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श्रावणी मेला 2025: नित्यानंद राय ने बांका में कांवड़ियों की सेवा की, बोले- 'सेवा ही शिव की सच्ची साधना'

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श्रावणी मेला 2025: नित्यानंद राय ने बांका में कांवड़ियों की सेवा की, बोले- 'सेवा ही शिव की सच्ची साधना'

सारांश

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने श्रावणी मेले के दौरान बांका के कटोरिया में कांवड़ियों की सेवा कर यह संदेश दिया कि राजनीतिक पद से ऊपर उठकर सामाजिक सेवा ही सच्ची भक्ति है — और बिहार की सनातन सेवा भावना आज भी जीवंत है।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने 9 अगस्त को बांका जिले के कटोरिया स्थित सेवा शिविर में कांवड़ियों की सेवा की।
बोल बम सेवा समिति द्वारा कांवरिया पथ पर आयोजित शिविर में दर्जनों कांवड़िया भक्तों से मुलाकात की गई।
राय ने कहा कि 'सेवा ही भगवान शिव की सच्ची साधना है' और श्रावणी मेला सामाजिक सहभागिता का भी पर्व है।
उन्होंने कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन व सामाजिक संगठनों की संयुक्त भूमिका की सराहना की।
बाबा बैद्यनाथ से देश और बिहार की प्रगति के लिए प्रार्थना की।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने 9 अगस्त को बांका जिले के कटोरिया स्थित टोना पाथर पर बोल बम सेवा समिति के सेवा शिविर में पहुँचकर श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ के कांवड़िया भक्तों की सेवा की। उन्होंने स्वयं कांवड़ियों को सुविधाएँ प्रदान कीं और सेवा कार्य में जुटे स्वयंसेवकों का उत्साह बढ़ाया।

मुख्य घटनाक्रम

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय कांवरिया पथ पर बोल बम सेवा समिति द्वारा आयोजित शिविर में पहुँचे और दर्जनों कांवड़ियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने शिविर में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया और सेवारत कार्यकर्ताओं की सराहना की।

राय ने क्या कहा

इस अवसर पर नित्यानंद राय ने कहा कि श्रावणी मेला केवल आस्था और भक्ति का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता का भी पर्व है। उन्होंने कहा, 'देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लाखों शिवभक्तों की सेवा करना स्वयं में पुण्य का कार्य है — सेवा ही भगवान शिव की सच्ची साधना है।'

उन्होंने बोल बम सेवा समिति के कार्यकर्ताओं की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि गर्मी, बारिश और कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं की सेवा में दिन-रात समर्पित ये स्वयंसेवक बिहार की सेवा भावना और सनातन संस्कृति की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ उनकी सुविधा और सुरक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की सक्रिय सहभागिता से कांवड़ पथ पर सेवा अभियान और अधिक प्रभावी बन रहा है।

बिहार और देश के लिए प्रार्थना

नित्यानंद राय ने बाबा बैद्यनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करें तथा बिहार और देश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएँ। यह ऐसे समय में आया है जब श्रावणी मेले में देशभर से लाखों शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर कांवड़ यात्रा कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस मंच का उपयोग जन-संपर्क के लिए करना भाजपा की व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखता है। हालाँकि, सेवा की यह तस्वीर तब और विश्वसनीय बनेगी जब कांवड़ मार्गों पर बुनियादी ढाँचे, चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार भी दिखें — केवल एक दिन की उपस्थिति से परे।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नित्यानंद राय ने बांका में कांवड़ियों की सेवा कब और कहाँ की?
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने 9 अगस्त को बांका जिले के कटोरिया स्थित टोना पाथर पर बोल बम सेवा समिति के शिविर में कांवड़ियों की सेवा की। यह शिविर श्रावणी मेले के दौरान कांवरिया पथ पर आयोजित किया गया था।
बोल बम सेवा समिति क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
बोल बम सेवा समिति बिहार के बांका जिले में कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए सक्रिय एक स्वयंसेवी संगठन है। यह समिति श्रावणी मेले के दौरान कांवरिया पथ पर सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को सुविधाएँ और सहायता प्रदान करती है।
नित्यानंद राय ने सेवा शिविर में क्या संदेश दिया?
राय ने कहा कि सेवा ही भगवान शिव की सच्ची साधना है और श्रावणी मेला केवल आस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता और समर्पण का भी पर्व है। उन्होंने स्वयंसेवकों की प्रशंसा करते हुए इसे बिहार की सेवा भावना और सनातन संस्कृति का प्रतीक बताया।
कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर राय ने क्या कहा?
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ उनकी सुविधा और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रशासन और सामाजिक संगठनों की संयुक्त सहभागिता से कांवड़ पथ पर सेवा अभियान और अधिक प्रभावी हो रहा है।
श्रावणी मेला बिहार में क्यों महत्वपूर्ण है?
श्रावणी मेला बिहार के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम से जुड़ी एक प्रमुख धार्मिक परंपरा है, जिसमें देशभर से लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा कर जलाभिषेक करते हैं। यह मेला सनातन आस्था, सामाजिक एकता और सेवा भावना का प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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