2 अगस्त 2026
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9 एफटीए से पश्चिम बंगाल के चाय, मत्स्य और हस्तशिल्प क्षेत्र को बड़ा फायदा: पीयूष गोयल

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9 एफटीए से पश्चिम बंगाल के चाय, मत्स्य और हस्तशिल्प क्षेत्र को बड़ा फायदा: पीयूष गोयल

सारांश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि मोदी सरकार के 9 एफटीए पश्चिम बंगाल के चाय उत्पादकों, मछुआरों और हस्तशिल्प कारीगरों के लिए नए निर्यात बाज़ार खोलेंगे। साथ ही राज्य में 42 से अधिक उद्योगपतियों ने निवेश की इच्छा जताई है और नीति आयोग दीर्घकालिक औद्योगिक ब्लूप्रिंट पर काम कर रहा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 2 अगस्त को कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में हुए 9 एफटीए से पश्चिम बंगाल को बड़ा लाभ होगा।
एफटीए से चाय उत्पादकों , मछुआरों , हस्तशिल्प कारीगरों तथा राज्य के युवाओं और महिलाओं को अधिक अवसर मिलने की उम्मीद।
राज्य सरकार के सूत्र के अनुसार, 42 से अधिक उद्योगपतियों ने मंत्री तापस रॉय से संपर्क कर पश्चिम बंगाल में निवेश की इच्छा जताई।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिरी के नेतृत्व में राज्य के लिए दीर्घकालिक औद्योगिक ब्लूप्रिंट तैयार करने का काम शुरू।
बजट सत्र में औद्योगिक निवेश से जुड़ी कई घोषणाएँ संभव, सुवेंदु अधिकारी सरकार ने औद्योगिक विकास की प्रतिबद्धता जताई।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार, 2 अगस्त को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपन्न हुए नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (एफटीए) से पश्चिम बंगाल के प्रमुख क्षेत्रों को ठोस आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक बेहतर पहुँच से राज्य के निर्यात और रोज़गार दोनों को नई गति मिलेगी।

मुख्य घोषणाएँ

गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई पोस्ट में कहा कि इन व्यापार समझौतों से चाय उत्पादकों, मछुआरों और पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों के साथ-साथ राज्य के युवाओं और महिलाओं को अधिक अवसर मिलेंगे। उनके अनुसार, इन एफटीए से उत्पादन में वृद्धि, निर्यात का विस्तार और टिकाऊ रोज़गार के नए द्वार खुलेंगे।

गोयल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए 9 अहम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से पश्चिम बंगाल को काफी फायदा होगा।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि व्यापार समझौतों से मिलने वाले लाभ 'विकसित भारत' के विज़न को आगे बढ़ाने में भी सहायक होंगे।

पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था पर असर

पश्चिम बंगाल भारत का प्रमुख चाय उत्पादक राज्य है और इसकी मत्स्य पालन तथा हस्तशिल्प अर्थव्यवस्था लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है। एफटीए के ज़रिए विकसित देशों के बाज़ारों में शुल्क-मुक्त या रियायती प्रवेश मिलने से इन क्षेत्रों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की उम्मीद है।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। राज्य सरकार के एक सूत्र के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत में कम से कम 42 उद्योगपतियों ने राज्य के वाणिज्य और उद्योग मंत्री तापस रॉय से संपर्क कर पश्चिम बंगाल में निवेश की इच्छा जताई है। मंत्री ने उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

निवेश और नीतिगत पृष्ठभूमि

सूत्र के अनुसार, राज्य विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र के दौरान औद्योगिक निवेश से जुड़ी कई घोषणाएँ संभव हैं। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद केंद्र ने नीति आयोग से राज्य की अर्थव्यवस्था और उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए एक दीर्घकालिक ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा था।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिरी के नेतृत्व में यह कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सरकार ने भी राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में विकास सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है।

क्या होगा आगे

एफटीए के लाभों का वास्तविक असर निर्यात आँकड़ों और रोज़गार सृजन में कब और किस हद तक दिखेगा, यह क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि चाय और हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में एफटीए का लाभ तभी मिलेगा जब गुणवत्ता मानकों और आपूर्ति श्रृंखला को भी मज़बूत किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि चाय और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्र — जो पहले से ही प्रतिस्पर्धात्मक दबाव में हैं — इन समझौतों का लाभ उठाने के लिए कितने तैयार हैं। 42 उद्योगपतियों की रुचि उत्साहजनक है, लेकिन 'इच्छा जताना' और 'वास्तविक निवेश' के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने पश्चिम बंगाल के लिए किन 9 एफटीए का ज़िक्र किया?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपन्न हुए नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (एफटीए) का उल्लेख किया, जिनसे पश्चिम बंगाल को विकसित अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक बेहतर पहुँच मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के निर्यात और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
पश्चिम बंगाल के किन क्षेत्रों को एफटीए से सबसे अधिक फायदा होगा?
गोयल के अनुसार, चाय उत्पादन, मत्स्य पालन और पारंपरिक हस्तशिल्प क्षेत्र सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। इसके अलावा राज्य के युवाओं और महिलाओं के लिए भी नए रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश की क्या स्थिति है?
राज्य सरकार के एक सूत्र के अनुसार, इस वर्ष कम से कम 42 उद्योगपतियों ने राज्य के वाणिज्य मंत्री तापस रॉय से संपर्क कर निवेश की इच्छा जताई है। बजट सत्र के दौरान औद्योगिक निवेश से जुड़ी घोषणाएँ संभव बताई जा रही हैं।
नीति आयोग पश्चिम बंगाल के लिए क्या कर रहा है?
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिरी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था और उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए एक दीर्घकालिक ब्लूप्रिंट तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। यह पहल BJP के राज्य में सत्ता में आने के बाद केंद्र के निर्देश पर शुरू की गई थी।
'विकसित भारत' विज़न से पश्चिम बंगाल का क्या संबंध है?
केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि एफटीए से मिलने वाले व्यापारिक लाभ पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के साथ-साथ केंद्र सरकार के 'विकसित भारत' के व्यापक विज़न को भी आगे बढ़ाएंगे। उत्पादन वृद्धि, निर्यात विस्तार और टिकाऊ रोज़गार सृजन इस लक्ष्य के मुख्य स्तंभ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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