नोएडा बिल्डर विवाद: मंत्री नंद गोपाल नंदी ने दिए सख्त निर्देश, 57 परियोजनाओं की समीक्षा में डिफॉल्टरों पर कार्रवाई के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने 19 मई 2026 को नोएडा में बिल्डर-बॉयर विवादों के त्वरित निपटारे और वर्षों से अधूरे पड़े आवासीय प्रोजेक्टों को प्राथमिकता से पूरा कराने के कड़े निर्देश जारी किए। पिकअप भवन सभागार में आयोजित नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NIDA) की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लैट खरीदारों की खून-पसीने की कमाई को फंसाने वाले बिल्डरों के विरुद्ध बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में क्या सामने आया
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 57 परियोजनाएँ सरकार की पुनर्जीवन नीति के दायरे में आती हैं। इनमें से 36 बिल्डरों ने निर्धारित 25 प्रतिशत धनराशि जमा कर दी है, जबकि 6 बिल्डरों ने अब तक एक भी रुपया नहीं चुकाया। मंत्री नंदी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि जिन लोगों ने फ्लैट मिलने के बावजूद रजिस्ट्री न होने के कारण किराये के मकानों में रहना पड़ रहा है, उनके साथ यह अन्याय अब और नहीं चलेगा।
उन्होंने सनसाइन इंफ्रा, महागुन, अंतरिक्ष डेवलपर और परफेक्ट एसोटेक समेत कई बिल्डरों पर तत्काल सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही 5 प्रतिशत प्लॉट बैकलॉग को तीन महीने के भीतर समाप्त करने का निर्देश भी दिया गया।
अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू करने का आदेश
मंत्री नंदी ने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को शत-प्रतिशत लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेज़ी लाई जाए और वर्षों से अधूरे पड़े प्रोजेक्टों को तत्काल पुनर्जीवित किया जाए। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हजारों खरीदार वर्षों से अपने फ्लैट की चाबी और रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं।
सिंगल बिड अलॉटमेंट और भ्रष्टाचार पर जाँच के निर्देश
समीक्षा बैठक में मंत्री ने सिंगल बिड के ज़रिए किए जा रहे अलॉटमेंट पर गंभीर सवाल उठाए और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से एक ही फर्म को जल आपूर्ति और सार्वजनिक शौचालय रखरखाव का कार्य दिए जाने की शिकायतें गंभीर हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। पिछले वर्षों में जारी सभी RFP (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) की भी जाँच कराने का आदेश दिया गया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
नोएडा को विश्वस्तरीय शहर बनाने का संकल्प
मंत्री नंदी ने नोएडा के सभी 168 सेक्टरों में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने और लापरवाही पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हॉर्टिकल्चर विभाग पर हर वर्ष खर्च होने वाली ₹170 करोड़ की राशि का असर जमीन पर दिखना चाहिए। एंट्री प्वाइंट, सड़कों के किनारे और औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण अनिवार्य किया गया।
उन्होंने अवैध कब्जों और अवैध निर्माण पर भी चिंता जताई और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि नोएडा को उत्तर प्रदेश का 'मुकुट' बताते हुए मंत्री ने शहर को स्वच्छ, हरा-भरा और विश्वस्तरीय बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
आगे क्या होगा
डिफॉल्टर बिल्डरों के विरुद्ध औपचारिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। सिंगल बिड अलॉटमेंट और RFP की जाँच रिपोर्ट जल्द तलब की जाएगी। फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री में तेजी और 5 प्रतिशत प्लॉट बैकलॉग को तीन माह में समाप्त करने की समयसीमा अधिकारियों के लिए बड़ी परीक्षा होगी।