7 अगस्त 2026
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9 व्यापार समझौतों से अरुणाचल प्रदेश के किसानों-उद्योगों को वैश्विक बाज़ार: पीयूष गोयल

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9 व्यापार समझौतों से अरुणाचल प्रदेश के किसानों-उद्योगों को वैश्विक बाज़ार: पीयूष गोयल

सारांश

मोदी सरकार के 9 व्यापार समझौते अब पूर्वोत्तर तक पहुँचे — वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिटेन, UAE, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों से हुए इन समझौतों से अरुणाचल प्रदेश के किसान, धातु उत्पादक और विनिर्माता वैश्विक बाज़ार में सीधे उतर सकेंगे। इको-टूरिज्म से रोज़गार तक — दांव बड़ा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 7 अगस्त 2026 को कहा कि 9 नए व्यापार समझौतों से अरुणाचल प्रदेश को सीधा लाभ मिलेगा।
समझौते ब्रिटेन, न्यूज़ीलैंड, EFTA, UAE, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और ओमान सहित कई देशों के साथ हुए हैं।
किसानों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सर्वाधिक लाभ; कृषि निर्यात में वृद्धि की उम्मीद।
ऑटो कंपोनेंट्स और ब्रेक लाइनिंग्स जैसे उत्पाद अब विदेशी बाज़ारों में प्रवेश कर सकेंगे।
इको-टूरिज्म क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने और रोज़गार-निवेश के नए अवसर खुलने की संभावना।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 7 अगस्त 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपन्न 9 नए व्यापार समझौतों से अरुणाचल प्रदेश के किसानों, धातु उत्पादकों और विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक बाज़ारों तक सीधी पहुँच मिलेगी। मंत्री के अनुसार, इन समझौतों से पूर्वोत्तर के इस सीमावर्ती राज्य के निर्यात और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

किन देशों से हुए हैं ये समझौते

गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि इन 9 व्यापार समझौतों में ब्रिटेन, न्यूज़ीलैंड, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA), संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और ओमान सहित कई प्रमुख देश शामिल हैं। ये समझौते हाल के वर्षों में भारत की बहुआयामी व्यापार कूटनीति का परिणाम हैं।

कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को सबसे बड़ा लाभ

गोयल ने कहा कि इन समझौतों का सर्वाधिक फायदा किसानों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को होगा। अरुणाचल प्रदेश के कृषि उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ अब अधिक समृद्ध अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँच सकेंगे, जिससे राज्य के कृषि निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि बेस मेटल उत्पादकों को वैश्विक बाज़ारों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।

विनिर्माण और ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र पर असर

मंत्री के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र को कम आयात-निर्यात शुल्क और व्यापक निर्यात अवसरों का लाभ मिलेगा। ऑटो कंपोनेंट्स और ब्रेक लाइनिंग्स जैसे उत्पाद, जो अब तक घरेलू बाज़ारों तक सीमित थे, शुल्क बाधाओं में कमी आने से अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में प्रवेश कर सकेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में औद्योगिक आधारभूत संरचना के विस्तार पर केंद्र सरकार का विशेष ज़ोर है।

इको-टूरिज्म और रोज़गार के नए अवसर

गोयल ने बताया कि केवल वस्तुओं का निर्यात ही नहीं, बल्कि राज्य का इको-टूरिज्म सेक्टर भी इन समझौतों से लाभान्वित होगा। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के कारण अरुणाचल प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि खेती, विनिर्माण और संबद्ध क्षेत्रों में कार्यरत लोगों तक रोज़गार, आय और निवेश के नए अवसर सीधे पहुँचेंगे।

विकसित भारत में अरुणाचल की भूमिका

गोयल ने विश्वास जताया कि वैश्विक व्यापार में गहरे जुड़ाव के बल पर अरुणाचल प्रदेश 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने में और अधिक महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की प्राकृतिक संपदा, कृषि क्षमता और उभरते उद्योग आने वाले वर्षों में उसकी आर्थिक प्रगति के प्रमुख स्तंभ बन सकते हैं। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा चीन और म्यांमार से लगती है, और इस राज्य का आर्थिक सशक्तिकरण रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पूर्वोत्तर में BJP की पकड़ को और मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा लगता है। लेकिन असली सवाल यह है कि इन समझौतों के लाभ ज़मीनी स्तर तक कब और कैसे पहुँचेंगे — राज्य में बुनियादी ढाँचे की कमी, कनेक्टिविटी की चुनौतियाँ और सीमित प्रसंस्करण क्षमता अभी भी बड़ी बाधाएँ हैं। इससे पहले भी पूर्वोत्तर के लिए कई नीतिगत घोषणाएँ हुई हैं, पर क्रियान्वयन की गति धीमी रही है। जब तक राज्य-स्तरीय निर्यात तंत्र और लॉजिस्टिक्स नहीं सुधरते, वैश्विक बाज़ार तक पहुँच का यह वादा कागज़ी ही रह सकता है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने अरुणाचल प्रदेश के लिए किन 9 व्यापार समझौतों का ज़िक्र किया?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिटेन, न्यूज़ीलैंड, EFTA, UAE, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और ओमान सहित कई देशों के साथ हुए 9 व्यापार समझौतों का उल्लेख किया। उनके अनुसार ये समझौते हाल के वर्षों में मोदी सरकार के नेतृत्व में संपन्न हुए हैं।
इन व्यापार समझौतों से अरुणाचल प्रदेश के किसानों को क्या फायदा होगा?
गोयल के अनुसार, राज्य के कृषि उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ अब बड़े अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँच सकेंगे, जिससे कृषि निर्यात में वृद्धि की संभावना है। शुल्क बाधाओं में कमी आने से किसानों को बेहतर मूल्य और व्यापक बाज़ार उपलब्ध होंगे।
अरुणाचल प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को इन समझौतों से कैसे लाभ मिलेगा?
विनिर्माण क्षेत्र को कम आयात-निर्यात शुल्क और व्यापक निर्यात अवसरों का फायदा मिलेगा। ऑटो कंपोनेंट्स और ब्रेक लाइनिंग्स जैसे उत्पाद, जो पहले घरेलू बाज़ारों तक सीमित थे, अब विदेशी बाज़ारों में प्रवेश कर सकेंगे।
क्या इन समझौतों से अरुणाचल प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र भी प्रभावित होगा?
हाँ, गोयल ने कहा कि बढ़ते अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के चलते अरुणाचल प्रदेश के इको-टूरिज्म सेक्टर में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे राज्य में रोज़गार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
'विकसित भारत' लक्ष्य में अरुणाचल प्रदेश की क्या भूमिका होगी?
गोयल ने विश्वास जताया कि वैश्विक व्यापार में गहरे जुड़ाव से अरुणाचल प्रदेश 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने में अहम योगदान देगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, कृषि क्षमता और उभरते उद्योग इसके आर्थिक विकास के मुख्य आधार बनेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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