।
शिक्षा, कला, साहित्य और संस्कृति में महिला नेतृत्व
रिपोर्ट में स्थानीय विरासत, लोकगीतों और पारंपरिक कला रूपों को विद्यालय व महाविद्यालय पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा भवाइया गायकों सहित लोक कलाकारों को अधिक समर्थन देने की अनुशंसा की गई है। गौड़ीय नृत्य को शास्त्रीय नृत्य शैली के रूप में मान्यता देने पर विचार करने और नाचनी नर्तकियों की आजीविका में सुधार तथा नर्तकियों के लिए चिकित्सा बीमा की बात भी रखी गई है। फिल्म एवं अन्य रचनात्मक उद्योगों में प्रवेश करने वाली महिलाओं के लिए सशुल्क इंटर्नशिप, संरचित प्रशिक्षण और सुरक्षित कार्यस्थल समर्थन विकसित करने की भी अपील की गई है। महिला लेखकों और कम प्रतिनिधित्व वाली आवाज़ों को मंच देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण
स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए संस्थागत ऋण में सुधार, सहकारी समितियों को मजबूत बनाना और डिजिटल साक्षरता तथा कौशल प्रशिक्षण को विशेष रूप से दूरस्थ व सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुँचाना — ये सिफारिशें आर्थिक सशक्तिकरण खंड की धुरी हैं। मौजूदा महिला विकास योजनाओं को एक समन्वित कार्यक्रम में समेकित करने, स्ट्रीट फूड वेंडिंग लाइसेंसिंग को सरल बनाने और पंचायती राज संस्थाओं में महिला किसानों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की बात भी है। रिपोर्ट उत्तर बंगाल के लिए एक समर्पित महिला विकास मिशन की स्थापना पर भी विचार करने का सुझाव देती है। निजी क्षेत्र में कार्य-घंटे की समीक्षा और दैनिक वेतनभोगी व संविदा कर्मचारियों को अवकाश लाभ देने की अनुशंसा भी शामिल है।
आगे की राह
NCW ने स्पष्ट किया है कि 'नारी नेतृत्व, उन्नत बांग्ला' से उभरी सिफारिशें पश्चिम बंगाल में महिला-नेतृत्व वाले विकास को मापने योग्य परिणामों में बदलने के लिए समन्वित नीतिगत कार्रवाई, पर्याप्त संसाधनों और मजबूत निगरानी की माँग करती हैं। आयोग ने कहा कि वह इन सिफारिशों के प्रभावी कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार और सभी हितधारकों के साथ निरंतर संपर्क में रहेगा।