9 व्यापार समझौतों से अरुणाचल प्रदेश के किसानों-उद्योगों को वैश्विक बाज़ार: पीयूष गोयल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 7 अगस्त 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपन्न 9 नए व्यापार समझौतों से अरुणाचल प्रदेश के किसानों, धातु उत्पादकों और विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक बाज़ारों तक सीधी पहुँच मिलेगी। मंत्री के अनुसार, इन समझौतों से पूर्वोत्तर के इस सीमावर्ती राज्य के निर्यात और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
किन देशों से हुए हैं ये समझौते
गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि इन 9 व्यापार समझौतों में ब्रिटेन, न्यूज़ीलैंड, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA), संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और ओमान सहित कई प्रमुख देश शामिल हैं। ये समझौते हाल के वर्षों में भारत की बहुआयामी व्यापार कूटनीति का परिणाम हैं।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को सबसे बड़ा लाभ
गोयल ने कहा कि इन समझौतों का सर्वाधिक फायदा किसानों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को होगा। अरुणाचल प्रदेश के कृषि उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ अब अधिक समृद्ध अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँच सकेंगे, जिससे राज्य के कृषि निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि बेस मेटल उत्पादकों को वैश्विक बाज़ारों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
विनिर्माण और ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र पर असर
मंत्री के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र को कम आयात-निर्यात शुल्क और व्यापक निर्यात अवसरों का लाभ मिलेगा। ऑटो कंपोनेंट्स और ब्रेक लाइनिंग्स जैसे उत्पाद, जो अब तक घरेलू बाज़ारों तक सीमित थे, शुल्क बाधाओं में कमी आने से अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में प्रवेश कर सकेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में औद्योगिक आधारभूत संरचना के विस्तार पर केंद्र सरकार का विशेष ज़ोर है।
इको-टूरिज्म और रोज़गार के नए अवसर
गोयल ने बताया कि केवल वस्तुओं का निर्यात ही नहीं, बल्कि राज्य का इको-टूरिज्म सेक्टर भी इन समझौतों से लाभान्वित होगा। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के कारण अरुणाचल प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि खेती, विनिर्माण और संबद्ध क्षेत्रों में कार्यरत लोगों तक रोज़गार, आय और निवेश के नए अवसर सीधे पहुँचेंगे।
विकसित भारत में अरुणाचल की भूमिका
गोयल ने विश्वास जताया कि वैश्विक व्यापार में गहरे जुड़ाव के बल पर अरुणाचल प्रदेश 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने में और अधिक महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की प्राकृतिक संपदा, कृषि क्षमता और उभरते उद्योग आने वाले वर्षों में उसकी आर्थिक प्रगति के प्रमुख स्तंभ बन सकते हैं। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा चीन और म्यांमार से लगती है, और इस राज्य का आर्थिक सशक्तिकरण रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।